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सामूहिक स्तर पर धर्म परिवर्तन की दी चेतावनी
Updated Tue, 22 May 2018 02:36 PM IST
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कठुआ। बुधवार और वीरवार लगातार दो दिन की प्रशासनिक कार्रवाई और तनावपूर्ण माहौल के बाद शुक्रवार को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के प्रदेश अध्यक्ष सोमराज मजोत्रा ने कहा कि यदि एक माह के अंदर गुरु नाभादास का मंदिर नहीं बना और दलितों पर अत्याचार बंद नहीं हुए तो वे सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन का निर्णय ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने जिले में एकमात्र दलित समाज के मंदिर का निर्माण नहीं होने दिया, जो एक सोची-समझी चाल है। मजोत्रा ने वीरवार शाम को हुई झड़प और तनावपूर्ण स्थिति के लिए सीधे तौर पर जिला उपायुक्त को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि दलितों पर अत्याचार नहीं रुके तो कठुआ दूसरा कश्मीर बनेगा।
उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारी मान चुके थे कि न तो आगे निर्माण होगा और न ही जो निर्माण हो गया है, उसे तोड़ा जाएगा, लेकिन डीसी ने हस्तक्षेप कर लोगों को भड़काया। बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि डीसी की ओर से तैयार किए गए कुछ लोगों ने ही पथराव शुरू किया, जिससे वहां मौजूद महिलाओं को भी चोट आई है। उन्होंने दो अन्य लोगों पर भी पथराव करवाने का आरोप लगाया है। मजोत्रा ने कहा कि कठुआ में गुरु नाभादास का एक ही धर्म स्थान था, जहां 17-18 साल से लोग आते रहे हैं। 20 साल पहले इसका शिलान्यास किया गया था। निर्माण को लेकर 14 मई को तहसीलदार का नोटिस भी दिया गया।
उन्होंने कहा कि बिरादरी चुनाव को लेकर वे जम्मू में बैठक में गए थे। बाद में पता चला कि ढांचा तोड़ दिया गया। कालीबड़ी तालाब पर कोई मसला नहीं था, वहां काम शुरू कर चैलेंज किया। डीसी ने कहा कि विधायक बनना है, तो भाजपा में शामिल हो जाओ। ऐसे में हम लोग मजबूर हो गए हैं। मजोत्रा ने कहा कि यदि गुरु नाभादास का मंदिर बनाने का हक नहीं, तो हम हिंदू समाज छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे और धर्म परिवर्तन कर दूसरे धर्म में जाएंगे, जहां इज्जत मान-सम्मान का ध्यान रखा जाए। मजोत्रा ने कहा कि उन्होंने लगभग 250 परिवारों को इसाई धर्म में जाने से रोका था, लेकिन अब लगता है कि यह शायद उनकी सबसे बड़ी भूल थी। बसपा राज्य अध्यक्ष ने कहा कि वे बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर और कांशीराम की सोच को बढ़ाने व लोगों को जगाने के लिए निकले हैं। मजोत्रा ने राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से डीसी को स्थानांतरित करने की मांग की है।
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उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन के अन्य अधिकारी मान चुके थे कि न तो आगे निर्माण होगा और न ही जो निर्माण हो गया है, उसे तोड़ा जाएगा, लेकिन डीसी ने हस्तक्षेप कर लोगों को भड़काया। बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि डीसी की ओर से तैयार किए गए कुछ लोगों ने ही पथराव शुरू किया, जिससे वहां मौजूद महिलाओं को भी चोट आई है। उन्होंने दो अन्य लोगों पर भी पथराव करवाने का आरोप लगाया है। मजोत्रा ने कहा कि कठुआ में गुरु नाभादास का एक ही धर्म स्थान था, जहां 17-18 साल से लोग आते रहे हैं। 20 साल पहले इसका शिलान्यास किया गया था। निर्माण को लेकर 14 मई को तहसीलदार का नोटिस भी दिया गया।
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उन्होंने कहा कि बिरादरी चुनाव को लेकर वे जम्मू में बैठक में गए थे। बाद में पता चला कि ढांचा तोड़ दिया गया। कालीबड़ी तालाब पर कोई मसला नहीं था, वहां काम शुरू कर चैलेंज किया। डीसी ने कहा कि विधायक बनना है, तो भाजपा में शामिल हो जाओ। ऐसे में हम लोग मजबूर हो गए हैं। मजोत्रा ने कहा कि यदि गुरु नाभादास का मंदिर बनाने का हक नहीं, तो हम हिंदू समाज छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे और धर्म परिवर्तन कर दूसरे धर्म में जाएंगे, जहां इज्जत मान-सम्मान का ध्यान रखा जाए। मजोत्रा ने कहा कि उन्होंने लगभग 250 परिवारों को इसाई धर्म में जाने से रोका था, लेकिन अब लगता है कि यह शायद उनकी सबसे बड़ी भूल थी। बसपा राज्य अध्यक्ष ने कहा कि वे बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर और कांशीराम की सोच को बढ़ाने व लोगों को जगाने के लिए निकले हैं। मजोत्रा ने राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती से डीसी को स्थानांतरित करने की मांग की है।
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