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आतंकियों का अमेरिकी हथियार: अमेरिका की एम4 असॉल्ट राइफल से पुलिस पर फायरिंग कर रहे थे आतंकी, कई जवान बलिदान
Sat, 29 Mar 2025 01:26 PM IST
निकिता गुप्ता
अजय मीनिया अमर उजाला, नेटवर्क कठुआ
अजय मीनिया अमर उजाला, नेटवर्क कठुआ
Published by: निकिता गुप्ता
Updated Sat, 29 Mar 2025 01:26 PM IST
सार
जम्मू के कठुआ में हुई मुठभेड़ में आतंकियों ने अमेरिकी एम4 असॉल्ट राइफल से पुलिस पर फायरिंग की, जिसमें कई पुलिसकर्मी शहीद हो गए और कई घायल हुए। इस मुठभेड़ के दौरान आतंकियों की ओर से भारी गोलीबारी की गई।
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शाहिद जवान
- फोटो : अमर उजला
विस्तार
कठुआ में हुई मुठभेड़ के दौरान आतंकी अमेरिकी एम4 असॉल्ट राइफल से फायरिंग कर रहे थे। घटनास्थल पर मात्र 10-15 फीट की दूरी पर घायल पुलिसकर्मी खून से लथपथ पड़े थे, लेकिन आतंकियों ने उन्हें बचाने का कोई मौका नहीं दिया। जब भी साथी पुलिसकर्मी उन्हें निकालने का प्रयास करते, आतंकी रुक-रुक कर फायरिंग कर देते।
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सूत्रों के अनुसार, लंबे समय तक घायल अवस्था में पड़े रहने और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण पुलिसकर्मी शहीद हो गए। आतंकी आपस में बातचीत करते हुए बार-बार कह रहे थे: पुलिसकर्मी इस तरफ घायल पड़े हैं, यहां फायर करो। आतंकियों के मारे जाने के बाद ही घायल पुलिसकर्मियों को निकाला जा सका, लेकिन तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। घटनास्थल के आसपास 10-15 आतंकियों की मौजूदगी का अनुमान है। अब तक तीन आतंकियों को मार गिराया जा चुका है, लेकिन शेष आतंकी एम4 जैसे अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं।
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मुठभेड़ में घायल कठुआ के डीएसपी (बॉर्डर) धीरज सिंह कटोच को जीएमसी में भर्ती कराया गया है, जिनकी कमर में गोली का छर्रा लगा है। डीएसपी मुठभेड़ से एक दिन पहले ही एसओजी की टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। शहीद हुए पुलिसकर्मी भी उनके साथ ही थे।जम्मू की एसओजी टीम को पांच दिन पहले एक महिला द्वारा संदिग्धों को देखे जाने की सूचना मिली थी।
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कुछ संदिग्धों ने उससे खाना भी मांगा था। टीमें अलग-अलग स्थानों पर तैनात थीं। गुरुवार सुबह 7 बजे एक टीम का आतंकियों से सामना हुआ और गोलीबारी शुरू हो गई।,जिस टीम का आतंकियों से सबसे पहले संपर्क हुआ, उसने अन्य टीमों को मुठभेड़ स्थल पर बुलाया। ये टीमें 150-200 मीटर की दूरी पर थीं। टीम लीडर लगातार कह रहे थे।
जल्दी पहुंचो, आतंकियों को घेरा हुआ है। हमारा गोला-बारूद खत्म हो रहा है। यदि गोला-बारूद खत्म हो गया, तो आतंकी मौके से भाग जाएंगे। हालांकि कुछ ही देर में टीमें पहुंच गईं, लेकिन टीमों के आगे बढ़ने पर भी आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें अखनूर के एसपीओ भरत घायल हो गए।
मुठभेड़ के दौरान दो आतंकी खुले कपड़ों में थेएक एम4 और दूसरा एके47 से फायरिंग कर रहा था। उन्होंने ग्रेनेड भी फेंका, जिससे पुलिसकर्मी बाल-बाल बचे। भरत चलोत्रा के दाहिने गाल में लगी गोली, जो पहले एक पेड़ से टकराई थी, को सर्जरी के बाद निकाला गया। गोली लगने पर भरत को तुरंत एहसास नहीं हुआ था। उसके साथी ने बताया कि चेहरे से खून निकल रहा है। घायल होने के बावजूद भरत नाले के रास्ते रेंगते हुए सुरक्षित स्थान पर पहुंचने में सफल रहे, जहां से एक अन्य साथी ने उन्हें वाहन से अस्पताल पहुंचाया।