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Kathua News: नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा पंडाल
Mon, 09 Jun 2025 01:08 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Mon, 09 Jun 2025 01:08 AM IST
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सन्ननघाट में आयोजित कथा सुनते भक्त।
कठुआ। बसोहली के सन्ननघाट में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। इसमें भक्ति और श्रद्धा के दिव्य भाव दिखे। इसके चौथे दिन कथावाचक गायत्री दीदी महाराज ने रविवार को कृष्ण जन्म और कंस वध का प्रसंग सुनाया। इस दौरान पूरा पंडाल नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा।
कथावाचक गायत्री ने कंस के आतंक से मुक्ति के लिए भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनाया। इससे भक्त भाव-विभोर हो गए।
कथा में जैसे ही उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की घोषणा की तो पूरे पंडाल में हर्ष दिखा। इस दौरान कई श्रद्धालु भक्ति भाव में सराबोर होकर झूमते नजर आए और पूरा पंडाल नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा।
कई श्रद्धालु बाल गोपाल को माखन और मिश्री का भोग अर्पित करने पहुंचे। भक्ति में लीन श्रद्धालुओं ने धार्मिक भजनों की धुन पर नृत्य भी किया।
कथावाचक ने कहा कि जहां भी श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होता है, वहां नारायण स्वयं आते हैं। इसीलिए वह बाल रूप में प्रस्तुत हुए। यह हमारा परम सौभाग्य है कि हम उनके जन्मोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इस धरा पर जब भी पाप का बोलबाला होता है तो नारायण अवश्य आते हैं और धर्म की स्थापना करते हैं।
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कथावाचक गायत्री ने कंस के आतंक से मुक्ति के लिए भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का प्रसंग सुनाया। इससे भक्त भाव-विभोर हो गए।
कथा में जैसे ही उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की घोषणा की तो पूरे पंडाल में हर्ष दिखा। इस दौरान कई श्रद्धालु भक्ति भाव में सराबोर होकर झूमते नजर आए और पूरा पंडाल नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा।
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कई श्रद्धालु बाल गोपाल को माखन और मिश्री का भोग अर्पित करने पहुंचे। भक्ति में लीन श्रद्धालुओं ने धार्मिक भजनों की धुन पर नृत्य भी किया।
कथावाचक ने कहा कि जहां भी श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन होता है, वहां नारायण स्वयं आते हैं। इसीलिए वह बाल रूप में प्रस्तुत हुए। यह हमारा परम सौभाग्य है कि हम उनके जन्मोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इस धरा पर जब भी पाप का बोलबाला होता है तो नारायण अवश्य आते हैं और धर्म की स्थापना करते हैं।
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