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जितेंद्र सिंह बोले: कांग्रेस ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान और विरासत को कम आंका
Sat, 25 Sep 2021 10:47 AM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Sat, 25 Sep 2021 10:47 AM IST
सार
नई दिल्ली में नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर डिजिटल प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इन नायकों के बलिदान और उपलब्धियों को कांग्रेस की पूर्व सरकारों द्वारा राजनीतिक और वंशवादी विचारों के कारण लगातार कम करके आंका गया है।
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डॉ. जितेंद्र सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस की पूर्व सरकारों पर विगत में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के योगदान और विरासत को कम करके आंकने का आरोप लगाया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन और योगदान पर शुक्रवार को नई दिल्ली में डिजिटल प्रदर्शनी का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने कहा कि यह वास्तव में मुक्ति का वह अवसर है जब हम अपने गुमनाम नायकों की उचित महिमा को बहाल करना चाहते हैं। इतिहास में किसी भी कारण से उनके साथ जो अन्याय किया गया है उसे भी दूर करना चाहते हैं।
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उन्होंने कहा कि देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभारी है कि उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस, बाबा साहेब आंबेडकर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और सरदार पटेल सहित गुमनाम नायकों और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को पुनर्जीवित किया है। इन नायकों के बलिदान और उपलब्धियां का स्मरण कराया है। इन नायकों के बलिदान और उपलब्धियों को कांग्रेस की पूर्व सरकारों द्वारा राजनीतिक और वंशवादी विचारों के कारण लगातार कम करके आंका गया है। प्रदर्शनी में डीओपीटी के सचिव पीके त्रिपाठी, अपर सचिव रश्मि चौधरी और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया।
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युवा पीढ़ी राष्ट्र सेवा का लें संकल्प
डॉ. सिंह ने कहा कि संकल्प से सिद्धि की अगले 25 वर्षों की यात्रा निश्चित रूप से भारत को एक विश्वगुरु के रूप में स्थापित करेगी। इसलिए युवा पीढ़ी को राष्ट्र की सेवा में स्वयं को फि र से समर्पित करने का संकल्प लेने की आवश्यकता है। अमृत काल के दौरान युवा पीढ़ी गुमनाम नायकों और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और बलिदान से भी परिचित होगी क्योंकि प्रधानमंत्री अतीत की भूल को दूर करने का अवसर दे रहे हैं।
डीओपीटी हर साल लगाएगा प्रदर्शनी
उन्होंने दोहराया कि 15 अगस्त 2023 तक जारी रहने वाले समारोहों में पांच स्तंभों यानी स्वतंत्रता संग्राम, 75 पर विचार, 75 पर उपलब्धियां, 75 पर कार्य और 75 पर संकल्प को सपनों और कर्तव्यों को प्रेरणा के रूप में आगे बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन हेतु शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि डीओपीटी हर साल विभिन्न विषयों पर प्रदर्शनियां आयोजित करेगा।