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जम्मू-कश्मीर: प्रदेश में स्कूली बच्चों का ड्रॉप ऑउट रेट 50 हजार के करीब, शिक्षा विभाग ने उठाया यह खास कदम

Thu, 08 Jul 2021 11:35 AM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Thu, 08 Jul 2021 11:35 AM IST
सार

बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए जागरूकता कार्यक्रम शुरू करेगा शिक्षा विभाग। 2016 में स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या 27 हजार थी, जो अब 50 हजार है।

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Jammu and Kashmir: The drop out rate of school children in the state is close to 50 thousand, the education department took this special step
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में स्कूली बच्चों के ड्रॉप ऑउट रेट को कम करने के लिए विभाग जागरूकता कार्यक्रम शुरू करेगा। बच्चों को स्कूलों से कैसे जोड़ा जा सके, इसके लिए उन्हें ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) मोड के तहत नेशनल इंस्टीट्यट ऑफ ओपन स्कूल के कार्यक्रमों के बारे में बताया जाएगा।

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डिपार्टमेंट ऑफ स्कूल एजुकेशन एंड लिटरेसी (डीएसईएल) ने हाल ही एक बैठक में प्रदेश में ड्रॉप ऑउट रेट पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रदेश शिक्षा विभाग को ऐसे बच्चों को स्कूलों के साथ जोड़ने को कहा है। जम्मू-कश्मीर में विशेष कर कश्मीर संभाग के कई जिलों में ड्रॉप ऑउट रेट काफी अधिक है। जम्मू संभाग में ड्रॉप ऑउट रेट को कम करने के लिए स्कूल शिक्षा निदेशालय ने आओ स्कूल चले जैसा अभियान भी शुरू किया था।
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हाल ही में नीति आयोग द्वारा जारी सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स इंडेक्स एंड डैशबोर्ड-2020-21 की रिपोर्ट में प्रदेश में सेकेंडरी स्तर पर ड्रापऑउट रेट में 6 फीसदी का सुधार हुआ है, लेकिन प्राइमरी और मीडिल स्तर तक स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या काफी बढ़ी है। प्रदेश सरकार ने स्कूल ड्रॉप ऑउट बच्चों की संख्या जानने के लिए अंतिम सर्वे 2016 में किया था, जिसमें स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या 27 हजार थी, लेकिन अब यह संख्या 50 हजार से अधिक हो गई है।

स्कूल एजुकेशन एंड लिटरेसी (डीएलईएल) ने भी इसको लेकर काफी चिंता व्यक्त की थी। इसको देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग जागरूकता कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। स्कूलों में ड्रॉप ऑउट रेट को कम करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग जागरूकता कार्यक्रम शुरू करेगा।       

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