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Kathua News: बिलावर की वादियों में गूंजी युवाओं की कदमताल
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ट्रेकिंग दल के प्रतिभागियों को सम्मानित करते स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि आयोजक
युवा सेवाएं एवं खेल विभाग की ओर से ट्रैकिंग कैंप का सफल समापन
कठुआ। बिलावर की सुरम्य वादियों में चार दिन तक चली रोमांचक यात्रा का समापन हुआ। यह युवा सेवाएं एवं खेल विभाग की ओर से आयोजित रेजिडेंशियल ट्रैकिंग कैंप सफलतापूर्वक पूरा हुआ। इस साहसिक शिविर ने न केवल छात्रों की शारीरिक क्षमता को परखा बल्कि उन्हें प्रकृति, संस्कृति और इतिहास से भी जोड़ने का अवसर दिया।
समापन दिवस पर गुरु आश्रम सुकराला में समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि से पूर्व नायब सरपंच ने प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनके साहस और उपलब्धियों की सराहना की। वहीं कैंप के संयोजक सरताज सिंह ने बताया कि कैंप का शुभारंभ 22 दिसम्बर को उपायुक्त कठुआ श्री राजेश शर्मा ने किया था। जिसमें जिले के सभी 12 शिक्षा जोन के 60 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।जिसमें हर सुबह औपचारिक सभा के बाद ट्रैकिंग शुरू होती थी। प्रशिक्षित ट्रैकर्स और सहयोगी स्टाफ की देखरेख में छात्र अनुशासन, धैर्य और टीम भावना का अद्भुत प्रदर्शन करते रहे। कठिन रास्तों के बावजूद उनका उत्साह कभी कम नहीं हुआ।
उन्होंने बताया कि उद्घाटन दिवस पर ही प्रतिभागियों ने माता सुकराला से जनानु तक 20 किलोमीटर की कठिन यात्रा तय कर अपने उत्साह और साहस का परिचय दिया। इसके बाद 14 किलोमीटर का ट्रैक नजोत वन क्षेत्र तक और फिर गुरु आश्रम से सुरकुंड तक 16 किलोमीटर की यात्रा ने युवाओं को विविध भू-भागों और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव कराया। जिसमें प्रभारी जेडईपीओ राजिंदर सिंह और उनकी टीम का विशेष सहयोग रहा।
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वहीं ट्रैकिंग कैंप ने प्रतिभागियों ने अपने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि इस शिविर ने जीवनभर याद रहने वाला अनुभव दिया है। यहां उन्होंने अनुशासन, टीमवर्क और प्रकृति से जुड़ाव के असली रोमांच को देखा और समझा है। इस बारे में जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी सुनील संब्याल ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को साहसिक खेलों, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
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कठुआ। बिलावर की सुरम्य वादियों में चार दिन तक चली रोमांचक यात्रा का समापन हुआ। यह युवा सेवाएं एवं खेल विभाग की ओर से आयोजित रेजिडेंशियल ट्रैकिंग कैंप सफलतापूर्वक पूरा हुआ। इस साहसिक शिविर ने न केवल छात्रों की शारीरिक क्षमता को परखा बल्कि उन्हें प्रकृति, संस्कृति और इतिहास से भी जोड़ने का अवसर दिया।
समापन दिवस पर गुरु आश्रम सुकराला में समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि से पूर्व नायब सरपंच ने प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनके साहस और उपलब्धियों की सराहना की। वहीं कैंप के संयोजक सरताज सिंह ने बताया कि कैंप का शुभारंभ 22 दिसम्बर को उपायुक्त कठुआ श्री राजेश शर्मा ने किया था। जिसमें जिले के सभी 12 शिक्षा जोन के 60 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।जिसमें हर सुबह औपचारिक सभा के बाद ट्रैकिंग शुरू होती थी। प्रशिक्षित ट्रैकर्स और सहयोगी स्टाफ की देखरेख में छात्र अनुशासन, धैर्य और टीम भावना का अद्भुत प्रदर्शन करते रहे। कठिन रास्तों के बावजूद उनका उत्साह कभी कम नहीं हुआ।
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उन्होंने बताया कि उद्घाटन दिवस पर ही प्रतिभागियों ने माता सुकराला से जनानु तक 20 किलोमीटर की कठिन यात्रा तय कर अपने उत्साह और साहस का परिचय दिया। इसके बाद 14 किलोमीटर का ट्रैक नजोत वन क्षेत्र तक और फिर गुरु आश्रम से सुरकुंड तक 16 किलोमीटर की यात्रा ने युवाओं को विविध भू-भागों और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव कराया। जिसमें प्रभारी जेडईपीओ राजिंदर सिंह और उनकी टीम का विशेष सहयोग रहा।
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वहीं ट्रैकिंग कैंप ने प्रतिभागियों ने अपने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि इस शिविर ने जीवनभर याद रहने वाला अनुभव दिया है। यहां उन्होंने अनुशासन, टीमवर्क और प्रकृति से जुड़ाव के असली रोमांच को देखा और समझा है। इस बारे में जिला युवा सेवा एवं खेल अधिकारी सुनील संब्याल ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को साहसिक खेलों, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।