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Kathua News: अर्धनिर्मित इमारतों में चल रहीं विद्यार्थियों की कक्षाएं
Tue, 08 Jul 2025 01:13 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Tue, 08 Jul 2025 01:13 AM IST
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हायर सेकेंडरी स्कूल कान्हा चक की निर्माणाधीन इमारत। संवाद
बरसात में आती हैं मुश्किलें, पिछले पांच सालों से अधर में लटक रहा है निर्माणकार्य
वर्तमान में प्रत्येक स्कूल में चार से पांच कमरे ही उपलब्ध
कठुआ। बरसात का मौसम अपने उफान पर है। आगामी 16 जून से ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूल खुलने जा रहे हैं। ऐसे में जिले के तीन स्कूल प्रशासन को अर्धनिर्मित स्कूल इमारतों में विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाने का डर सताने लगा है। बारिश में अपर्याप्त कमरों में बच्चों की पढ़ाई कैसे संभव होगी।
मढीन शिक्षा जोन की हायर सेकेंडरी स्कूल कानाचक, लखनपुर जोन की हायर सेकेंडरी स्कूल खरोट और मल्हार जोन के हाई स्कूल का दर्जा बढ़ाए जाने के बाद प्रत्येक स्कूल में एक मंजिला इमारत में दस कमरों का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। मगर पिछले पांच साल से इन स्कूलों का निर्माण कार्य अधर में लटक रहा है। स्कूलों के अध्यापकों का कहना है कि गर्मी और सर्दी में विद्यार्थियों की कक्षाएं इन अर्धनिर्मित इमारतों में लग जाती है, लेकिन बरसात में खिड़कियां न होने से बारिश का पानी स्कूल के अंदर घुस जाता है। इससे तीनों स्कूलों के एक हजार से ज्यादा विद्यार्थी प्रभावित होते हैं। स्कूल अध्यापकों के मुताबिक अगर स्कूल में साइंस प्रयोगशाला सहित अन्य कमरों को छोड़ दिया जाए तो वर्तमान में प्रत्येक स्कूल में चार से पांच कमरे ही उपलब्ध है। जहां 12 वीं तक की कक्षाएं आयोजित की जाती है। अध्यापकों का कहना है कि अर्धनिर्मित इमारतों में सिर्फ खिड़कियों की ही व्यवस्था हो जाए तो विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाने में आसानी होगी, लेकिन ऐसा लंबे समय से नहीं हो रहा है।
बता दें कि वर्ष 2015 में बनी पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार ने जिले के दो हायर सेकेंडरी स्कूल खरोट और कानाचक सहित हाई स्कूल लोहाई का दर्जा बढ़ाए जाने के बाद इन स्कूलों में एक मंजिला इमारत के लिए लगभग 1 करोड़ 30 लाख की राशि तय की गई थी। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग से पर्याप्त राशि उपलब्ध न होने से और गठनबंधन सरकार भंग हो जाने से इन इमारतों का निर्माण अधर में लटक रहा है। जिसके चलते स्कूलों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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कोट
हाई स्कूल लोहाई के निर्माण कार्य को पूरा करवाने के लिए समग्र शिक्षा के तहत 1 करोड़ 66 लाख की राशि जारी हो चुकी है। जिसमें 55 लाख पहले से हुआ निर्माण कार्य का ठेकेदार की बकाया राशि दी जाएगी। शेष राशि से अधूरी पड़ी इमारत का निर्माण पूरा किया जाएगा। उम्मीद है कि निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।
-- -- चमन लाल, जिला मुख्य शिक्षा अधिकारी।
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वर्तमान में प्रत्येक स्कूल में चार से पांच कमरे ही उपलब्ध
कठुआ। बरसात का मौसम अपने उफान पर है। आगामी 16 जून से ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूल खुलने जा रहे हैं। ऐसे में जिले के तीन स्कूल प्रशासन को अर्धनिर्मित स्कूल इमारतों में विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाने का डर सताने लगा है। बारिश में अपर्याप्त कमरों में बच्चों की पढ़ाई कैसे संभव होगी।
मढीन शिक्षा जोन की हायर सेकेंडरी स्कूल कानाचक, लखनपुर जोन की हायर सेकेंडरी स्कूल खरोट और मल्हार जोन के हाई स्कूल का दर्जा बढ़ाए जाने के बाद प्रत्येक स्कूल में एक मंजिला इमारत में दस कमरों का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। मगर पिछले पांच साल से इन स्कूलों का निर्माण कार्य अधर में लटक रहा है। स्कूलों के अध्यापकों का कहना है कि गर्मी और सर्दी में विद्यार्थियों की कक्षाएं इन अर्धनिर्मित इमारतों में लग जाती है, लेकिन बरसात में खिड़कियां न होने से बारिश का पानी स्कूल के अंदर घुस जाता है। इससे तीनों स्कूलों के एक हजार से ज्यादा विद्यार्थी प्रभावित होते हैं। स्कूल अध्यापकों के मुताबिक अगर स्कूल में साइंस प्रयोगशाला सहित अन्य कमरों को छोड़ दिया जाए तो वर्तमान में प्रत्येक स्कूल में चार से पांच कमरे ही उपलब्ध है। जहां 12 वीं तक की कक्षाएं आयोजित की जाती है। अध्यापकों का कहना है कि अर्धनिर्मित इमारतों में सिर्फ खिड़कियों की ही व्यवस्था हो जाए तो विद्यार्थियों की कक्षाएं लगाने में आसानी होगी, लेकिन ऐसा लंबे समय से नहीं हो रहा है।
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बता दें कि वर्ष 2015 में बनी पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार ने जिले के दो हायर सेकेंडरी स्कूल खरोट और कानाचक सहित हाई स्कूल लोहाई का दर्जा बढ़ाए जाने के बाद इन स्कूलों में एक मंजिला इमारत के लिए लगभग 1 करोड़ 30 लाख की राशि तय की गई थी। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग से पर्याप्त राशि उपलब्ध न होने से और गठनबंधन सरकार भंग हो जाने से इन इमारतों का निर्माण अधर में लटक रहा है। जिसके चलते स्कूलों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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कोट
हाई स्कूल लोहाई के निर्माण कार्य को पूरा करवाने के लिए समग्र शिक्षा के तहत 1 करोड़ 66 लाख की राशि जारी हो चुकी है। जिसमें 55 लाख पहले से हुआ निर्माण कार्य का ठेकेदार की बकाया राशि दी जाएगी। शेष राशि से अधूरी पड़ी इमारत का निर्माण पूरा किया जाएगा। उम्मीद है कि निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा।