जम्मू-कश्मीर: कल मनाई जाएगी दीपावली, 6 बजकर 8 मिनट पर करें लक्ष्मी पूजन
चौकी पर लाल वस्त्र डालकर भगवान गणेश, कुबेर लक्ष्मीनारायण का षोडशोपचार पूजन का धूप दीप प्रज्ज्वलित कर श्रीसूक्तम, कनकधारा, लक्ष्मी चालीसा समेत किसी भी लक्ष्मी मंत्र का जप पाठ आदि करना चाहिए।
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विस्तार
दीपवाली का त्योहार कार्तिक माह की अमावस्या को मनाई जाती है। इस वर्ष दीपावली का पर्व वीरवार चार नवंबर को है। लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 6:08 बजे से रात 8:19 बजे तक रहेगा। दीपावली बड़े त्योहारों में से है, ऐसे में शुभ मुहूर्त और सही विधि से पूजा करने से मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। देवी लक्ष्मी कार्तिक माह की अमावस्या के दिन समुंद्र मंथन में से प्रकट हुई थी। इसी दिन भगवान राम चौदह वर्ष का वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे। तब अयोध्यावासियों ने घर में घी के दिए जलाए थे और अमावस्या की काली रात भी रोशन हो गई थी इसलिए यह पर्व इस दिन मनाया जाता है। दीपवाली के दिन स्वयं सिद्ध मुहूर्त होता है। इस दिन कोई भी शुभ कार्य कर सकते हैं।
पूजन विधि
महंत रोहित शास्त्री के अनुसार दीपावली के दिन शुद्ध जल से स्नान कर पूजा के स्थान को गंगाजल का अभिषेक कर शुद्ध करना चाहिए। चौकी पर लाल वस्त्र डालकर भगवान गणेश, कुबेर लक्ष्मीनारायण का षोडशोपचार पूजन का धूप दीप प्रज्ज्वलित कर श्रीसूक्तम, कनकधारा, लक्ष्मी चालीसा समेत किसी भी लक्ष्मी मंत्र का जप पाठ आदि करना चाहिए। रात को किए गए जप, तप, मंत्र, अनुष्ठान आदि करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि दीपावली पर लक्ष्मी पूजन सही विधि से किया जाए तो धन में वृद्धि होती है।
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शुभ मुहूर्त देख लोगों ने की खरीदारी
मंगलवार को कार्तिक मास की कृष्णा त्रयोदशी को धनतेरस का पर्व मनाया गया। धनतेरस पर बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। इस दौरान लोगों ने शुभ मुहूर्त देखकर खरीदारी की। लोगों ने घरों शाम को यमराज और भगवान धनवंतरी के साथ श्री गणेश, मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा की। धनतेरस पर पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:40 बजे से रात 8:10 बजे तक था।