{"_id":"612f13a08ebc3e7a0601b6ca","slug":"jammu-kashmir-kotedar-suspended-for-not-distributing-ration-in-kishtwar-people-did-not-get-ration-for-a-month","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ में राशन न बांटने पर कोटेदार निलंबित, एक महीने से नहीं मिला था लोगों को राशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ में राशन न बांटने पर कोटेदार निलंबित, एक महीने से नहीं मिला था लोगों को राशन
Wed, 01 Sep 2021 11:16 AM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Wed, 01 Sep 2021 11:16 AM IST
सार
उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक ने किया दौरा, बोंजवाह में कोटेदार पर कार्रवाई। उधमपुर में आटे की गुणवत्ता सही न होने पर मील से आवंटन पर लगाई रोक।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निदेशक नसीम जावेद चौधरी ने उधमपुर, रामबन, किश्तवाड़ और डोडा जिले का दौरा किया। उधमपुर में शालीमार आटा मील के आटे की गुणवत्ता सही न होने और माप में कम होने पर आवंटन रोकने को निर्देशित किया है। इसके अलावा शीतकालीन इलाकों में समय पर राशन भेजने को कहा। किश्तवाड की बोंजवाह तहसील में डिपो के निरीक्षण के दौरान कुछ लोगों ने बताया कि एक महीने तक उन्हें राशन नहीं बांटा गया है।
विज्ञापन
सेल्समैन ने उक्त बैठक में स्वीकार कर लिया कि सार्वजनिक उद्देश्य के लिए चीनी स्टोर में पड़ी है और आज तक उनके द्वारा नहीं दी गई गई है। उपरोक्त तथ्यों के आधार पर राशन वितरक दलजीत सिंह को खाद्यान्न के दुरुपयोग और गैर वितरण पर निलंबित कर दिया। साथ ही विभागीय स्कीमों की समीक्षा की। इस दौरान निदेशक लोगों से भी रूबरू हुए और समस्याओं को सुना। इस मौके पर उपनिदेशक जावेद इकबाल राथर और सहायक निदेशक मौजूद रहे।
विज्ञापन
उन्होंने उधमपुर में आटा मीलों शालीमार आटा मिल, त्रिकुटा आटा मिल और आरसी आटा मिल की चेकिंग की। शालीमार आटा मिल को गेहूं के आवंटन को रोकने के लिए मौके पर निर्देश दिया। आटा की गुणवत्ता सही नहीं थी। इस दौरान आटा बैग भी कम बजन के पाए गए। रामबन में डीडीसी अध्यक्ष रामबन और जिला विकास आयुक्त के साथ विभाग के कामकाज के संबंध में जन शिकायतों और खाद्यान्न वितरण के संबंध में बातचीत की गई।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- पहल: जम्मू-कश्मीर को मेडिकल हब बनाने की तैयारी, श्रीनगर में 500 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव
निदेशक ने उखराल और बनिहाल में खाद्य भंडारों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने तीन महीनों के लिए खाद्यान्नों की शीतकालीन डंपिंग के संबंध में स्थानीय लोगों और पीआरआई के साथ बातचीत की। माछिल से सड़क संपर्क के नवीनीकरण और खाद्यान्न की डोर स्टेप डिलीवरी के संबंध में निविदा को अंतिम रूप देने को कहा।