फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Kathua News ›   आज होगा देश के शहीदों का सम्मान

आज होगा देश के शहीदों का सम्मान

Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
Kathua
Kathua Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
कठुआ। शहर में हर साल आयोजित किए जाने वाले शहीदी दिवस को लेकर तैयारियों का दौर शुक्रवार को जोर शोर से जारी रहा। शहीदों की याद में हर साल मनाए जाने वाले इस दिवस को लेकर हालांकि तैयारियां कई दिन पूर्व ही शुरू कर दी गई थीं। सांसद चौधरी लाल सिंह द्वारा आयोजित किए जाने वाले इस कार्यक्रम में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे।
विज्ञापन

शहीद परिवारों के सम्मान में उनके स्वागत को लेकर सुबह साढ़े नौ बजे कालीबड़ी में कार्यक्रम होगा। इसके बाद शहर में एक रैली निकाली जाएगी, जो कालीबड़ी से सुबह दस बजे शुरू होकर रामलीला मैदान तक जाएगी। वहीं इसके बाद श्रद्धांजलि और सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। पूर्व बसोहली विधायिका और आयोजक कमेटी के सदस्य भी इस मौके पर उपस्थित रहेंगे।
विज्ञापन

प्रत्येक जिले में हो शहीदों का सम्मान
जम्मू। देश के लिए अपनी जान की कुर्बानी देने वाले रियासत के हर शख्स का सम्मान होना चाहिए, क्योंकि वह किसी परिवार का नहीं, बल्कि रियासत का बेटा होता है। पिछले 14 सालों से कठुआ में हर साल शहीदों के सम्मान में समारोह आयोजित होता है और ऐसे समारोह रियासत के प्रत्येक जिले में आयोजित होने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

उक्त बातें सांसद चौधरी लाल सिंह ने शुक्रवार को अपने निवास पर संवाददाताओं से कही। उन्होंने कहा कि 14 नवंबर को कठुआ में होने वाले समारोह की तर्ज पर उनके संसदीय क्षेत्र उधमपुर-डोडा में भी शहीदों का सम्मान होगा।
सांसद लाल सिंह ने कहा कि देश ने कई युद्धों का सामना किया। इसमें रियासत के जवानों ने अपनी जान की कुर्बानी दी। युद्ध के बाद नेता और अफसर शहीद परिवार को हर तरह से मदद करने का आश्वासन देते हैं, लेकिन समय गुजरते ही सब कुछ भुला दिया जाता है, लेकिन वे अपने संसदीय क्षेत्र में शहीदों का सम्मान हमेशा बरकरार रखेंगे।
उन्होंने कहा कि पंजाब की तर्ज पर रियासत में भी पुलिस में भर्ती के दौरान बीडीएस और एसपीओ को प्राथमिकता देनी चाहिए, जिन्होंने आतंकवाद के समय अपनी जान जोखिम में डाल रियासत के लिए काम किया।

सांसद ने स्वीकार किया कि शहीद परिवारों को उनका बनता सम्मान न मिलने के लिए सरकारें गुनहगार हैं। भले ही वह किसी भी पार्टी की सरकार क्यों न हो। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि अब तो सरकार भी सब स्टैंडर्ड की हो चुकी है, ऐसे में उनसे क्या उम्मीद की जाए। उन्होंने कहा कि शनिवार को होने वाले कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद मुख्य मेहमान के रूप में पहुंच रहे हैं। समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed