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ओवरहेड टैंक से पानी की सप्लाई सुनिश्चित बनाने की मांग को लेकर किया प्रदर्शन
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कठुआ। शहर के वार्ड-10 में पेयजल आपूर्ति के लिए बनाए गए ओवरहेड टैंक से पानी की आपूर्ति शुरू न किए जाने पर स्थानीय लोगों ने बुधवार को जल शक्ति विभाग के खिलाफ रोष जताया है। स्थानीय दर्जनों लोगों ने नारेबाजी करते हुए ओवरहेड टैंक से पानी की आपूर्ति शुरू कराए जाने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों में शामिल वरिष्ठ नागरिक खुशीराम शर्मा ने कहा कि वार्ड में लोगों को स्वच्छ जल आपूर्ति करने के नाम पर बनाए गए ओवरहेड टैंक से अभी तक पानी की आपूर्ति नहीं शुरू हो पाई है। करीब 6 माह पूर्व बने इस ओवरहेड टैंक को विभाग द्वारा ऐसे ही छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब निर्माण शुरू हो रहा था तो उन्हें उम्मीद थी कि इसके साथ ट्यूबवेल भी बनेगा और लोगों को शुद्ध व पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति होगी। अब विभाग यह ट्यूबवेल बनाने के बजाय किसी पुराने ट्यूबवेल से जोड़ने की बात कर रहा है। उन्होंने कहा कि पुराने ट्यूबवेलों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। जो शहर में अभी भी लोगों को उनकी जरूरत के मुताबिक पानी की आपूर्ति नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में एक नए ओवरहेड टैंक को भरने का ट्यूबवेल बढ़ने वाला बोझ यहां भी लोगों को पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसाएगा। उन्होंने ओवर हेड टैंक के साथ ट्यूबवेल का निर्माण किए जाने की मांग की।
वहीं इस मौके पर मौजूद राष्ट्रीय जनता दल के नेता एसके भंडारी ने कहा कि वार्ड 10, 11 और 12 जैसे क्षेत्रों में अभी भी सभी के घरों तक जल शक्ति विभाग पाइपलाइन नहीं पहुंचा पाया है। लोगों को भूमिगत जल से ही अपना गुजारा करना पड़ता है। जल स्तर ऊंचा होने के कारण हैंडपंपों पीने के काबिल नहीं है। वहीं, कई स्थानों पर नालों के साथ गुजरने वाली विभाग की पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त हैं लिहाजा ऐसे में पूरे इलाके में पानी की सप्लाई के लिए लगाई गई ढांचागत सुविधाओं की फिर मरम्मत करने की जरूरत है। उन्होंने ओवरहेड टैंक के साथ एक ट्यूबवेल का निर्माण जल्द कर लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू किए जाने की मांग की।
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इस मौके पर मनोहर लाल डोगरा, फकीरचंद, देवराज, मोहिनी देवी, सुनीता देवी, नीलम कुमारी, बीबी अख्तर आदि मौजूद रहे।
हैंडपंप लगाने की मांग
भूजल विभाग से कई बार लगाई जा चुकी है गुहार
बिलावर। धार डूगनू गांव के लोगों ने सरकार से हायर सेकेंडरी स्कूल के पास हैंडपंप लगाने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इलाके को सड़क संपर्क से जुड़े 15 वर्ष से अधिक हो गए हैं। आज तक भूजल विभाग की ओर से उनके इलाके में कोई भी हैंडपंप नहीं लगाया गया है।
लोगों ने बताया कि हायर सेकेंडरी स्कूल के पास बस स्टैंड हर दिन कई लोग आते जाते हैं जिन्हें पेयजल के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने बताया कि कई बार भूजल विभाग को इलाके में हैंडपंप लगाने के लिए गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक सरकार की ओर से उनके इलाके में एक भी हैंडपंप नहीं लगाया गया है। लोगों ने बताया कि ज्यादातर इलाके के लोग पेयजल के लिए इलाके में स्थित प्राकृतिक जल स्रोतों के पानी का ही उपयोग करते हैं। गांव के कई मोहल्लों को आज तक पेयजल आपूर्ति से नहीं जोड़ा गया है। ज्यादातर इलाके में जल शक्ति विभाग की ओर से पेयजल आपूर्ति भी नहीं की जाती है। गांव के 90 फीसदी लोग पेयजल के लिए प्राकृतिक स्रोतों पर ही निर्भर हैं। लोगों ने मांग की कि हायर सेकेंडरी स्कूल के पास स्थित सार्वजनिक स्थल पर हैंडपंप लगाया जाए। ताकि स्कूल में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ बस स्टैंड पर पहुंचने वाले लोगों को सहित स्थानीय ग्रामीणों को पेयजल के लिए राहत मिल सके।
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मदन कुमार ने कहा, आज तक उनका गांव भूजल विभाग की ओर से लोगों को पेयजल उपलब्ध करवाने की सुविधा से वंचित रह रहा है।
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कक्षा नौ के छात्र अरुण शर्मा ने बताया कि अगर हायर सेकेंडरी स्कूल के पास हैंडपंप लगाया जाए तो स्कूल में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।
