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कठुआ: चंद्रग्रहण के दौरान बंद रहे मंदिरों के कपाट, विभिन्न बिरादरियों की वार्षिक मेल स्थगित
Wed, 09 Nov 2022 02:19 PM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कठुआ
अमर उजाला नेटवर्क, कठुआ
Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Wed, 09 Nov 2022 02:19 PM IST
सार
ग्रहण के चलते जिले भर में विभिन्न बिरादरियों की वार्षिक मेल जहां कई स्थानों पर स्थगित रही। वहीं अगर कुछ देवस्थानों पर इसका आयोजन किया भी गया तो वहां हर वर्ष की तुलना में आने वाले भक्तों की संख्या में कमी देखी गई।
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चंद्रग्रहण
- फोटो : iStock
विस्तार
15 दिनों के अंतराल में सूर्य ग्रहण के बाद चंद्र ग्रहण का कठुआ जिले में व्यापक असर देखने को मिला। मंगलवार को ग्रहण से पूर्व लगने वाले सूतक के चलते जहां सुबह से मंदिरों के कपाट बंद रहे। वहीं, बाजार में इसका असर देखने को मिला।
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ग्रहण के चलते जिले भर में विभिन्न बिरादरियों की वार्षिक मेल जहां कई स्थानों पर स्थगित रही। वहीं अगर कुछ देवस्थानों पर इसका आयोजन किया भी गया तो वहां हर वर्ष की तुलना में आने वाले भक्तों की संख्या में कमी देखी गई। शाम को 5.29 बजे शुरू होने वाले ग्रहण से पूर्व विभिन्न मंदिरों के बाहर जमा भक्त 6.10 बजे तक प्रभु के भजन कीर्तन में लीन दिखे। वहीं ग्रहण समाप्त होने के बाद लोगों ने शहर की बावलियों में स्नान कर भगवान का आशीष प्राप्त किया।
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ग्रहण के संबंध में श्री महाकालेश्वर शिवदुर्गा मंदिर के मुख्य पुजारी अशोक शर्मा ने बताया कि इस ग्रहण का प्रभाव सबसे ज्यादा मेष राषि के जातकों के लिए रहा, जिन्हें ग्रहण के चलते कुछ कष्टों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे जातक जप, ध्यान और दान के माध्यम से ग्रहण के प्रभाव को कम कर सकते हैं।
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