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पेन डाउन स्ट्राइक पर रहे लिपिक
अमर उजाला/कठुआ
Updated Fri, 20 May 2016 01:49 AM IST
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हड़ताल
- फोटो : demo
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पांचवे वेतन आयोग की वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर वीरवार को जिला के आल डिपार्टमेंट क्लरिकलस्टाफ सदस्यों ने पेन डाउन स्ट्राइक की। बाबुओं ने पहले अपने कार्यालयों में काम बंद रखा और उसके बाद बाढ़ नियंत्रण विभाग कार्यालय परिसर में बैठकर सरकार के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया।
बाबुओं ने कहा कि हर बार वह जब भी सरकार से वेतन बढ़ाने या फिर बकाया वेतन जारी करने की मांग करते हैं तो सरकार की ओर से आश्वासन मिलता है कि जल्द ही मांगें पूरी कर दी जाएंगी। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि उनको दिया जा रहा वेतन इस महंगाई के दौरान आम जीवन जीने के लिए पर्याप्त नहीं है।
वर्ष 2007 से उनका वेतन नहीं बढ़ाया गया है और न ही वेतन विसंगतियों को दूर किया गया है। जबकि उनके साथ अन्य सभी काडर के कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर कर उन्हें लाभ दिया गया। उन्होंने कहा कि हर बार जब विधानसभा में विधायकाें और विधान परिषद में एमएलसी का वेतन बढ़ाया जाता है तो मेज थपथपाकर उसका स्वागत किया जाता है।
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कभी विधायकों या फिर राजनेताओं ने क्लर्कों के बारे में कोई विचार किया। धरने में शामिल गुलाम सावर, सुरेंद्र मेहता आदि ने कहा कि पिछले कई वर्षों से उनके वेतन में बढ़ोतरी नहीं की गई और न ही उन्हें कोई अतिरिक्त लाभ दिया गया। माननीय अपने वेतन और खर्चे में बढ़ोतरी करने में कभी पीछे नहीं हटते हैं।
कभी भी इन राजनेताओं और विधायकों ने कर्मचारियों के वेतन बढ़ोतरी के लिए कोई प्रयास नहीं किया। इसके चलते ही उन्हें हड़ताल करनी पड़ रही है। ऐसे में यदि सरकार उनकी मांग पूरी नहीं करती है तो वे उग्र रुख अपनाने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इस मौके पर जगदीश सिंह, अनिल सिंह, शिव कुमार, किशोरी लाल आदि उपस्थित रहे।
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बाबुओं ने कहा कि हर बार वह जब भी सरकार से वेतन बढ़ाने या फिर बकाया वेतन जारी करने की मांग करते हैं तो सरकार की ओर से आश्वासन मिलता है कि जल्द ही मांगें पूरी कर दी जाएंगी। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि उनको दिया जा रहा वेतन इस महंगाई के दौरान आम जीवन जीने के लिए पर्याप्त नहीं है।
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वर्ष 2007 से उनका वेतन नहीं बढ़ाया गया है और न ही वेतन विसंगतियों को दूर किया गया है। जबकि उनके साथ अन्य सभी काडर के कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर कर उन्हें लाभ दिया गया। उन्होंने कहा कि हर बार जब विधानसभा में विधायकाें और विधान परिषद में एमएलसी का वेतन बढ़ाया जाता है तो मेज थपथपाकर उसका स्वागत किया जाता है।
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कभी विधायकों या फिर राजनेताओं ने क्लर्कों के बारे में कोई विचार किया। धरने में शामिल गुलाम सावर, सुरेंद्र मेहता आदि ने कहा कि पिछले कई वर्षों से उनके वेतन में बढ़ोतरी नहीं की गई और न ही उन्हें कोई अतिरिक्त लाभ दिया गया। माननीय अपने वेतन और खर्चे में बढ़ोतरी करने में कभी पीछे नहीं हटते हैं।
कभी भी इन राजनेताओं और विधायकों ने कर्मचारियों के वेतन बढ़ोतरी के लिए कोई प्रयास नहीं किया। इसके चलते ही उन्हें हड़ताल करनी पड़ रही है। ऐसे में यदि सरकार उनकी मांग पूरी नहीं करती है तो वे उग्र रुख अपनाने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इस मौके पर जगदीश सिंह, अनिल सिंह, शिव कुमार, किशोरी लाल आदि उपस्थित रहे।