{"_id":"5be097b5bdec22098d6aeac1","slug":"61541445557-kathua-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीपी वर्कर्स का धरना जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीपी वर्कर्स का धरना जारी
Updated Tue, 06 Nov 2018 12:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ/बिलावर। 50 माह का बकाया वेतन और स्थायी करने की मांग को लेकर जिला के विभिन्न पीएचई सब डिविजन में सीपी वर्कर्स की हड़ताल जारी है। सोमवार को भी सीपी वर्कर्स ने अपनी हड़ताल जारी रखी और अपनी मांगों के लिए नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती वह प्रदर्शन करते रहेंगे।
कठुआ में शिव नारायण सिंह के नेतृत्व में हड़ताल कर रहे सीपी वर्कर्स ने कहा कि वह पिछले दो महीनों से हड़ताल कर रहे हैं। लेकिन अभी तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार होते हुए और राज्यपाल शासन के समय भी उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आखिर उनके साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। अन्य विभागीय कर्मचारियों की भांति वह भी सरकार के लिए काम कर रहे हैं। फिर उन्हें वेतन देने में और उन्हें स्थायी करने में क्या परेेशानी है। उन्होंने अगर बजट की बात है तो सरकार ने समय पर वेतन न देकर खुद अपने उपकर बजट का बोझ़ बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अकेले कठुआ में ही 29 करोड़ से अधिक पैसे की जरूरत है। उधर बिलावर में भी पिछले दो महीनों से लगातार आईटीआई और सीपी वर्कर्स की हड़ताल जारी है। बिलावर बनी बसोली सीपी वर्कर एसोसिएशन के प्रधान बीरबल जलमेरिया ने बताया कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता वह लगातार धरना प्रदर्शन करते रहेंगे। उनके साथ हो रहे भेदभाव और शोषण का संघर्ष से ही जवाब देंगे।
विज्ञापन
कठुआ में शिव नारायण सिंह के नेतृत्व में हड़ताल कर रहे सीपी वर्कर्स ने कहा कि वह पिछले दो महीनों से हड़ताल कर रहे हैं। लेकिन अभी तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार होते हुए और राज्यपाल शासन के समय भी उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आखिर उनके साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। अन्य विभागीय कर्मचारियों की भांति वह भी सरकार के लिए काम कर रहे हैं। फिर उन्हें वेतन देने में और उन्हें स्थायी करने में क्या परेेशानी है। उन्होंने अगर बजट की बात है तो सरकार ने समय पर वेतन न देकर खुद अपने उपकर बजट का बोझ़ बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अकेले कठुआ में ही 29 करोड़ से अधिक पैसे की जरूरत है। उधर बिलावर में भी पिछले दो महीनों से लगातार आईटीआई और सीपी वर्कर्स की हड़ताल जारी है। बिलावर बनी बसोली सीपी वर्कर एसोसिएशन के प्रधान बीरबल जलमेरिया ने बताया कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता वह लगातार धरना प्रदर्शन करते रहेंगे। उनके साथ हो रहे भेदभाव और शोषण का संघर्ष से ही जवाब देंगे।
विज्ञापन