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Kathua News: रास्ता रोकने, धमकाने और नुकसान पहुंचाने के दो आरोपियों को सशर्त जमानत
Fri, 30 May 2025 01:53 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Fri, 30 May 2025 01:53 AM IST
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कठुआ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने महिला का रास्ता रोक कर उसे धमकाने और प्रताड़ित के मामले में दो आरोपियों को न्यायालय ने सशर्त जमानत दी है। आदेश के अनुसार, दोनों आवेदक एक महीने की अंतरिम जमानत के दौरान पूछताछ की लिए हमेशा उपलब्ध रहे हैं और अपराधों की गंभीरता भी ऐसी नहीं है कि वे न्याय की राह से भाग जाएं। कोर्ट ने आरोपियों को निर्देश दिया कि वे जांच में सहयोग करेंगे और तथ्यों से परिचित किसी व्यक्ति को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई प्रलोभन, धमकी या वादा देकर प्रभावित नहीं करेंगे।
कोर्ट में जमानत के लिए दायर आवेदन के अनुसार नजीर दीन निवासी घाटी और मरीद दीन निवासी सक्ता चक कठुआ पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता का रास्ता रोककर उसे चोट पहुंचाने के साथ महिला को शारीरिक, मानसिक और मनोवैज्ञानिक प्रताड़ना दी है।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 126(2)/115(2)/74/351(2)/352 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की गई। पुलिस से गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए दोनों आरोपियों को पहले ही एक महीने की अंतरिम जमानत कोर्ट से मिल चुकी है।
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अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने पर दोनों आरोपियों ने कोर्ट के समक्ष अंतरिम जमानत बढ़ाने के लिए आवेदन किया था। इसके बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को नियमित जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकील ने कहा कि उनके मुव्वकिल निर्दोष हैं। पुलिस ने जानबूझ कर उन्हें झूठे मामलों में फंसाया है। लिहाजा इन्हें नियमित जमानत दी जाए और वे कोर्ट की सभी शर्तों को मानने के लिए तैयार हैं।
इसका अभियोजन पक्ष की ओर से विरोध किया गया। कहा कि आरोपियों का आपराधिक कृत्य सभ्य समाज के मूल सिद्धांतों और महिलाओं के खिलाफ है। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि न्याय करने वाली एजेंसियों का यह कर्तव्य है कि वे इस प्रकार के मामलों से सख्ती से निपटें। दोनों पक्षों को सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को सशर्त जमानत देने का निर्देश दिया।
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कोर्ट में जमानत के लिए दायर आवेदन के अनुसार नजीर दीन निवासी घाटी और मरीद दीन निवासी सक्ता चक कठुआ पर आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता का रास्ता रोककर उसे चोट पहुंचाने के साथ महिला को शारीरिक, मानसिक और मनोवैज्ञानिक प्रताड़ना दी है।
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शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 126(2)/115(2)/74/351(2)/352 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की गई। पुलिस से गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए दोनों आरोपियों को पहले ही एक महीने की अंतरिम जमानत कोर्ट से मिल चुकी है।
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अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने पर दोनों आरोपियों ने कोर्ट के समक्ष अंतरिम जमानत बढ़ाने के लिए आवेदन किया था। इसके बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को नियमित जमानत के लिए आवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकील ने कहा कि उनके मुव्वकिल निर्दोष हैं। पुलिस ने जानबूझ कर उन्हें झूठे मामलों में फंसाया है। लिहाजा इन्हें नियमित जमानत दी जाए और वे कोर्ट की सभी शर्तों को मानने के लिए तैयार हैं।
इसका अभियोजन पक्ष की ओर से विरोध किया गया। कहा कि आरोपियों का आपराधिक कृत्य सभ्य समाज के मूल सिद्धांतों और महिलाओं के खिलाफ है। अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि न्याय करने वाली एजेंसियों का यह कर्तव्य है कि वे इस प्रकार के मामलों से सख्ती से निपटें। दोनों पक्षों को सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने दोनों आरोपियों को सशर्त जमानत देने का निर्देश दिया।