{"_id":"662594967b786b0557099ce4","slug":"caltural-news-kathua-news-c-201-1-knt1006-108954-2024-04-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kathua News: श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर भक्तों के जयघोष से गूंजा पंडाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kathua News: श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर भक्तों के जयघोष से गूंजा पंडाल
विज्ञापन
कठुआ। शहर के चन्नग्रां स्थित बुआ दी बाई में श्रीमद्भागवत कथा जारी है। यहां बड़ी संख्या में भक्त उमड़ रहे हैं। रविवार को जारी कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। कथाव्यास राजभूषण शास्त्री की ओर से भगवान की जन्म की घोषणा करने के बाद जन्मोत्सव की झांकी ने पंडाल में प्रवेश किया तो वहां मौजूद श्रद्धालु झूम उठे। इस दौरान भक्तों ने पुष्पवर्षा कर भगवान का स्वागत किया। वहीं कथा स्थल नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की जयघोष से गूंज उठा। इस दौरान जहां महिलाओं ने बालकृष्ण को माखन और मिश्री खिलाकर उनका आशीष प्राप्त किया, वहीं अन्य भक्तों ने कथाव्यास की ओर से प्रस्तुत किए जा रहे बधाई गीतों पर झूमते हुए अपनी खुशी का इजहार किया। इस मौके पर लोगों को मिठाई बांटकर भगवान केे जन्म की खुशी भी मनाई गई।
इस दौरान शास्त्री जी ने कहा कि जब जब धरा पर अत्याचार, दुराचार और पापाचार बढ़ता है, तब-तब प्रभु का अवतार होता है। प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है। मनुष्य इस सांसारिक मोह में फंस कर अपने जीवन को व्यर्थ गंवा देता है। जो मनुष्य अपने मन से कुविचारों को निकाल कर परमेश्वर में ध्यान लगाता है तो वह मोक्ष की प्राप्ति करता है।
विज्ञापन
इस दौरान शास्त्री जी ने कहा कि जब जब धरा पर अत्याचार, दुराचार और पापाचार बढ़ता है, तब-तब प्रभु का अवतार होता है। प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने और धर्म की स्थापना के लिए होता है। मनुष्य इस सांसारिक मोह में फंस कर अपने जीवन को व्यर्थ गंवा देता है। जो मनुष्य अपने मन से कुविचारों को निकाल कर परमेश्वर में ध्यान लगाता है तो वह मोक्ष की प्राप्ति करता है।
विज्ञापन