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Kathua News: शहीदी चौक पर नए स्मारक का काम शुरू, विरोध के बाद बंद
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नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी के समक्ष स्मारक को तोड़ने का विरोध दर्ज करवाते पूर्व सांसद चौधर
- पूर्व सांसद चौधरी लाल सिंह मौके पर पहुंचे, बोले- पुराने स्मारक से शहीदों के परिवारों की भावनाएं जुड़ी हैं
- पहले चर्चा की जानी चाहिए थी, परिषद ने सीधे पुराना स्मारक तोड़ना शुरू कर दिया, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर के शहीदी चौक को कारगिल युद्ध के दौरान देश के वीर जवानों के शौर्य को दर्शाती भव्य प्रतिमा से सजाए जाने की योजना पर फिलहाल ब्रेक लग गई है। शुक्रवार को नगर परिषद ने जैसे ही पुराने स्मारक को हटाने का काम शुरू किया तो पूर्व मंत्री चौधरी लाल सिंह पहुंच गए और इसका विरोध जताया।
पूर्व सांसद ने स्मारक को हटाए जाने के प्रयास को बलिदानियों के परिवारों की भावना को आहत करने वाला बताते हुए इसका विरोध किया। जिसके चलते नगर परिषद को काम बंद करना पड़ गया। हालांकि मौके पर मौजूद नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित शर्मा ने स्मारक का सौंदर्यीकरण करने का हवाला दिया। लेकिन पूर्व सांसद ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि पुराने स्मारक से शहीदों के परिवारों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। जो हर वर्ष यहां होने वाले समारोह में भाग लेकर उन्हें अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं।
ऐसे में अगर किसी भी तरह के विकास की योजना पर भी नगर परिषद काम कर रही है, तो पहले उनसे इसकी चर्चा की जानी चाहिए थी। लेकिन ऐसा न करके परिषद ने सीधे पुराने स्मारक को तोड़ने का काम शुरू दिया है जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शहर के कई चौक ऐसे हैं जहां आज भी विकास की जरूरत है। प्रशासन के पास यदि विकास के लिए राशि है तो उन चौक को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और पहले से बने स्मारक को तोड़ने का कोई औचित्य नहीं है।
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वहीं, दोपहर बाद इस विषय को लेकर चौधरी लाल सिंह के आवास पर शहीदी ट्रस्ट और नगर परिषद की बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान नगर परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित शर्मा ने नए बनने वाले स्मारक की थीम की जानकारी देते हुए कहा कि परिषद का उद्देश्य सिर्फ शहीदी चौक की पहचान व स्मारक स्थल को भव्यता प्रदान करना है। जिसमें करीब नौ लाख रुपये की लागत से काम होगा और बाकायदा बलिदानियों को उसी तरह का सम्मान उनकी स्मरण पट्टिका के साथ दिया जाएगा। सदस्यों ने फिलहाल योजना को आगे न बढ़ाने की बात कही है।
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- पहले चर्चा की जानी चाहिए थी, परिषद ने सीधे पुराना स्मारक तोड़ना शुरू कर दिया, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर के शहीदी चौक को कारगिल युद्ध के दौरान देश के वीर जवानों के शौर्य को दर्शाती भव्य प्रतिमा से सजाए जाने की योजना पर फिलहाल ब्रेक लग गई है। शुक्रवार को नगर परिषद ने जैसे ही पुराने स्मारक को हटाने का काम शुरू किया तो पूर्व मंत्री चौधरी लाल सिंह पहुंच गए और इसका विरोध जताया।
पूर्व सांसद ने स्मारक को हटाए जाने के प्रयास को बलिदानियों के परिवारों की भावना को आहत करने वाला बताते हुए इसका विरोध किया। जिसके चलते नगर परिषद को काम बंद करना पड़ गया। हालांकि मौके पर मौजूद नगर परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित शर्मा ने स्मारक का सौंदर्यीकरण करने का हवाला दिया। लेकिन पूर्व सांसद ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि पुराने स्मारक से शहीदों के परिवारों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। जो हर वर्ष यहां होने वाले समारोह में भाग लेकर उन्हें अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हैं।
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ऐसे में अगर किसी भी तरह के विकास की योजना पर भी नगर परिषद काम कर रही है, तो पहले उनसे इसकी चर्चा की जानी चाहिए थी। लेकिन ऐसा न करके परिषद ने सीधे पुराने स्मारक को तोड़ने का काम शुरू दिया है जिसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि शहर के कई चौक ऐसे हैं जहां आज भी विकास की जरूरत है। प्रशासन के पास यदि विकास के लिए राशि है तो उन चौक को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और पहले से बने स्मारक को तोड़ने का कोई औचित्य नहीं है।
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वहीं, दोपहर बाद इस विषय को लेकर चौधरी लाल सिंह के आवास पर शहीदी ट्रस्ट और नगर परिषद की बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान नगर परिषद मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित शर्मा ने नए बनने वाले स्मारक की थीम की जानकारी देते हुए कहा कि परिषद का उद्देश्य सिर्फ शहीदी चौक की पहचान व स्मारक स्थल को भव्यता प्रदान करना है। जिसमें करीब नौ लाख रुपये की लागत से काम होगा और बाकायदा बलिदानियों को उसी तरह का सम्मान उनकी स्मरण पट्टिका के साथ दिया जाएगा। सदस्यों ने फिलहाल योजना को आगे न बढ़ाने की बात कही है।