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बारीदारों का सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन
Kathua
Updated Fri, 13 Jun 2014 05:32 AM IST
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बिलावर। अपनी अनदेखी से रुष्ठ माता सुकराला के बारीदारों ने सरकार और श्राइन बोर्ड के विरुद्ध जबरदस्त प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक उन्हें सरकार से न्याय नहीं मिलता तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। यदि इसके लिए उन्हें कोई बलिदान भी देने पडे़गा तो वह पीछे नही हटेंगे।
वीरवार को बड़ी संख्या में माता सुकराला के बारीदारों ने सतीश कुमार शर्मा के नेतृत्व में तहसील मुख्यालय पर पहुंच कर सरकार, सहकारिता मंत्री डाक्टर मनोहर लाल शर्मा और श्राइन बोर्ड के पदाधिकारियों विरुद्ध प्रदर्शन किया। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह से नारेबाजी करते हुए जुलूस नगर के मुख्य बस अड्डा, पुराना बस अड्डा, मुख्य बाजार, मंदिर बाजार और अपर बाजार से गुजरता हुआ काली माता मंदिर चौगान में पहुंचा। यहां सतीश कुमार शर्मा ने कहा कि हमारे पूर्वज महाराज शिव नंदन जी कश्मीर में घोर तपस्या कर माता को यहां लाये थे। तब से हमारा परिवार माता की पूजा करता आ रहा है। अब सरकार ने बिना हमसे सलाह मशविरा किए, हमें पूजा के अधिकार से वंचित करते हुए मंदिर को श्राइन बोर्ड के हवाले कर दिया। हालांकि बोर्ड बनने से पहले हम लोग चढ़ावे का 30 प्रतिशत प्रशासन को मंदिर के विकास के लिए दे रहे थे। अब तक इक्ट्ठा हुई करोड़ों रुपये की राशि आज तक प्रशासन द्वारा खर्च नहीं की गई है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों के स्थान पर हमें जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। यह करोड़ों रुपये यदि समय पर खर्च करे जाते तो आज किसी को भी शिकायत का मौका नहीं मिलता लेकिन एक सोची समझी साजिश के तहत प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की गई।
उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उन्हें उनका पूजा का अधिकार वापस नही मिल जाता तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इससे पहले बारीदारों का प्रतिनिधिमंडल जिला उपायुक्त जितेंद्र कुमार सिंह से भी मिला और उन्हें अपनी मांगों के संबधित ज्ञापन सौंपा।
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वीरवार को बड़ी संख्या में माता सुकराला के बारीदारों ने सतीश कुमार शर्मा के नेतृत्व में तहसील मुख्यालय पर पहुंच कर सरकार, सहकारिता मंत्री डाक्टर मनोहर लाल शर्मा और श्राइन बोर्ड के पदाधिकारियों विरुद्ध प्रदर्शन किया। लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह से नारेबाजी करते हुए जुलूस नगर के मुख्य बस अड्डा, पुराना बस अड्डा, मुख्य बाजार, मंदिर बाजार और अपर बाजार से गुजरता हुआ काली माता मंदिर चौगान में पहुंचा। यहां सतीश कुमार शर्मा ने कहा कि हमारे पूर्वज महाराज शिव नंदन जी कश्मीर में घोर तपस्या कर माता को यहां लाये थे। तब से हमारा परिवार माता की पूजा करता आ रहा है। अब सरकार ने बिना हमसे सलाह मशविरा किए, हमें पूजा के अधिकार से वंचित करते हुए मंदिर को श्राइन बोर्ड के हवाले कर दिया। हालांकि बोर्ड बनने से पहले हम लोग चढ़ावे का 30 प्रतिशत प्रशासन को मंदिर के विकास के लिए दे रहे थे। अब तक इक्ट्ठा हुई करोड़ों रुपये की राशि आज तक प्रशासन द्वारा खर्च नहीं की गई है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों के स्थान पर हमें जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। यह करोड़ों रुपये यदि समय पर खर्च करे जाते तो आज किसी को भी शिकायत का मौका नहीं मिलता लेकिन एक सोची समझी साजिश के तहत प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई की गई।
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उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक उन्हें उनका पूजा का अधिकार वापस नही मिल जाता तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इससे पहले बारीदारों का प्रतिनिधिमंडल जिला उपायुक्त जितेंद्र कुमार सिंह से भी मिला और उन्हें अपनी मांगों के संबधित ज्ञापन सौंपा।
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