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सफेद हाथी बना लखनपुर सरथल विकास प्राधिकरण
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बिलावर। सरथल मार्ग बंद होने से भीषण गर्मी के बीच जिले में कई नए पर्यटन स्थल उभरकर सामने आए हैं। लेकिन, सरकारी योजनाएं कागजों तक ही सीमित रहने से पर्यटकों को यहां से निराशा का सामना करना पड़ रहा है।
लखनपुर सरथल विकास प्राधिकरण पिछले डेढ़ वर्ष से दिखावे की चीज बन चुका है। जहां न तो योजना परवान चढ़ती है, और न ही किसी योजना को लेकर अधिकारियों में दिलचस्पी है। पिछले डेढ़ वर्ष में प्राधिकरण ने बिलावर-डुग्गन विकास के नाम पर सिर्फ बैठकों और दौरों से ही काम चलाया है। यही वजह है कि कुदरती खूबसूरती से मालामाल इन इलाकों में पर्यटकों की बहार के बाद भी सुविधाएं शून्य हैं। न तो उचित सड़कें हैं, न ही खान पान की व्यवस्था और न ठहरने के इंतजाम। सरकार की ओर से नाम मात्र के लिए बिलावर डुग्गन विकास प्राधिकरण तैयार कर दिया गया है, जिसका लाभ क्षेत्र में उभरते पर्यटन स्थलों को बिल्कुल नहीं मिल पा रहा।
पिछले एक महीने में बदनोता, किंडली, मछेडी, मल्हार, देहरी गलां समेत ढग्गर के इलाकों में रोजाना सैकड़ों पर्यटक गर्मी से राहत पाने और कोरोना महामारी के बाद राहत के लिए पहुंच रहे हैं। कुदरत का दिया इन इलाकों में सब कुछ है। कल कल बहते झरने, ठंडी हवाएं, साफ वातावरण, सामान्य तापमान, धुंध से ढंके पहाड़, पक्षियों की चहचहाहट और आबादी से दूर खुद के लिए समय बिताने का मौका। जिसके लिए अब तक पर्यटक कश्मीर या फिर हिमाचल का रूख करते रहे। लेकिन, बीते एक महीने में पर्यटकों की आमद बढ़ने के बाद भी न तो सड़कों की मरम्मत करवाई गई। न ही ग्रामीणों को जागरूक कर होम स्टे, आदि का प्रबंध किया गया। आलम यह है कि कुछ दिन इस आवो हवा में बिताने को पहुंचने वाले लोग कुछ ही घंटों में निराश होकर लौटते रहे हैं।
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लाहडी पंचायत के सरपंच राजेंद्र वर्मा ने बताया कि दूरदराज के क्षेत्र सुंदरता में किसी से कम नहीं हैं। लेकिन, सड़कों की खस्ता हाल स्थिति होने से कई पर्यटक इलाके में आने से कतराते हैं।
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लोहाई मल्हार ब्लॉक के चेयरमैन कमल कुमार ने कहा कि हर दिन कई पर्यटक इलाके की सुंदरता को निहारने के लिए पहुंचते हैं। लेकिन, सुविधाओं के अभाव के कारण पर्यटक वापस लौट जाते हैं। नानगला की डल लेक पर कई लोग पहुंचते हैं, लेकिन झील के किनारे बैठने की व्यवस्था आज तक नहीं की गई है। सरकार अगर पर्यटन की ओर ध्यान दे, तो इलाके के कई बेरोजगार युवाओं को रोजगार भी मिल सकता है।
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पंच जोगिंदर सिंह ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द सरकार पहाड़ी इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा दे। कई इलाकों में पैराग्लाइडिंग करने की भी पूर्ण संभावनाएं हैं।
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बग्गन इलाके के निवासी बाबूराम ने बताया कि कुछ इलाकों को छोड़कर ज्यादातर इलाकों संपर्क अब भी सड़कों से नहीं है। सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पूरे पहाड़ी क्षेत्र को सड़क से जोड़े, जिससे पर्यटक इलाके की सुंदरता को निहार सके।
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मछेडी में विभाग की ओर से ट्रैकिंग का शौक रखने वाले लोगों के लिए इमारत बनाई गई है। वहीं, बिलावर सुकराला सड़क पर तीन स्थानों का चयन व्यू प्वाइंट बनाने के लिए किया गया है, जिनका निर्माण किया जा रहा है। भड्डू गांव में पीसी टॉयलेट का काम कराया जा रहा है। वहीं, बिलावर की सराय बिल्डिंग की मरम्मत का काम भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
