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Kathua News: श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह की झांकी देख श्रद्धालुओं ने की पुष्पवर्षा
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संवाद न्यूज एजेंसी
कठुआ। शहर के वार्ड 10 स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर में जारी श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रीकृष्ण व रुक्मिणी के विवाह की झांकी प्रस्तुत की गई। श्रद्धालुओं ने जमकर पुष्प वर्षा कर अपनी खुशी का इजहार किया। वहीं, कथा व्यास भगवत भूषण दादू दयाल शास्त्री ने कथा में आने वाले भगवान के विवाह के प्रसंग का महत्व विस्तार से बताया।
प्रवचन करते कथाव्यास ने बताया कि जो भक्त कृष्ण-रुक्मिणी के विवाह में शामिल होते हैं, उनकी सभी वैवाहिक समस्याओं का समाधान होता है और वह सुखमय पारिवारिक जीवन व्यतीत करते हैं। उन्होंने कहा कि मन में उठते अशुभ विचार दूसरों से ईर्ष्या, घृणा, असंतोष, क्रोध, सदा शक करने वाला और पराये आसरे जीने वाला मनुष्य सदा दुखी रहता है। इन दोषों से बचने का उपाय है कि जब क्रोध आए तो मुस्कुराने लगें, जब कोई चिंता सताए तो चिंतन करने लगें, जब कोई बुरा विचार आये तो प्रभु नाम का स्मरण करें।
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कठुआ। शहर के वार्ड 10 स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर में जारी श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन श्रीकृष्ण व रुक्मिणी के विवाह की झांकी प्रस्तुत की गई। श्रद्धालुओं ने जमकर पुष्प वर्षा कर अपनी खुशी का इजहार किया। वहीं, कथा व्यास भगवत भूषण दादू दयाल शास्त्री ने कथा में आने वाले भगवान के विवाह के प्रसंग का महत्व विस्तार से बताया।
प्रवचन करते कथाव्यास ने बताया कि जो भक्त कृष्ण-रुक्मिणी के विवाह में शामिल होते हैं, उनकी सभी वैवाहिक समस्याओं का समाधान होता है और वह सुखमय पारिवारिक जीवन व्यतीत करते हैं। उन्होंने कहा कि मन में उठते अशुभ विचार दूसरों से ईर्ष्या, घृणा, असंतोष, क्रोध, सदा शक करने वाला और पराये आसरे जीने वाला मनुष्य सदा दुखी रहता है। इन दोषों से बचने का उपाय है कि जब क्रोध आए तो मुस्कुराने लगें, जब कोई चिंता सताए तो चिंतन करने लगें, जब कोई बुरा विचार आये तो प्रभु नाम का स्मरण करें।
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