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J&K: चौथे दिन भी जम्मू-श्रीनगर हाईवे रहा बंद, हजारों वाहन फंसे
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sun, 20 Mar 2016 09:58 PM IST
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जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर फंसे हजारों वाहन
- फोटो : अमर उजाला
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रियासत में पिछले कई दिनों से बारिश और बर्फबारी से आफत कम होने का नाम ले रही। रविवार को बटोत के पास 50-60 फुट हिस्से में सड़क के बैठ जाने से जम्मू-श्रीनगर हाईवे चौथे दिन भी नहीं खोला जा सका। भूस्खलन प्रभावित बटोत इलाके में दर्जनभर मकानों को नुकसान पहुंचा है।
एसएसपी हाईवे संजय कोतवाल के अनुसार बटोत, रामबन और बनिहाल के बीच रुक रुक कर हो रही बारिश से हाईवे को पूरी तरह से बहाल नहीं किया जा सका है। अभी भी बड़ी संख्या में ट्रक और यात्री वाहन रास्ते में फंसे हुए हैं। बारिश और बर्फबारी से राज्य के सभी स्थानों पर दिन के पारे में 5 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कई दिन तक मौसम के साफ रहने की संभावना है।
बटोत में भूस्खलन से वार्ड एक में चार मकान क्षतिग्रस्त हो गए। दरारें आने पर सात मकानों को खाली कराया गया है। तीन अन्य मकान टूटने के कगार पर हैं। रामबन और पंथाल के बीच भी भूस्खलन से हाईवे को नुकसान पहुंचा है। गुलमर्ग में रविवार को 10 इंच बर्फ गिरी। पीर पंजाल और मुगल रोड से सटे पहाड़ों पर बर्फबारी हुई है।
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चिनैनी, रामबन, किश्तवाड़ सहित घाटी के कई पर्वतीय इलाकों में बारिश हुई। जिला राजोरी की बुद्धल, दरहाल, थन्ना मंडी और कोटरंका तहसीलों में बारिश के साथ ओले गिरे हैं। पिछले तीन दिन से हो रही बारिश के कारण गांदरबल के वनियारम-वंगाथ गांव में कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। यहां 11 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
लेह रहा सबसे सर्द
न्यूनतम माइनस 5.0 डिग्री सेल्सियस पारे के साथ लेह सबसे सर्द रहा। रियासत की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में रविवार को दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री लुढ़ककर 7.2, पहलगाम में सात डिग्री कम 5.0, गुलमर्ग में पांच डिग्री कम 0.2 और न्यूनतम माइनस 3.0, लेह में दिन का पारा 8.2, कारगिल में 11.7 और न्यूनतम माइनस 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जम्मू में दिन का पारा 26.3, कटड़ा में 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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एसएसपी हाईवे संजय कोतवाल के अनुसार बटोत, रामबन और बनिहाल के बीच रुक रुक कर हो रही बारिश से हाईवे को पूरी तरह से बहाल नहीं किया जा सका है। अभी भी बड़ी संख्या में ट्रक और यात्री वाहन रास्ते में फंसे हुए हैं। बारिश और बर्फबारी से राज्य के सभी स्थानों पर दिन के पारे में 5 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कई दिन तक मौसम के साफ रहने की संभावना है।
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बटोत में भूस्खलन से वार्ड एक में चार मकान क्षतिग्रस्त हो गए। दरारें आने पर सात मकानों को खाली कराया गया है। तीन अन्य मकान टूटने के कगार पर हैं। रामबन और पंथाल के बीच भी भूस्खलन से हाईवे को नुकसान पहुंचा है। गुलमर्ग में रविवार को 10 इंच बर्फ गिरी। पीर पंजाल और मुगल रोड से सटे पहाड़ों पर बर्फबारी हुई है।
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चिनैनी, रामबन, किश्तवाड़ सहित घाटी के कई पर्वतीय इलाकों में बारिश हुई। जिला राजोरी की बुद्धल, दरहाल, थन्ना मंडी और कोटरंका तहसीलों में बारिश के साथ ओले गिरे हैं। पिछले तीन दिन से हो रही बारिश के कारण गांदरबल के वनियारम-वंगाथ गांव में कई मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। यहां 11 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
लेह रहा सबसे सर्द
न्यूनतम माइनस 5.0 डिग्री सेल्सियस पारे के साथ लेह सबसे सर्द रहा। रियासत की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में रविवार को दिन का अधिकतम तापमान सामान्य से आठ डिग्री लुढ़ककर 7.2, पहलगाम में सात डिग्री कम 5.0, गुलमर्ग में पांच डिग्री कम 0.2 और न्यूनतम माइनस 3.0, लेह में दिन का पारा 8.2, कारगिल में 11.7 और न्यूनतम माइनस 3.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जम्मू में दिन का पारा 26.3, कटड़ा में 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।