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Kathua News: खौफ में बीती रात, अभी डर बरकरार
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बिलावर। कोहग में हुए आतंकी हमले के दूसरे दिन रविवार को धनु परोल इलाके और आसपास से सटे गांवों के लोग डरे और सहमे हुए हैं। उनकी शनिवार की रात भी खौफ में बीती और आतंकियों के इलाके में रहने की आशंका से अब डर और भी बढ़ गया है।
कोहग निवासी ताराचंद, लाहड़ी निवासी बोधराज, अश्विनी कुमार, दलिया निवासी ओमकार और कडेतर निवासी अशोक कुमार ने बताया कि शनिवार की शाम को इलाके में मुठभेड़ हुई। गोलियों की गूंज से बच्चे तक घरों में डर सहमकर बैठे रहे। इलाके में रात के समय पूरी तरह से अंधेरा था। सुरक्षा कर्मियों ने इलाके में घेराबंदी की हुई है। उसके बावजूद इलाके की 10000 से अधिक आबादी के दिलों में डर का माहौल बना हुआ है। लोगों ने कहा कि उन्हें सुरक्षा एजेंसियों पर पूरा भरोसा है और सुरक्षा एजेंसियां आतंकवादियों की तलाश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इलाके में इतना दहशत का माहौल है कि लोगों ने दिन के समय में भी अपने घरों से निकलना छोड़ दिया है। लोगों ने कहा कि ज्यादातर इलाका जंगल से सटा हुआ है, इसलिए लोग अपने घरों से निकलने से परहेज कर रहे हैं। लोगों ने बताया कि ज्यादातर इलाके के लोग पशुपालक हैं और अक्सर अपने मवेशियों को लेकर दिन के समय जंगलों की तरफ जाते हैं। लोगों ने कहा कि जब तक आतंकवादियों का सफाया नहीं हो जाता, तब तक उनके दिलों में दहशत बनी रहेगी। ज्ञात रहे कि आठ जुलाई में बदनोता इलाके में हुई आतंकी वारदात के बाद दूर दराज क्षेत्र में आतंकवादियों ने घटना को फिर अंजाम दिया है, जिसमें जम्मू कश्मीर पुलिस के एक हवलदार ने शहादत पाई है और एक डीएसपी और एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर बुरी तरह से घायल हो गए हैं। लोगों ने मांग की है कि पहाड़ी इलाके के ग्रामीण क्षेत्रों में जल्द से जल्द सेना की तैनाती की जाए।
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कोहग निवासी ताराचंद, लाहड़ी निवासी बोधराज, अश्विनी कुमार, दलिया निवासी ओमकार और कडेतर निवासी अशोक कुमार ने बताया कि शनिवार की शाम को इलाके में मुठभेड़ हुई। गोलियों की गूंज से बच्चे तक घरों में डर सहमकर बैठे रहे। इलाके में रात के समय पूरी तरह से अंधेरा था। सुरक्षा कर्मियों ने इलाके में घेराबंदी की हुई है। उसके बावजूद इलाके की 10000 से अधिक आबादी के दिलों में डर का माहौल बना हुआ है। लोगों ने कहा कि उन्हें सुरक्षा एजेंसियों पर पूरा भरोसा है और सुरक्षा एजेंसियां आतंकवादियों की तलाश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इलाके में इतना दहशत का माहौल है कि लोगों ने दिन के समय में भी अपने घरों से निकलना छोड़ दिया है। लोगों ने कहा कि ज्यादातर इलाका जंगल से सटा हुआ है, इसलिए लोग अपने घरों से निकलने से परहेज कर रहे हैं। लोगों ने बताया कि ज्यादातर इलाके के लोग पशुपालक हैं और अक्सर अपने मवेशियों को लेकर दिन के समय जंगलों की तरफ जाते हैं। लोगों ने कहा कि जब तक आतंकवादियों का सफाया नहीं हो जाता, तब तक उनके दिलों में दहशत बनी रहेगी। ज्ञात रहे कि आठ जुलाई में बदनोता इलाके में हुई आतंकी वारदात के बाद दूर दराज क्षेत्र में आतंकवादियों ने घटना को फिर अंजाम दिया है, जिसमें जम्मू कश्मीर पुलिस के एक हवलदार ने शहादत पाई है और एक डीएसपी और एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर बुरी तरह से घायल हो गए हैं। लोगों ने मांग की है कि पहाड़ी इलाके के ग्रामीण क्षेत्रों में जल्द से जल्द सेना की तैनाती की जाए।
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