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स्थानीय रूपलाल ने कहा कि कई बार सरकार से हैंड पंप लगाने के लिए गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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रमेश चंद्र ने कहा के अन्य कई गांवों में सरकार की ओर से कई हैंडपंप लगाए गए हैं लेकिन उनके गांव से सौतेला व्यवहार किया जा रहा है जल्द हैंडपंप स्थापित किया जाए।
कार्यकारी अभियंता पर प्रताड़ित करने का लगाया आरोप
कठुआ। जलशक्ति विभाग के कर्मचारियों ने विभाग के कार्यकारी अभियंता पर उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। बुधवार को पीएचई इंपलाइज एसोसिएशन के बैनर तले कर्मचारियों ने विभाग के जिला कार्यालय में प्रदर्शन करते हुए चेतावनी अगर भविष्य में भी अधिकारी का रवैया इसी प्रकार बना रहा तो उन्हें अपने हक के लिए कड़े कदम उठाने पड़ सकते है।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप राज ने कहा कि विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को एसआरओ 59 और 149 वेतन लाभ का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बाद आए दिन कार्यकारी अभियंता द्वारा नोटिस जारी कर कर्मचारियों के वेतन कटौती करने के आदेश जारी कर देते है। हाल के दिनों में उन्होंने एक बार फिर नोटिस जारी कर बिलावर में तैनात कर्मचारियों को उनका वेतन काटने का फरमान जारी कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब मामला न्यायालय में विचाराधीन है और उन्हें इसका स्टे भी मिला है। तो कोई अधिकारी कैसे उनके वेतन में कटौती कर सकता है। कार्यकारी अभियंता का रवैया अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रति कैसा है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विभाग के डेलीवेजरों की एक माह तनख्वाह गत दो दो दिसंबर को आ गई है, लेकिन अभी तक उसके वितरण को शुरू नहीं कराया गया है। जबकि थोड़ा सा वेतन पाने वाले डेलीवेजरों को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए वेतन का हमेशा इंतजार होता है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कार्यकारी अभियंता का रवैया अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ ऐसी ही बना रहा तो आने वाली 27 दिसंबर को जिला भर से आने वाले कर्मचारी इसके खिलाफ कड़ा रोष प्रदर्शन करेंगे।
प्रदर्शन में महेंद्र शर्मा, हरबंस लाल, राकेश शर्मा, दारानाथ, प्रीतम चंद, चैन सिंह, भगत राम आदि शामिल रहे।
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प्रदर्शनकारियों में शामिल वरिष्ठ नागरिक खुशीराम शर्मा ने कहा कि वार्ड में लोगों को स्वच्छ जल आपूर्ति करने के नाम पर बनाए गए ओवरहेड टैंक से अभी तक पानी की आपूर्ति नहीं शुरू हो पाई है। करीब 6 माह पूर्व बने इस ओवरहेड टैंक को विभाग द्वारा ऐसे ही छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि जब निर्माण शुरू हो रहा था तो उन्हें उम्मीद थी कि इसके साथ ट्यूबवेल भी बनेगा और लोगों को शुद्ध व पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति होगी। अब विभाग यह ट्यूबवेल बनाने के बजाय किसी पुराने ट्यूबवेल से जोड़ने की बात कर रहा है। उन्होंने कहा कि पुराने ट्यूबवेलों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। जो शहर में अभी भी लोगों को उनकी जरूरत के मुताबिक पानी की आपूर्ति नहीं दे पा रहे हैं। ऐसे में एक नए ओवरहेड टैंक को भरने का ट्यूबवेल बढ़ने वाला बोझ यहां भी लोगों को पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसाएगा। उन्होंने ओवर हेड टैंक के साथ ट्यूबवेल का निर्माण किए जाने की मांग की।
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वहीं इस मौके पर मौजूद राष्ट्रीय जनता दल के नेता एसके भंडारी ने कहा कि वार्ड 10, 11 और 12 जैसे क्षेत्रों में अभी भी सभी के घरों तक जल शक्ति विभाग पाइपलाइन नहीं पहुंचा पाया है। लोगों को भूमिगत जल से ही अपना गुजारा करना पड़ता है। जल स्तर ऊंचा होने के कारण हैंडपंपों पीने के काबिल नहीं है। वहीं, कई स्थानों पर नालों के साथ गुजरने वाली विभाग की पाइप लाइनें क्षतिग्रस्त हैं लिहाजा ऐसे में पूरे इलाके में पानी की सप्लाई के लिए लगाई गई ढांचागत सुविधाओं की फिर मरम्मत करने की जरूरत है। उन्होंने ओवरहेड टैंक के साथ एक ट्यूबवेल का निर्माण जल्द कर लोगों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति शुरू किए जाने की मांग की।
