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बाईस नवंबर को रिलीज होगी राज्य की पहली थ्रीडी फिल्म
Kathua
Updated Sun, 18 Nov 2012 12:00 PM IST
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कठुआ। सिक्ख पंथ के इतिहास को भावी पीढ़ी तक सरल माध्यम से पहुंचाकर धर्म का प्रचार करने के उद्देश्य से सिक्ख धर्म के पहले गुरू नानक देव जी के उपदेश पर आधारित देश की दूसरी थ्रीडी फिल्म रिलीज के लिए तैयार है। दिल्ली, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में इसे रिलीज करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
खास बात यह है कि फिल्म में बतौर एनिमेटर राज्य के जिला कठुआ के एक युवक ने अहम भूमिका निभाई है। इससे यह साफ हो जाता है कि बदलते परिवेश के साथ ही युवाओं की सोच भी तकनीक के साथ बदलने लगी हैै। वहीं फिल्म को एसजीपीसी अमृतसर से भी एनओसी मिल जाने के बाद जल्द ही यह फिल्म विभिन्न गुरूद्वारों से प्रमोशन के बाद बाजार में उतार दी जाएगी। कठुआ के वार्ड चौदह हटली मोड़ निवासी मनिंदर पाल सिंह ने बाइस नवंबर को जम्मू के नानक नगर स्थित गुरूद्वारा में पहली बार प्रदर्शित की जाने वाली सिक्ख धर्म के प्रचार के लिए बनाई गई थ्रीडी फिल्म कोड़ा द कैनाबल में एनिमेटर के रूप में काम करते हुए जिले सहित राज्य का भी नाम रोशन किया है। सिक्ख इतिहास में देश में थ्रीडी में बनने वाली यह दूसरी फिल्म है। इस फिल्म को गुरूनानक देव जी की साखी के एक अंश से लिया गया है। इसमें कोड़ा राक्षस और उसके अत्याचारों के अंत पर आधारित फिल्म की प्रमोशन भी शुरू कर दी गई है।
अमर उजाला से विशेष बातचीत में फिल्म में बतौर एनिमेटर काम करने वाले मनिंदर पाल सिंह ने बताया कि फिल्म में बच्चों और युवाओं को खासकर ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। गुरूनानक देव जी के जीवनकाल के अंश पर आधारित फिल्म को इस तरह से तैयार किया गया है कि हर उम्र के लोग इसके उद्देश्य को बखूबी समझ सकें। मनिंदर ने बताया कि गुरूनानक देव जी ने उपदेश दिया है कि बंदा तां ही है जे बंदगी है। मानवता के मायनों को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए थ्रीडी तकनीक का सहारा लिया गया है। उन्होंने बताया कि गुरूनानक देव जी किस तरह से एक राक्षस को एक इंसान के रूप में विकसित करते हैं इस कहानी के अंशों में शामिल है। फिल्म को बनाने में लगभग पांच माह का समय लगा है जिसके निर्देशक मिनार मल्होत्रा और मनप्रीत सिंह सहगल हैं।
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उन्होंने बताया कि दिल्ली में तैयार की गई इस फिल्म को विदेशों में भी प्रदर्शित किया जाएगा। जिला कठुआ में फिल्म को चौबीस नवंबर को जिला गुरूद्वारा सिंह सभा में शाम सात से प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं पच्चीस नवंबर को इस फिल्म को सावनचक स्थित देशमेश नगर गुरूद्वारा में प्रदर्शित करने की तैयारियां की जा रही हैं।
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खास बात यह है कि फिल्म में बतौर एनिमेटर राज्य के जिला कठुआ के एक युवक ने अहम भूमिका निभाई है। इससे यह साफ हो जाता है कि बदलते परिवेश के साथ ही युवाओं की सोच भी तकनीक के साथ बदलने लगी हैै। वहीं फिल्म को एसजीपीसी अमृतसर से भी एनओसी मिल जाने के बाद जल्द ही यह फिल्म विभिन्न गुरूद्वारों से प्रमोशन के बाद बाजार में उतार दी जाएगी। कठुआ के वार्ड चौदह हटली मोड़ निवासी मनिंदर पाल सिंह ने बाइस नवंबर को जम्मू के नानक नगर स्थित गुरूद्वारा में पहली बार प्रदर्शित की जाने वाली सिक्ख धर्म के प्रचार के लिए बनाई गई थ्रीडी फिल्म कोड़ा द कैनाबल में एनिमेटर के रूप में काम करते हुए जिले सहित राज्य का भी नाम रोशन किया है। सिक्ख इतिहास में देश में थ्रीडी में बनने वाली यह दूसरी फिल्म है। इस फिल्म को गुरूनानक देव जी की साखी के एक अंश से लिया गया है। इसमें कोड़ा राक्षस और उसके अत्याचारों के अंत पर आधारित फिल्म की प्रमोशन भी शुरू कर दी गई है।
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अमर उजाला से विशेष बातचीत में फिल्म में बतौर एनिमेटर काम करने वाले मनिंदर पाल सिंह ने बताया कि फिल्म में बच्चों और युवाओं को खासकर ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। गुरूनानक देव जी के जीवनकाल के अंश पर आधारित फिल्म को इस तरह से तैयार किया गया है कि हर उम्र के लोग इसके उद्देश्य को बखूबी समझ सकें। मनिंदर ने बताया कि गुरूनानक देव जी ने उपदेश दिया है कि बंदा तां ही है जे बंदगी है। मानवता के मायनों को भावी पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए थ्रीडी तकनीक का सहारा लिया गया है। उन्होंने बताया कि गुरूनानक देव जी किस तरह से एक राक्षस को एक इंसान के रूप में विकसित करते हैं इस कहानी के अंशों में शामिल है। फिल्म को बनाने में लगभग पांच माह का समय लगा है जिसके निर्देशक मिनार मल्होत्रा और मनप्रीत सिंह सहगल हैं।
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उन्होंने बताया कि दिल्ली में तैयार की गई इस फिल्म को विदेशों में भी प्रदर्शित किया जाएगा। जिला कठुआ में फिल्म को चौबीस नवंबर को जिला गुरूद्वारा सिंह सभा में शाम सात से प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं पच्चीस नवंबर को इस फिल्म को सावनचक स्थित देशमेश नगर गुरूद्वारा में प्रदर्शित करने की तैयारियां की जा रही हैं।