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खेतों में तैयार खड़ा किसानों का सुनहरा भविष्य
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कठुआ। मौसम में बदलाव के असर से जिले में गेहूं की फसल भी अछूती नहीं रही है। अप्रैल के पहले सप्ताह मेें ही तापमान का 40 का आंकड़ा छूने के कारण जिला के ज्यादातर इलाकों में गेहूं की फसल पककर तैयार हो चुकी है। हीरानगर सब डिवीजन के तहत आने वाले जिले कठुआ, हीरानगर, नगरी, मढ़ीन और कंडी इलाके के करीब 18 हजार हेक्टेयर में लगी फसल को अब किसानों ने काटने की तैयारी भी शुरू कर दी है। आमतौर पर इलाके के किसान बैसाखी के बाद ही फसल काटते आ रहे हैं, लेकिन इस बार के हालात को देखते हुए फसल की कटाई 15 दिन पहले ही शुरू होने की संभावना है।
समय से पहले गेहूं की फसल तैयार होने की संभावना को देखते जिले में गेहूं की खरीद के लिए खोली जाने वाली मंडियों में भी दस दिन पहले से तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। जिले में आठ मंडियों को खोलने की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और आने वाले सप्ताह में ये मंडियां खुल जाएंगी। यह जानकारी कृषि विभाग के जिला कृषि अधिकारी एक्सटेंशन राजू महाजन ने दी। उन्होंने बताया कि हर वर्ष उनका विभाग भारतीय खाद्य निगम के सहयोग से किसानों की सुविधा के लिए गेहूं खरीद केंद्र खोलता है। इस बार भी इस प्रक्रिया को जारी रखते हुए जिले में आठ मंडियों की टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। जिसमें भजवाल, नगरी, कीड़िया गंडयाल, पल्ली, जखबड़, छन्न रोड़ियां, सांझी मोड़ और कुंदे चक हैं। जहां अगले सप्ताह से मंडियों को शुरू करने के प्रयास हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा हीरानगर के मुकंदपुर और बिलावर के डुंगाड़ा में भी मंडी खोलने के लिए जिले के मुख्य कृषि अधिकारी ने अधिकारियों को पत्र भेजा है।
बताया कि इस साल सरकार की ओर से घोषित 2015 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य है, जो गत वर्ष के मुकाबले 35 रुपया प्रति क्विंटल अधिक है। उम्मीद जताई जा रही है कि गत वर्ष एक लाख 41 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद का आंकड़ा इस बार पार हो जाएगा। वैसे समय से पककर तैयार फसल देख किसानों में खुशी है। वहीं फसल की कटाई के लिए चिंतित भी हैं। किसान सुधाकर सिंह के अनुसार हर साल पड़ोसी राज्य पंजाब में कटाई का काम निपटाकर ही बाहरी राज्यों से आने वाले मजदूर कठुआ में कटाई के लिए आते रहे हैं। इस बार फसल पहले तैयार हो गई है, लेकिन कटाई के लिए कोई मजदूर उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कटाई की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
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समय से पहले गेहूं की फसल तैयार होने की संभावना को देखते जिले में गेहूं की खरीद के लिए खोली जाने वाली मंडियों में भी दस दिन पहले से तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं। जिले में आठ मंडियों को खोलने की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और आने वाले सप्ताह में ये मंडियां खुल जाएंगी। यह जानकारी कृषि विभाग के जिला कृषि अधिकारी एक्सटेंशन राजू महाजन ने दी। उन्होंने बताया कि हर वर्ष उनका विभाग भारतीय खाद्य निगम के सहयोग से किसानों की सुविधा के लिए गेहूं खरीद केंद्र खोलता है। इस बार भी इस प्रक्रिया को जारी रखते हुए जिले में आठ मंडियों की टेंडर प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। जिसमें भजवाल, नगरी, कीड़िया गंडयाल, पल्ली, जखबड़, छन्न रोड़ियां, सांझी मोड़ और कुंदे चक हैं। जहां अगले सप्ताह से मंडियों को शुरू करने के प्रयास हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा हीरानगर के मुकंदपुर और बिलावर के डुंगाड़ा में भी मंडी खोलने के लिए जिले के मुख्य कृषि अधिकारी ने अधिकारियों को पत्र भेजा है।
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बताया कि इस साल सरकार की ओर से घोषित 2015 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य है, जो गत वर्ष के मुकाबले 35 रुपया प्रति क्विंटल अधिक है। उम्मीद जताई जा रही है कि गत वर्ष एक लाख 41 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद का आंकड़ा इस बार पार हो जाएगा। वैसे समय से पककर तैयार फसल देख किसानों में खुशी है। वहीं फसल की कटाई के लिए चिंतित भी हैं। किसान सुधाकर सिंह के अनुसार हर साल पड़ोसी राज्य पंजाब में कटाई का काम निपटाकर ही बाहरी राज्यों से आने वाले मजदूर कठुआ में कटाई के लिए आते रहे हैं। इस बार फसल पहले तैयार हो गई है, लेकिन कटाई के लिए कोई मजदूर उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कटाई की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
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