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Kathua News: रात में मर गई गाय, रेबीज फैलने की आशंका में अस्पताल पहुंचा परिवार

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Cow dies overnight, family rushes to hospital fearing rabies outbreak
घर पर पली गाय के मर जाने के बाद 15 सदस्यों ने लगाए एंटी रेबीज इंजेक्शन
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पशु चिकित्सक ने रेबीज से संक्रमित होने की जताई थी आशंका, दूध पीने के बाद हुए भयभीत

अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। घरेलू गाय के मरने पर आशंकित परिवार के सदस्य सोमवार को मेडिकल कॉलेज अस्पताल जम्मू पहुंच गए। पशु चिकित्सक ने गाय के मरने की वजह रेबीज बताया था और गाय के मरने से पहले पूरे परिवार ने दूध पी लिया था।

घटना शहर के कुंजवानी में सित सरीट कैंप की है। आनन-फानन मेडिकल काॅलेज पहुंचे परिवार के मुखिया सहित सभी ने बारी-बारी से एंटी रेबीज केंद्र पर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाए। सरीट कैंप निवासी अमित चौधरी ने बताया कि रात में उनकी गाय मर गई, उसे कोई बीमारी नहीं थी। सुबह पशु चिकित्सक को दिखाया तो उनकी तरफ से गाय को रेबीज संक्रमण होने की आशंका जताई गई। इससे परिवार के लोग घबरा गए। सभी ने रात में ही दूध का सेवन किया था, इसमें छोटे बच्चे भी शामिल थे। किसी तरह भी परिवार के सदस्य रेबीज संक्रमण की चपेट में न आ जाएं इसके लिए सभी ने एंटी रेबीज की डोज संबंधित स्टॉफ से लगवा ली।
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दूध को उबालकर पीने से नहीं होता रेबीज
सेंटर की प्रभारी कम्युनिटी मेडिसिन सीनियर रेजीडेंट डाॅक्टर टसविंदर कौर ने बताया कि दूध पीने से रेबीज का खतरा नहीं होता, क्योंकि दूध काफी अधिक तापमान पर उबाल कर पिया जाता है। यह वायरस परिवार के सदस्यों के बीच गाय को चारा डालते समय, उसके पास जाने पर शरीर में प्रवेश कर सकता है। इस मामले में भी यही रहा होगा।
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रोजाना करीब 100 लोगों को लगाई जा रही एंटी रेबीज डोज
यहां मेडिकल कालेज में रोजाना एंटी रेबीज केंद्र पर 100 से अधिक लोग कुत्तों के काटने के बाद डोज लगवाने पहुंच रहे हैं। इसमें 40 प्रतिशत से अधिक मामले फॉलोअप से जुड़े हैं। एक बार कुत्ता काटने के बाद किसी प्रभावित व्यक्ति को चार बार एंटी रेबीज की डोज लगवानी पड़ती है।
रेजीडेंट डाक्टर का कहना था कि रोजाना 100 लोग ओपीडी में कुत्तों के काटने के आ रहे हैं। इनमें 40 प्रतिशत मामले ऐसे हैं जिनको दूसरी या तीसरी या चौथी डोज लगाई जा रही है। मेडिकल कालेज में एंटी रेबीज की पर्याप्त इंजेक्शन उपलब्ध हैं।

कुत्तों के काटने के मामले लगातार शहर में बढ़ते जा रहे हैं, हालांकि इससे निपटने के लिए एंटी रेबीज इंजेक्शन मेडिकल कालेज व अन्य उप जिला चिकित्सालयों में उपलब्ध कराए गए हैं।
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