- दुनी चंद भट्टी
सीईओ लखनपुर सरथल विकास प्राधिकरण
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लखनपुर सरथल विकास प्राधिकरण पिछले डेढ़ वर्ष से दिखावे की चीज बन चुका है। जहां न तो योजना परवान चढ़ती है, और न ही किसी योजना को लेकर अधिकारियों में दिलचस्पी है। पिछले डेढ़ वर्ष में प्राधिकरण ने बिलावर-डुग्गन विकास के नाम पर सिर्फ बैठकों और दौरों से ही काम चलाया है। यही वजह है कि कुदरती खूबसूरती से मालामाल इन इलाकों में पर्यटकों की बहार के बाद भी सुविधाएं शून्य हैं। न तो उचित सड़कें हैं, न ही खान पान की व्यवस्था और न ठहरने के इंतजाम। सरकार की ओर से नाम मात्र के लिए बिलावर डुग्गन विकास प्राधिकरण तैयार कर दिया गया है, जिसका लाभ क्षेत्र में उभरते पर्यटन स्थलों को बिल्कुल नहीं मिल पा रहा।
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पिछले एक महीने में बदनोता, किंडली, मछेडी, मल्हार, देहरी गलां समेत ढग्गर के इलाकों में रोजाना सैकड़ों पर्यटक गर्मी से राहत पाने और कोरोना महामारी के बाद राहत के लिए पहुंच रहे हैं। कुदरत का दिया इन इलाकों में सब कुछ है। कल कल बहते झरने, ठंडी हवाएं, साफ वातावरण, सामान्य तापमान, धुंध से ढंके पहाड़, पक्षियों की चहचहाहट और आबादी से दूर खुद के लिए समय बिताने का मौका। जिसके लिए अब तक पर्यटक कश्मीर या फिर हिमाचल का रूख करते रहे। लेकिन, बीते एक महीने में पर्यटकों की आमद बढ़ने के बाद भी न तो सड़कों की मरम्मत करवाई गई। न ही ग्रामीणों को जागरूक कर होम स्टे, आदि का प्रबंध किया गया। आलम यह है कि कुछ दिन इस आवो हवा में बिताने को पहुंचने वाले लोग कुछ ही घंटों में निराश होकर लौटते रहे हैं।
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लाहडी पंचायत के सरपंच राजेंद्र वर्मा ने बताया कि दूरदराज के क्षेत्र सुंदरता में किसी से कम नहीं हैं। लेकिन, सड़कों की खस्ता हाल स्थिति होने से कई पर्यटक इलाके में आने से कतराते हैं।
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लोहाई मल्हार ब्लॉक के चेयरमैन कमल कुमार ने कहा कि हर दिन कई पर्यटक इलाके की सुंदरता को निहारने के लिए पहुंचते हैं। लेकिन, सुविधाओं के अभाव के कारण पर्यटक वापस लौट जाते हैं। नानगला की डल लेक पर कई लोग पहुंचते हैं, लेकिन झील के किनारे बैठने की व्यवस्था आज तक नहीं की गई है। सरकार अगर पर्यटन की ओर ध्यान दे, तो इलाके के कई बेरोजगार युवाओं को रोजगार भी मिल सकता है।
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पंच जोगिंदर सिंह ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द सरकार पहाड़ी इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा दे। कई इलाकों में पैराग्लाइडिंग करने की भी पूर्ण संभावनाएं हैं।
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बग्गन इलाके के निवासी बाबूराम ने बताया कि कुछ इलाकों को छोड़कर ज्यादातर इलाकों संपर्क अब भी सड़कों से नहीं है। सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पूरे पहाड़ी क्षेत्र को सड़क से जोड़े, जिससे पर्यटक इलाके की सुंदरता को निहार सके।
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मछेडी में विभाग की ओर से ट्रैकिंग का शौक रखने वाले लोगों के लिए इमारत बनाई गई है। वहीं, बिलावर सुकराला सड़क पर तीन स्थानों का चयन व्यू प्वाइंट बनाने के लिए किया गया है, जिनका निर्माण किया जा रहा है। भड्डू गांव में पीसी टॉयलेट का काम कराया जा रहा है। वहीं, बिलावर की सराय बिल्डिंग की मरम्मत का काम भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
- दुनी चंद भट्टी
सीईओ लखनपुर सरथल विकास प्राधिकरण