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Kathua News: घाटी औद्योगिक क्षेत्र में संदिग्ध रासायनिक गैस की चपेट में आने से श्रमिक की मौत
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। घाटी औद्योगिक क्षेत्र स्थित ओपीआई पैलेट्स इकाई में काम करने वाले श्रमिक रशपाल सिंह (40-42) की संदिग्ध रासायनिक गैस की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक शब्बे चक का निवासी था और परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। घटना के बाद परिवार ने कंपनी प्रबंधन से उचित मुआवजे और आर्थिक सहायता की मांग की है। साथ ही, औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा के इंतजामों पर भी सवाल उठाए हैं। परिजनों के अनुसार, घटना के बाद रशपाल सिंह को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही दो बेटियों और एक छोटे बेटे को छोड़ गया है। परिवार का कहना है कि उसकी मौत से उनके सामने रोजी-रोटी और बच्चों के भविष्य का संकट खड़ा हो गया है।
मृतक के साथ काम करने वाले मन्नत सिंह ने बताया कि वे फैक्टरी में रासायनिक घोल के साथ काम कर रहे थे। इसी दौरान उसे चक्कर आने लगे और उसने रशपाल सिंह को कुछ समय बाद काम जारी रखने की बात कही। मन्नत सिंह के अनुसार, उसे उल्टियां भी हुईं और वह अंदर चला गया। बाद में लौटने पर उसने रशपाल सिंह को गंभीर हालत में पाया। उसके मुंह से झाग निकल रहा था। मन्नत सिंह ने आरोप लगाया कि श्रमिकों को रसायनों से बचाव के लिए उपयुक्त सुरक्षा मास्क उपलब्ध नहीं करवाए गए थे। उनके अनुसार, काम के दौरान सामान्य फैक्टरी मास्क ही दिए गए थे। जबकि खतरनाक रसायनों से बचाव के लिए विशेष सुरक्षा उपकरणों की जरूरत होती है। उन्होंने कंपनी प्रबंधन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की।
परिवार के साथ अस्पताल पहुंचे जगदेव सिंह ने बताया कि उन्हें दोपहर करीब एक से डेढ़ बजे के बीच फोन पर घटना की जानकारी मिली थी। उन्होंने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और रशपाल सिंह की मौत से उनकी आजीविका का एकमात्र सहारा छिन गया है। उन्होंने कंपनी से दोनों बेटियों की शादी का खर्च उठाने और मृतक की पत्नी के लिए नियमित आर्थिक सहायता या वेतन की व्यवस्था करने की अपील की।
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मृतक के पिता ध्यान सिंह ने बताया कि परिवार को घटना की जानकारी अस्पताल पहुंचने के बाद मिली। उन्हें जो जानकारी दी गई, उसके अनुसार फैक्टरी में काम करते समय एक सहकर्मी की तबीयत बिगड़ी और वह बाहर आ गया। जबकि रशपाल सिंह दरवाजा बंद करने के लिए दोबारा अंदर गया। कुछ मिनट बाद उसे बेहोशी की हालत में पाया गया।
ध्यान सिंह ने भी कंपनी प्रबंधन से अपनी पोतियों की शादी का खर्च उठाने और बहू के लिए नियमित आर्थिक सहायता की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने कहा कि परिवार के सामने अब बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की बड़ी चुनौती है।
घटना ने औद्योगिक इकाइयों में रसायनों के सुरक्षित इस्तेमाल, उचित सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और श्रमिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, रशपाल सिंह की मौत के सटीक कारण और संदिग्ध रासायनिक संपर्क की परिस्थितियों की पुष्टि संबंधित चिकित्सकीय जांच और आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
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कठुआ। घाटी औद्योगिक क्षेत्र स्थित ओपीआई पैलेट्स इकाई में काम करने वाले श्रमिक रशपाल सिंह (40-42) की संदिग्ध रासायनिक गैस की चपेट में आने से मौत हो गई। मृतक शब्बे चक का निवासी था और परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। घटना के बाद परिवार ने कंपनी प्रबंधन से उचित मुआवजे और आर्थिक सहायता की मांग की है। साथ ही, औद्योगिक इकाइयों में श्रमिकों की सुरक्षा के इंतजामों पर भी सवाल उठाए हैं। परिजनों के अनुसार, घटना के बाद रशपाल सिंह को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक अपने पीछे पत्नी, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही दो बेटियों और एक छोटे बेटे को छोड़ गया है। परिवार का कहना है कि उसकी मौत से उनके सामने रोजी-रोटी और बच्चों के भविष्य का संकट खड़ा हो गया है।
मृतक के साथ काम करने वाले मन्नत सिंह ने बताया कि वे फैक्टरी में रासायनिक घोल के साथ काम कर रहे थे। इसी दौरान उसे चक्कर आने लगे और उसने रशपाल सिंह को कुछ समय बाद काम जारी रखने की बात कही। मन्नत सिंह के अनुसार, उसे उल्टियां भी हुईं और वह अंदर चला गया। बाद में लौटने पर उसने रशपाल सिंह को गंभीर हालत में पाया। उसके मुंह से झाग निकल रहा था। मन्नत सिंह ने आरोप लगाया कि श्रमिकों को रसायनों से बचाव के लिए उपयुक्त सुरक्षा मास्क उपलब्ध नहीं करवाए गए थे। उनके अनुसार, काम के दौरान सामान्य फैक्टरी मास्क ही दिए गए थे। जबकि खतरनाक रसायनों से बचाव के लिए विशेष सुरक्षा उपकरणों की जरूरत होती है। उन्होंने कंपनी प्रबंधन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की।
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परिवार के साथ अस्पताल पहुंचे जगदेव सिंह ने बताया कि उन्हें दोपहर करीब एक से डेढ़ बजे के बीच फोन पर घटना की जानकारी मिली थी। उन्होंने कहा कि परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और रशपाल सिंह की मौत से उनकी आजीविका का एकमात्र सहारा छिन गया है। उन्होंने कंपनी से दोनों बेटियों की शादी का खर्च उठाने और मृतक की पत्नी के लिए नियमित आर्थिक सहायता या वेतन की व्यवस्था करने की अपील की।
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मृतक के पिता ध्यान सिंह ने बताया कि परिवार को घटना की जानकारी अस्पताल पहुंचने के बाद मिली। उन्हें जो जानकारी दी गई, उसके अनुसार फैक्टरी में काम करते समय एक सहकर्मी की तबीयत बिगड़ी और वह बाहर आ गया। जबकि रशपाल सिंह दरवाजा बंद करने के लिए दोबारा अंदर गया। कुछ मिनट बाद उसे बेहोशी की हालत में पाया गया।
ध्यान सिंह ने भी कंपनी प्रबंधन से अपनी पोतियों की शादी का खर्च उठाने और बहू के लिए नियमित आर्थिक सहायता की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने कहा कि परिवार के सामने अब बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने की बड़ी चुनौती है।
घटना ने औद्योगिक इकाइयों में रसायनों के सुरक्षित इस्तेमाल, उचित सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और श्रमिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, रशपाल सिंह की मौत के सटीक कारण और संदिग्ध रासायनिक संपर्क की परिस्थितियों की पुष्टि संबंधित चिकित्सकीय जांच और आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगी।