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जम्मू-कश्मीर: 100 करोड़ से ज्यादा विदेशी निवेश के लिए नीति घोषित, इसके लिए होगा अलग लैंड बैंक

Fri, 04 Mar 2022 12:49 AM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू।
अमर उजाला ब्यूरो, जम्मू। Published by: अनुराग सक्सेना Updated Fri, 04 Mar 2022 12:49 AM IST
सार

नीति के अनुसार विदेशी निवेश भारत सरकार के एफडीआई नीति के तहत होगा। लगभग सभी सेक्टर में निवेश की छूट होगी। चिट फंड, निधि कंपनी, कृषि व पौधारोपण, रियल एस्टेट व फार्म हाउस के निर्माण में निवेश नहीं होगा।

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Jammu and Kashmir: Policy announced for foreign investment of more than 100 crores there will be a separate land bank for this
जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा - फोटो : अमर उजाला-फाइल फोटो

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में 100 करोड़ से ज्यादा विदेशी निवेश के लिए सरकार ने गुरुवार को नीति घोषित की। इसके तहत विदेशी निवेशकों के लिए अलग लैंड बैंक का प्रावधान किया जाएगा। 2030 तक प्रभावी इस नीति के तहत निवेशकों को जम्मू-कश्मीर औद्योगिक नीति की ही तरह इंसेंटिव और अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। ज्ञात हो कि उप राज्यपाल मनोज सिन्हा की अध्यक्षता में जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक परिषद ने 23 फरवरी को विदेशी निवेश प्रोत्साहन नीति को मंजूरी दी थी।

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नीति के अनुसार विदेशी निवेश भारत सरकार के एफडीआई नीति के तहत होगा। लगभग सभी सेक्टर में निवेश की छूट होगी। चिट फंड, निधि कंपनी, कृषि व पौधारोपण, रियल एस्टेट व फार्म हाउस के निर्माण में निवेश नहीं होगा। रियल एस्टेट में टाउनशिप का विकास, आवासीय व वाणिज्यिक परिसरों का निर्माण, सड़क व पुल का निर्माण शामिल नहीं होगा। पाकिस्तान और बांग्लादेश के नागरिकों को निवेश की अनुमति नहीं होगी।

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विदेशी निवेशक लघु उद्योगों में भी निवेश कर सकेंगे, बशर्ते वे एफडीआई नीति के तहत प्रतिबंधित नहीं हों। विदेशी निवेश आधारभूत ढांचों से जुड़ी कंपनियों में संभव है, लेकिन यह कुल पूंजी का 49 फीसदी तक होगा। नेपाल व भूटान के एनआरआई व नागरिकों को निवेश की छूट होगी।

पांच साल में उत्पादन बंद किया तो लौटाना होगा इंसेंटिव

नीति में कहा गया है कि योजना के तहत इंसेंटिव प्राप्त करने वाली इकाइयां यदि 10 वर्ष की अवधि में उत्पादन बंद कर देती हैं तो उत्पादन बंद करने की तिथि से इंसेंटिव की हकदार नहीं होगी। इसके साथ ही पांच साल के भीतर उत्पादन बंद करती हैं तो वे प्राप्त किए सभी अनुदान व इंसेंटिव को लौटाने के लिए बाध्य होंगी। यदि किसी ने गलत जानकारी के आधार पर इंसेंटिव प्राप्त किया होगा तो उसे प्रति वर्ष 15 फीसदी ब्याज के साथ इंसेंटिव की राशि लौटानी होगी।

इन क्षेत्रों में निवेश

पर्यटन व हॉस्पिटेलिटी सेवाएं (स्वास्थ्य व स्वास्थ्य देखभाल पर्यटन), फिल्म पर्यटन, फिल्म सिटी व फिल्म स्टूडियो, रोप-वे व मनोरंजन पार्क, हेरिटेज स्थलों का संरक्षण, आईटी सेवाएं, फ्रेट टर्मिनल, लॉजिस्टिक पार्क व कोल्ड स्टोर, शैक्षिक व कौशल विकास सेवाओं आदि क्षेत्रों में निवेश होगा।

केंद्र सरकार की एफडीआई शर्ते होंगी प्रभावी

उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव रंजन प्रकाश ठाकुर की ओर से जारी विदेशी निवेश प्रोत्साहन नीति में कहा गया है कि केंद्र सरकार की ओर से समय-समय पर जारी एफडीआई नीति में वर्णित शर्तें लागू होंगी। केंद्र सरकार की ओर से एफडीआई के लिए जारी प्रक्रियागत दिशा-निर्देश जम्मू-कश्मीर औद्योगिक नीति 2021-30 व जम्मू-कश्मीर औद्योगिक भूमि आवंटन नीति 2021-30 के साथ ही प्रभावी होंगे।

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