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कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ को प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ कृषि विज्ञान केंद्र की उपाधि
Fri, 10 Jul 2020 02:06 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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Published by: जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
Updated Fri, 10 Jul 2020 02:06 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ को प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) की उपाधि मिली है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली की ओर से ये सम्मान दिया गया है। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र रियासी को सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति पुरस्कार हासिल हुआ है। शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले इन दोनों कृषि विज्ञान केंद्रों को यह पुरस्कार मिलना प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ की जिन गतिविधियों को आईसीएआर की ओर से इस पुरस्कार के लिए ध्यान में रखा गया है उनमें महिला उद्यमी राजकरणी की सफलता की कहानी शामिल है। इसमें उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ के सहयोग से मशरूम उत्पादन, सुअर पालन और उच्च उपज वाली फसलों को लगाकर मिसाल कायम की है।
वहीं इसके अतिरिक्त एग्रीकल्चर एंड रिटेनिंग यूथ इन एग्रीकल्चर और नेशनल इनोवेशन ऑन क्लाइमेट रिसिलिएंट एग्रीकल्चर के तहत भी सराहना मिली। जिले में पूसा बासमती 1121 के तहत प्रसार और बढ़ते क्षेत्र में केवीके की प्रमुख भूमिका, येलो रस्ट जैसे रोगों के नियंत्रण के लिए कीटनाशकों के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ाने की दृष्टि से भी पहचान की गई। केवीके कठुआ की टीम ने इस उपलब्धि का श्रेय वाइस चांसलर प्रो. जेपी शर्मा और विस्तार निदेशक एस के गुप्ता को दिया है।
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रियासी में जैविक कृषि, फूलों की खेती और पोल्ट्री को बढ़ावा दिया
वहीं, वहीं कृषि विज्ञान केंद्र रियासी को सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति पुरस्कार हासिल हुआ है। डॉ. बनारसी लाल की अध्यक्षता वाली केवीके रियासी ने जैविक कृषि क्लस्टर को अपनाने, लेमन ग्रास ऑयल पर काम करने, फूलों की खेती को अपनाने, पोल्ट्री फार्मिंग और स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने जैसी गतिविधियों का विस्तार से प्रस्तुतिकरण किया।
पुरस्कारों की पुष्टि डॉ. राजबीर सिंह निदेशक (आईसीएआर) कृषि प्रौद्योगिकी और अनुसंधान संस्थान, जोन 1, लुधियाना द्वारा की गई। विवि के कुलपति डॉ. जेपी शर्मा ने कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ के प्रमुख डॉ. विशाल महाजन और कृषि विज्ञान केंद्र रियासी के प्रमुख डॉ. बनारसी लाल को बधाई दी है।
यह पुरस्कार वर्ष 2019-20 के दौरान लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के केवीके द्वारा किए गए कार्यों पर आधारित थे। केंद्रीय राज्य मंत्री कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय कैलाश चौधरी ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में इस सत्र का आगाज किया था।
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कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ की जिन गतिविधियों को आईसीएआर की ओर से इस पुरस्कार के लिए ध्यान में रखा गया है उनमें महिला उद्यमी राजकरणी की सफलता की कहानी शामिल है। इसमें उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ के सहयोग से मशरूम उत्पादन, सुअर पालन और उच्च उपज वाली फसलों को लगाकर मिसाल कायम की है।
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वहीं इसके अतिरिक्त एग्रीकल्चर एंड रिटेनिंग यूथ इन एग्रीकल्चर और नेशनल इनोवेशन ऑन क्लाइमेट रिसिलिएंट एग्रीकल्चर के तहत भी सराहना मिली। जिले में पूसा बासमती 1121 के तहत प्रसार और बढ़ते क्षेत्र में केवीके की प्रमुख भूमिका, येलो रस्ट जैसे रोगों के नियंत्रण के लिए कीटनाशकों के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ाने की दृष्टि से भी पहचान की गई। केवीके कठुआ की टीम ने इस उपलब्धि का श्रेय वाइस चांसलर प्रो. जेपी शर्मा और विस्तार निदेशक एस के गुप्ता को दिया है।
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रियासी में जैविक कृषि, फूलों की खेती और पोल्ट्री को बढ़ावा दिया
वहीं, वहीं कृषि विज्ञान केंद्र रियासी को सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति पुरस्कार हासिल हुआ है। डॉ. बनारसी लाल की अध्यक्षता वाली केवीके रियासी ने जैविक कृषि क्लस्टर को अपनाने, लेमन ग्रास ऑयल पर काम करने, फूलों की खेती को अपनाने, पोल्ट्री फार्मिंग और स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने जैसी गतिविधियों का विस्तार से प्रस्तुतिकरण किया।
पुरस्कारों की पुष्टि डॉ. राजबीर सिंह निदेशक (आईसीएआर) कृषि प्रौद्योगिकी और अनुसंधान संस्थान, जोन 1, लुधियाना द्वारा की गई। विवि के कुलपति डॉ. जेपी शर्मा ने कृषि विज्ञान केंद्र कठुआ के प्रमुख डॉ. विशाल महाजन और कृषि विज्ञान केंद्र रियासी के प्रमुख डॉ. बनारसी लाल को बधाई दी है।
यह पुरस्कार वर्ष 2019-20 के दौरान लद्दाख, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब के केवीके द्वारा किए गए कार्यों पर आधारित थे। केंद्रीय राज्य मंत्री कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय कैलाश चौधरी ने अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में इस सत्र का आगाज किया था।