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किचन शेड के इंतजार में हैं 438 स्कूल
Kathua
Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
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कठुआ। स्कूली बच्चों को पढ़ाई के साथ खान-पान मुहैया करवाने के लिए सरकार ने मिड-डे मील योजना को लागू किया। इसके तहत स्कूलों में खाना बनाने के लिए किचन शेड बनाने का कार्य भी शुरू किया गया। इसके बावजूद वर्तमान में जिले में 438 स्कूलों में किचन शेड ही नहीं हैं। ऐसे में खाना या तो खुले में बनता है या फिर स्कूल के किसी कमरे में। वर्तमान में स्कीम के अंतर्गत कुल 1390 स्कूलों को रखा गया है, लेकिन केवल 952 स्कूलों को ही अपने किचन शेड नसीब हो पाए हैं। बचे हुए 438 स्कूलों को अभी भी किचन शेड का इंतजार है। आंकड़ों के अनुसार कुल 952 में से 610 प्राइमरी स्कूलों और 342 अपर प्राइमरी स्कूलों में ही किचन शेड हैं। ऐसे में वर्तमान में भी मिड-डे मील स्कीम अपने उद्देश्य को पूरा करती नहीं दिख रही है।
स्कीम के तहत
कुल स्कूल प्राइमरी स्कूल अपर प्राइमरी स्कूल कुल बचे हुए
1390 610 342 952 348
क्या है स्कीम का उद्देश्य
मिड-डे मील योजना 15 अगस्त 1995 को शुरू की गई थी। इसके तहत प्राथमिक स्कूलों में बच्चों की पोषण आवश्यकताओं को पूरा करते हुए नामांकन एवं उपस्थिति में सुधार करने की योजना बनाई गई। वर्ष 2004-2005 में जम्मू प्रांत के विभिन्न पांच खंडों के प्राथमिक स्कूलों को कवर किया गया। इसके साथ ही प्राथमिक स्तर तक के बच्चों को पोषण समर्थन प्रदान करने के लिए भी योजना को चलाया गया है। स्कूलों में किचन शेड बनाने का प्रपोजल भी बनाया गया। हर स्कूल के हर बच्चे के लिए रोजना के हिसाब से 100 ग्राम फूड ग्रेन, चावल/आटा भी सप्लाई किया जाता है। वहीं बर्तनों की खरीद के लिए एसएसए की ग्रांट से 2000 रुपये प्रति वर्ष दिया जाता है।
क्या कहते हैं अधिकारी?
जिले में वर्तमान में जिन स्कूलों में किचन शेड का निर्माण नहीं हो पाया है, उनके प्रपोजल बनाकर भेज दिए गए हैं। शेड बनाने में सरकार द्वारा क्रमवार राशि जारी की जाती है। इस कारण कभी-कभी शेड के निर्माण में देरी हो जाती है। जल्द ही किचन शेड बनाने के कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। मार्च अंत तक 284 नए शेड बनाने का लक्ष्य है, जिनका निर्माण कार्य चल रहा है।
विज्ञापन
-जेके सूदन,
मुख्य शिक्षा अधिकारी
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स्कीम के तहत
कुल स्कूल प्राइमरी स्कूल अपर प्राइमरी स्कूल कुल बचे हुए
1390 610 342 952 348
क्या है स्कीम का उद्देश्य
मिड-डे मील योजना 15 अगस्त 1995 को शुरू की गई थी। इसके तहत प्राथमिक स्कूलों में बच्चों की पोषण आवश्यकताओं को पूरा करते हुए नामांकन एवं उपस्थिति में सुधार करने की योजना बनाई गई। वर्ष 2004-2005 में जम्मू प्रांत के विभिन्न पांच खंडों के प्राथमिक स्कूलों को कवर किया गया। इसके साथ ही प्राथमिक स्तर तक के बच्चों को पोषण समर्थन प्रदान करने के लिए भी योजना को चलाया गया है। स्कूलों में किचन शेड बनाने का प्रपोजल भी बनाया गया। हर स्कूल के हर बच्चे के लिए रोजना के हिसाब से 100 ग्राम फूड ग्रेन, चावल/आटा भी सप्लाई किया जाता है। वहीं बर्तनों की खरीद के लिए एसएसए की ग्रांट से 2000 रुपये प्रति वर्ष दिया जाता है।
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क्या कहते हैं अधिकारी?
जिले में वर्तमान में जिन स्कूलों में किचन शेड का निर्माण नहीं हो पाया है, उनके प्रपोजल बनाकर भेज दिए गए हैं। शेड बनाने में सरकार द्वारा क्रमवार राशि जारी की जाती है। इस कारण कभी-कभी शेड के निर्माण में देरी हो जाती है। जल्द ही किचन शेड बनाने के कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। मार्च अंत तक 284 नए शेड बनाने का लक्ष्य है, जिनका निर्माण कार्य चल रहा है।
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-जेके सूदन,
मुख्य शिक्षा अधिकारी