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‘बहुत हुआ, सड़क नहीं तो वोट नहीं’
Updated Sat, 31 Mar 2018 02:04 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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कठुआ/बनी। बैकन से कोटी चंडियार सड़क निर्माण कार्य को लेकर धरने पर बैठे लोग प्रशासन के आश्वासन के बाद शुक्रवार को दोपहर बाद गांव लौट गए। 26 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए फंड जारी होने पर भी काम शुरू न होने पर लोग वीरवार को प्रदर्शन के बाद धरने पर बैठ गए थे। ग्रामीणों ने सरकार को चेतावनी देते हुए दो टूक कहा है कि अब बहुत हुआ, सड़क नहीं तो वोट नहीं।
शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में बनी कसबे के मेला मैदान में धरने पर डटे कोटी चंडियार के लोगों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। मेला मैदान से विधायक के निवास तक रोष रैली निकाली गई और विरोध में नारेबाजी भी की गई। ग्रामीणों ने बस स्टैंड के नजदीक प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उप मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह का पुतला फूंका।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे एडवोकेट राकेश ठाकुर ने कहा कि गांव के लोगों के साथ सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है। आजादी के दशकों बाद लोगों को सड़क संपर्क हासिल होने की उम्मीद थी। राशि भी जारी हुई लेकिन काम नहीं हुआ। उन्हाेंने कहा कि सरकार आम लोगों का विश्वास हासिल बनाने में असफल रही है।
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विकास के बड़े-बड़े दावे तो किए जाते हैं, लेकिन असलियत बनी के इस इलाके में आकर देखी जा सकती है, जहां से आज भी लोगों को कई किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता है। बीमार होने पर हालात और भी बदतर हो जाते हैं। इस दौरान उन्होंने मौजूदा गठबंधन सरकार को आड़े हाथों लिया।
मेला मैदान में धरने पर बैठे लोगों से मिलने एसडीएम बनी अजीत सिंह भी पहुंचे। उन्होंने लोगों को बताया कि जिस जगह से सड़क का सर्वे हुआ है वह वनक्षेत्र है। ऐसे में विभाग से क्लीयरेंस नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि नया सर्वे करवाया जाएगा, ताकि इसमें वन विभाग का क्षेत्र कम हो और सड़क का काम जल्द शुरू हो सके। लोगों ने अधिकारी को बताया कि उन्हें रिएलाइनमेंट से कोई परहेज नहीं है, लेकिन जानकर भी काम को लटकाए रखने से लोगों में रोष है।
एसडीएम ने पीएमजीएसवाई के सहायक कार्यकारी अभियंता, वन विभाग के रेंज अधिकारी को निर्देश दिए कि शनिवार सुबह कोटी चंडियार में जाकर सड़क की रिएलाइनमेंट के लिए लोगों की राय ली जाए। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना खत्म कर अपने गांव कोटी चंडियार लौट गए। ग्रामीणों में जावेद अहमद, गुलाम नबी, मोहम्मद यासीन, शौकत, अनवर, फारूख अहमद, गुलशन बट्ट, मोहम्मद रफी, अफलातून बट्ट आदि शामिल रहे।
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शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में बनी कसबे के मेला मैदान में धरने पर डटे कोटी चंडियार के लोगों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। मेला मैदान से विधायक के निवास तक रोष रैली निकाली गई और विरोध में नारेबाजी भी की गई। ग्रामीणों ने बस स्टैंड के नजदीक प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और उप मुख्यमंत्री डॉ. निर्मल सिंह का पुतला फूंका।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे एडवोकेट राकेश ठाकुर ने कहा कि गांव के लोगों के साथ सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है। आजादी के दशकों बाद लोगों को सड़क संपर्क हासिल होने की उम्मीद थी। राशि भी जारी हुई लेकिन काम नहीं हुआ। उन्हाेंने कहा कि सरकार आम लोगों का विश्वास हासिल बनाने में असफल रही है।
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विकास के बड़े-बड़े दावे तो किए जाते हैं, लेकिन असलियत बनी के इस इलाके में आकर देखी जा सकती है, जहां से आज भी लोगों को कई किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ता है। बीमार होने पर हालात और भी बदतर हो जाते हैं। इस दौरान उन्होंने मौजूदा गठबंधन सरकार को आड़े हाथों लिया।
मेला मैदान में धरने पर बैठे लोगों से मिलने एसडीएम बनी अजीत सिंह भी पहुंचे। उन्होंने लोगों को बताया कि जिस जगह से सड़क का सर्वे हुआ है वह वनक्षेत्र है। ऐसे में विभाग से क्लीयरेंस नहीं मिल पाई है। उन्होंने कहा कि नया सर्वे करवाया जाएगा, ताकि इसमें वन विभाग का क्षेत्र कम हो और सड़क का काम जल्द शुरू हो सके। लोगों ने अधिकारी को बताया कि उन्हें रिएलाइनमेंट से कोई परहेज नहीं है, लेकिन जानकर भी काम को लटकाए रखने से लोगों में रोष है।
एसडीएम ने पीएमजीएसवाई के सहायक कार्यकारी अभियंता, वन विभाग के रेंज अधिकारी को निर्देश दिए कि शनिवार सुबह कोटी चंडियार में जाकर सड़क की रिएलाइनमेंट के लिए लोगों की राय ली जाए। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना खत्म कर अपने गांव कोटी चंडियार लौट गए। ग्रामीणों में जावेद अहमद, गुलाम नबी, मोहम्मद यासीन, शौकत, अनवर, फारूख अहमद, गुलशन बट्ट, मोहम्मद रफी, अफलातून बट्ट आदि शामिल रहे।