{"_id":"6595c16fe6a7dc6e430f607e","slug":"caltural-news-kathua-news-c-201-1-knt1007-5890-2024-01-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के जयघोष से गूंजा शहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के जयघोष से गूंजा शहर
विज्ञापन
कठुआ। दसवीं पातशाही श्री गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश उत्सव के उपलक्ष्य में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की छत्रछाया में शहर में भव्य नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। पंज प्यारों की अगुवाई में निकले नगर कीर्तन में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर अपनी आस्था दर्शाई। इस दौरान बोले सो निहाल, सत श्री अकाल के जयघोष से पूरा शहर गूंज उठा। वहीं, पांच प्यारों का रास्ते में संगत ने जगह-जगह स्वागत किया। नगर कीर्तन में विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भी भाग लिया।
बुधवार को जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान चरणजीत सिंह भोला के अलावा अन्य पदाधिकारियों ने अरदास के बाद गुब्बारे छोड़कर नगर कीर्तन की शुरुआत करवाई। इसके बाद पंज प्यारों की अगुवाई में निकले नगर कीर्तन में रंग-बिरंगे फूलों से सजी पालकी साहिब पर रखे गए श्री गुरु ग्रंथ साहिब के हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर माथा टेका। वहीं, नगर कीर्तन में शामिल महिला संकीर्तन मंडली और ढाडी रागी जत्थों ने पूरे मार्ग पर कीर्तन कर गुरु की महिमा का बखान किया। इस अवसर पर विभिन्न धर्मों के लोगों ने भी अपनी ओर से स्टाॅल लगाकर संगत की सेवा की। नगर कीर्तन में धर्म प्रचारकों ने उपस्थिति दर्ज करवाई व संगत को मर्यादा में रहने का उपदेश दिया। इस अवसर पर सिख संगत ने अपनी अपनी टोलियों के साथ शबद कीर्तन गायन कर मानवता का संदेश दिया। शहर के मुखर्जी चौक स्थित गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा से निकला नगर कीर्तन पारलीवंड इलाके से होते हुए सावन चक्क स्थित गुरुद्वारा साहिब में पहुंचा। वहां पर लंगर प्रसाद ग्रहण करने के बाद वापस शहीदी चौक से होते हुए नगर कीर्तन मुखर्जी चौक स्थित गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में संपन्न हुआ।
नगर कीर्तन के दौरान जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान चरणजीत सिंह भोला ने शामिल होने वाली संगत को पर्व की बधाई देते हुए श्री गुरु गोबिंद सिंह का धर्म की रक्षा के लिए दिए गए बलिदान को सर्वाेत्तम बलिदान कहा। उन्होंने कहा कि श्री गुरु गोविंद सिंह धर्म की रक्षा के लिए न केवल खुद बलिदान हुए, बल्कि उन्होंने अपने चार बेटों को भी कुर्बान कर दिया। श्री गुरु गोविंद सिंह ने ही समाज को गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश दिया। गुरु ग्रंथ साहिब दुनिया का एकमात्र ऐसा ग्रंथ है, जिसमें हिंदू-मुस्लिम ही नही, समाज के उपेक्षित वर्ग को स्थान दिया गया है। इस मौके पर विशेष रूप से उपस्थित पूर्व वनमंत्री राजीव जसरोटिया ने भी सारी संगत को गुरु पर्व की बधाई देते हुए कहा कि वह गुरु के चरणों में अपना शीश झुकाते हुए यह कामना करते हैं कि पूरे जम्मू कश्मीर में अमन और भाईचारा मजबूत हो और समाज एकजुट होकर विकास की ओर बढ़े।
विज्ञापन
नगर कीर्तन के दौरान जहां हजारों की संख्या में सिख संगत मौजूद रही। वहीं, इस दौरान राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इसमें उपस्थिति दर्ज कराई। इस मौके पर भाजपा जिला प्रधान गोपाल महाजन, जिला कांग्रेस कमेटी के प्रधान पंकज डोगरा, नगरी ब्लॉक से जिला विकास परिषद के सदस्य संदीप मजोत्रा, कठुआ नगर परिषद के पूर्व प्रधान नरेश शर्मा, पूर्व उपप्रधान रेखा कुमारी, नेशनल कांफ्रेंस नेता किशोर कुमार बख्शी, पूर्व विधायक ध्यानचंद के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. हरदेव गुप्ता और डॉ. एके गुप्ता भी शामिल हुए।
