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‘महबूबा आंटी! अब तो मम्मी की तनख्वाह बढ़ा दीजिए’
Updated Sat, 02 Jun 2018 01:27 AM IST
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कठुआ। शुक्रवार को वेतन बढ़ोतरी और स्थायी करने की मांग पर आंगनबाड़ी वर्कर्स के धरने में उनके बच्चे भी शामिल हुए। इस समय बच्चों की छुट्टियां चल रही हैं। इसलिए वे शुक्रवार को अपनी माओं के साथ ड्रीमलैंड पार्क में धरनास्थल पर चले आए। यहां उन्होंने सरकार से अपनी माताओं के वेतन बढ़ाने और अन्य मांगों को पूरा करने के लिए गुहार लगाई। अपनी तोतली जबान में एक बच्चे ने कहा, ‘महबूबा आंटी मम्मी रोज धूप में यहां आती है, उनका पैसा बढ़ा दीजिए।’
धरने के दौरान आंगनबाड़ी वर्कर्स ने कहा कि सरकार उनकी मांग मानने को तैयार नहीं है। पिछले दिन भी जब उनकी अधिकारियों के साथ बैठक हुई तो उन्होंने मांग पूरी करने का आश्वासन दिया, लेकिन साथ ही कह दिया कि वह स्थायी करने की मांग पूरी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि जब उनकी पहली मांग ही वह पूरी नहीं कर रहे, तो बाकी की मांग पूरी करने पर उन्हें यकीन नहीं है। उन्होंने कहा कि बैठक में उन्होंने इस बात से इंकार किया कि उन्हें नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाने के लिए कोई आदेश या निर्देश मिले हैं। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं है तो बार-बार स्थानीय अधिकारी उन्हें ऐसी धमकी क्यों दे रहे हैं। आंगनबाड़ी वर्कर्स ने कहा कि सरकार के पास उन्हें स्थायी करने का कोई प्लान नहीं है तो वह सरकार की बात को क्यों मानें और दफ्तरों में क्यों जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार को दस दिन का समय दिया गया है। यदि मांग पूरी नहीं हुई तो सड़कों पर उतरेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार को उनकी मांग पूरी करनी होगी।
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धरने के दौरान आंगनबाड़ी वर्कर्स ने कहा कि सरकार उनकी मांग मानने को तैयार नहीं है। पिछले दिन भी जब उनकी अधिकारियों के साथ बैठक हुई तो उन्होंने मांग पूरी करने का आश्वासन दिया, लेकिन साथ ही कह दिया कि वह स्थायी करने की मांग पूरी नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि जब उनकी पहली मांग ही वह पूरी नहीं कर रहे, तो बाकी की मांग पूरी करने पर उन्हें यकीन नहीं है। उन्होंने कहा कि बैठक में उन्होंने इस बात से इंकार किया कि उन्हें नौकरी से बाहर का रास्ता दिखाने के लिए कोई आदेश या निर्देश मिले हैं। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं है तो बार-बार स्थानीय अधिकारी उन्हें ऐसी धमकी क्यों दे रहे हैं। आंगनबाड़ी वर्कर्स ने कहा कि सरकार के पास उन्हें स्थायी करने का कोई प्लान नहीं है तो वह सरकार की बात को क्यों मानें और दफ्तरों में क्यों जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार को दस दिन का समय दिया गया है। यदि मांग पूरी नहीं हुई तो सड़कों पर उतरेंगी। उन्होंने कहा कि सरकार को उनकी मांग पूरी करनी होगी।
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