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इस मौके पर मनोहर लाल डोगरा, फकीरचंद, देवराज, मोहिनी देवी, सुनीता देवी, नीलम कुमारी, बीबी अख्तर आदि मौजूद रहे।
हैंडपंप लगाने की मांग
भूजल विभाग से कई बार लगाई जा चुकी है गुहार
बिलावर। धार डूगनू गांव के लोगों ने सरकार से हायर सेकेंडरी स्कूल के पास हैंडपंप लगाने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने बताया कि इलाके को सड़क संपर्क से जुड़े 15 वर्ष से अधिक हो गए हैं। आज तक भूजल विभाग की ओर से उनके इलाके में कोई भी हैंडपंप नहीं लगाया गया है।
लोगों ने बताया कि हायर सेकेंडरी स्कूल के पास बस स्टैंड हर दिन कई लोग आते जाते हैं जिन्हें पेयजल के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लोगों ने बताया कि कई बार भूजल विभाग को इलाके में हैंडपंप लगाने के लिए गुहार लगा चुके हैं, लेकिन आज तक सरकार की ओर से उनके इलाके में एक भी हैंडपंप नहीं लगाया गया है। लोगों ने बताया कि ज्यादातर इलाके के लोग पेयजल के लिए इलाके में स्थित प्राकृतिक जल स्रोतों के पानी का ही उपयोग करते हैं। गांव के कई मोहल्लों को आज तक पेयजल आपूर्ति से नहीं जोड़ा गया है। ज्यादातर इलाके में जल शक्ति विभाग की ओर से पेयजल आपूर्ति भी नहीं की जाती है। गांव के 90 फीसदी लोग पेयजल के लिए प्राकृतिक स्रोतों पर ही निर्भर हैं। लोगों ने मांग की कि हायर सेकेंडरी स्कूल के पास स्थित सार्वजनिक स्थल पर हैंडपंप लगाया जाए। ताकि स्कूल में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के साथ-साथ बस स्टैंड पर पहुंचने वाले लोगों को सहित स्थानीय ग्रामीणों को पेयजल के लिए राहत मिल सके।
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मदन कुमार ने कहा, आज तक उनका गांव भूजल विभाग की ओर से लोगों को पेयजल उपलब्ध करवाने की सुविधा से वंचित रह रहा है।
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कक्षा नौ के छात्र अरुण शर्मा ने बताया कि अगर हायर सेकेंडरी स्कूल के पास हैंडपंप लगाया जाए तो स्कूल में पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को राहत मिलेगी।
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स्थानीय रूपलाल ने कहा कि कई बार सरकार से हैंड पंप लगाने के लिए गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
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रमेश चंद्र ने कहा के अन्य कई गांवों में सरकार की ओर से कई हैंडपंप लगाए गए हैं लेकिन उनके गांव से सौतेला व्यवहार किया जा रहा है जल्द हैंडपंप स्थापित किया जाए।
कार्यकारी अभियंता पर प्रताड़ित करने का लगाया आरोप
कठुआ। जलशक्ति विभाग के कर्मचारियों ने विभाग के कार्यकारी अभियंता पर उन्हें प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। बुधवार को पीएचई इंपलाइज एसोसिएशन के बैनर तले कर्मचारियों ने विभाग के जिला कार्यालय में प्रदर्शन करते हुए चेतावनी अगर भविष्य में भी अधिकारी का रवैया इसी प्रकार बना रहा तो उन्हें अपने हक के लिए कड़े कदम उठाने पड़ सकते है।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप राज ने कहा कि विभाग में कार्यरत कर्मचारियों को एसआरओ 59 और 149 वेतन लाभ का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बाद आए दिन कार्यकारी अभियंता द्वारा नोटिस जारी कर कर्मचारियों के वेतन कटौती करने के आदेश जारी कर देते है। हाल के दिनों में उन्होंने एक बार फिर नोटिस जारी कर बिलावर में तैनात कर्मचारियों को उनका वेतन काटने का फरमान जारी कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब मामला न्यायालय में विचाराधीन है और उन्हें इसका स्टे भी मिला है। तो कोई अधिकारी कैसे उनके वेतन में कटौती कर सकता है। कार्यकारी अभियंता का रवैया अधीनस्थ कर्मचारियों के प्रति कैसा है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विभाग के डेलीवेजरों की एक माह तनख्वाह गत दो दो दिसंबर को आ गई है, लेकिन अभी तक उसके वितरण को शुरू नहीं कराया गया है। जबकि थोड़ा सा वेतन पाने वाले डेलीवेजरों को अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए वेतन का हमेशा इंतजार होता है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कार्यकारी अभियंता का रवैया अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ ऐसी ही बना रहा तो आने वाली 27 दिसंबर को जिला भर से आने वाले कर्मचारी इसके खिलाफ कड़ा रोष प्रदर्शन करेंगे।
प्रदर्शन में महेंद्र शर्मा, हरबंस लाल, राकेश शर्मा, दारानाथ, प्रीतम चंद, चैन सिंह, भगत राम आदि शामिल रहे।