गतका पार्टी ने लोगों को किया मंत्रमुग्ध
नगर कीर्तन के दौरान गतका पार्टी के दिखाए करतब मुख्य आकर्षण रहे। इस दौरान सावन चक गुरुद्वारा और मुखर्जी चौक गुरुद्वारा से नगर कीर्तन में शामिल आई गतका पार्टियों ने जगह-जगह करतब दिखाए।
विज्ञापन
बुधवार को जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान चरणजीत सिंह भोला के अलावा अन्य पदाधिकारियों ने अरदास के बाद गुब्बारे छोड़कर नगर कीर्तन की शुरुआत करवाई। इसके बाद पंज प्यारों की अगुवाई में निकले नगर कीर्तन में रंग-बिरंगे फूलों से सजी पालकी साहिब पर रखे गए श्री गुरु ग्रंथ साहिब के हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन कर माथा टेका। वहीं, नगर कीर्तन में शामिल महिला संकीर्तन मंडली और ढाडी रागी जत्थों ने पूरे मार्ग पर कीर्तन कर गुरु की महिमा का बखान किया। इस अवसर पर विभिन्न धर्मों के लोगों ने भी अपनी ओर से स्टाॅल लगाकर संगत की सेवा की। नगर कीर्तन में धर्म प्रचारकों ने उपस्थिति दर्ज करवाई व संगत को मर्यादा में रहने का उपदेश दिया। इस अवसर पर सिख संगत ने अपनी अपनी टोलियों के साथ शबद कीर्तन गायन कर मानवता का संदेश दिया। शहर के मुखर्जी चौक स्थित गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा से निकला नगर कीर्तन पारलीवंड इलाके से होते हुए सावन चक्क स्थित गुरुद्वारा साहिब में पहुंचा। वहां पर लंगर प्रसाद ग्रहण करने के बाद वापस शहीदी चौक से होते हुए नगर कीर्तन मुखर्जी चौक स्थित गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा में संपन्न हुआ।
विज्ञापन
नगर कीर्तन के दौरान जिला गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान चरणजीत सिंह भोला ने शामिल होने वाली संगत को पर्व की बधाई देते हुए श्री गुरु गोबिंद सिंह का धर्म की रक्षा के लिए दिए गए बलिदान को सर्वाेत्तम बलिदान कहा। उन्होंने कहा कि श्री गुरु गोविंद सिंह धर्म की रक्षा के लिए न केवल खुद बलिदान हुए, बल्कि उन्होंने अपने चार बेटों को भी कुर्बान कर दिया। श्री गुरु गोविंद सिंह ने ही समाज को गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश दिया। गुरु ग्रंथ साहिब दुनिया का एकमात्र ऐसा ग्रंथ है, जिसमें हिंदू-मुस्लिम ही नही, समाज के उपेक्षित वर्ग को स्थान दिया गया है। इस मौके पर विशेष रूप से उपस्थित पूर्व वनमंत्री राजीव जसरोटिया ने भी सारी संगत को गुरु पर्व की बधाई देते हुए कहा कि वह गुरु के चरणों में अपना शीश झुकाते हुए यह कामना करते हैं कि पूरे जम्मू कश्मीर में अमन और भाईचारा मजबूत हो और समाज एकजुट होकर विकास की ओर बढ़े।
विज्ञापन
नगर कीर्तन के दौरान जहां हजारों की संख्या में सिख संगत मौजूद रही। वहीं, इस दौरान राजनीतिक पार्टियों के नेताओं के साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इसमें उपस्थिति दर्ज कराई। इस मौके पर भाजपा जिला प्रधान गोपाल महाजन, जिला कांग्रेस कमेटी के प्रधान पंकज डोगरा, नगरी ब्लॉक से जिला विकास परिषद के सदस्य संदीप मजोत्रा, कठुआ नगर परिषद के पूर्व प्रधान नरेश शर्मा, पूर्व उपप्रधान रेखा कुमारी, नेशनल कांफ्रेंस नेता किशोर कुमार बख्शी, पूर्व विधायक ध्यानचंद के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. हरदेव गुप्ता और डॉ. एके गुप्ता भी शामिल हुए।
गतका पार्टी ने लोगों को किया मंत्रमुग्ध
नगर कीर्तन के दौरान गतका पार्टी के दिखाए करतब मुख्य आकर्षण रहे। इस दौरान सावन चक गुरुद्वारा और मुखर्जी चौक गुरुद्वारा से नगर कीर्तन में शामिल आई गतका पार्टियों ने जगह-जगह करतब दिखाए।