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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   cable stayed bridge will open in December month

दिसंबर से केबल स्टेड ब्रिज पर सरपट दौड़ेंगे वाहन

Fri, 20 Nov 2015 01:15 AM IST
कठुआ/ अमर उजाला ब्यूरो
कठुआ/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 20 Nov 2015 01:15 AM IST
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तीन राज्यों की दूरियों को मिटाने वाले उत्तर भारत के दूसरे केबल स्टेड ब्रिज का दिसंबर के पहले पखवाड़े में उद्घाटन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई केंद्रीय मंत्रियों और मुख्यमंत्री के पहुंचने की उम्मीद है।

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साढ़े चार साल में बनकर तैयार हुए इंजीनियरिंग इस नायाब नमूने को लेकर स्थानीय लोगों में भी खासा उत्साह है। बसोहली में बने केबल स्टेड ब्रिज को देखने के लिए अभी से लोग पहुंचने लगे हैं।
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सूत्रों की मानें तो दिसंबर महीने के पहले पखवाड़े में ही रावी दरिया पर बने अपनी ही तरह के पहले इस पुल को जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। इसके लिए सरकार की ओर से भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
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केंद्रीय रक्षा मंत्रालय की महत्वपूर्ण योजना के तहत बीआरओ के अधीन राज्य को हिमाचल और पंजाब से जोड़ने वाला रावी पुल का निर्माण परवान चढ़ रहा है।

व्यापार और पर्यटन की अपार संभावनाएं लिए रावी दरिया पर अपनी तरह का यह पहला और देश का चौथा पुल है, जिसे केबल स्टेइंग तकनीक से तैयार किया जा रहा है।

इसमें पिलर और सस्पेंशन के लिए तार के जरिए पुल को बांधा गया है। केबल स्टेड ब्रिज के निर्माण 145 करोड़ की लागत आई है। 592 मीटर लंबे पुल में लगने वाली तार को जापान से आयात किया गया है।

डेक लेवल से 88 मीटर ऊंचे टावर स्थापित किए गए हैं। इसके साथ साथ पुल पर दोनों ओर 1.5 मीटर चौड़े फुटपाथ भी हैं। इस पुल के निर्माण का काम इरकान-एसपीएस कंस्ट्रक्शन कंपनी को सौंपा गया है।

गौरतलब है कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को समर्पित इस पुल के निर्माण का नींव पत्थर यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मई 2011 में रखा था।

विशेषज्ञों की मानें तो रावी दरिया पर बन रहा केबल स्टेड ब्रिज घाटी को जोड़ने वाला बेहतर विकल्प भी साबित हो सकता है, बशर्तें आगे के मार्गों को दुरुस्त किया जाए।

बसोहली-बनी-भद्रवाह संपर्क पूरा होने में दो से तीन साल लग सकते हैं। ऐसे में पुल का काम पूरा होने पर यदि वाहनों की आवाजाही शुरू होती है, तो न सिर्फ बसोहली बल्कि बिलावर और महानपुर पर भी ट्रैफिक का लोड बढ़ेगा।


सिंगल रोड होने के चलते इन मार्गों पर यातायात का प्रभावित रहना भी आम रहेगा। स्थानीय लोगों ने बसोहली के केबल स्टेड ब्रिज को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखे जाने की मांग की है।

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