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Kathua News: सन्ननघाट में निकाली गई कलश विसर्जन शोभायात्रा
Wed, 11 Jun 2025 02:29 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, कठुआ
Updated Wed, 11 Jun 2025 02:29 AM IST
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बसोहली के सन्ननघाट में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान पूर्णाहूति में भाग लेते भक्त।
कठुआ। बसोहली के सन्ननघाट के रामलीला मैदान में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया। सुबह हवन-यज्ञ के बाद कथा स्थल से कलश विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। गांव की बावलियों में कलशों का विसर्जन किया गया।
कथा के समापन पर मंगलवार को आयोजित भंडारे में हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद कथा वाचक गायत्री दीदी ने गांव में बरगद का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने अन्य लोगों को भी ज्यादा पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया।
कथा के अंतिम सत्र में उन्होंने शिशुपाल वध का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत पुराण विद्या का अक्षय भंडार है। यह कथा विष्णु और कृष्णावतार की कथाओं का ज्ञान कराती है। इस पुराण में सकाम कर्म, निष्काम कर्म, ज्ञान साधना, सिद्धि साधना, भक्ति, अनुग्रह, मर्यादा, द्वैत-अद्वैत, द्वैताद्वैत, निर्गुण-सगुण ज्ञान प्राप्त होता है।
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यह पुराण सभी प्रकार के कल्याण देने वाला है। लिहाजा जहां कहीं भी श्रीमद्भागवत कथा हो हमें उसे सुनना चाहिए। कथा के अंत में देर शाम तक भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में आए भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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कथा के समापन पर मंगलवार को आयोजित भंडारे में हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद कथा वाचक गायत्री दीदी ने गांव में बरगद का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने अन्य लोगों को भी ज्यादा पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया।
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कथा के अंतिम सत्र में उन्होंने शिशुपाल वध का प्रसंग सुनाया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत पुराण विद्या का अक्षय भंडार है। यह कथा विष्णु और कृष्णावतार की कथाओं का ज्ञान कराती है। इस पुराण में सकाम कर्म, निष्काम कर्म, ज्ञान साधना, सिद्धि साधना, भक्ति, अनुग्रह, मर्यादा, द्वैत-अद्वैत, द्वैताद्वैत, निर्गुण-सगुण ज्ञान प्राप्त होता है।
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यह पुराण सभी प्रकार के कल्याण देने वाला है। लिहाजा जहां कहीं भी श्रीमद्भागवत कथा हो हमें उसे सुनना चाहिए। कथा के अंत में देर शाम तक भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में आए भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।