जम्मू: सरकारी कर्मियों के लिए 10 लाख का दुर्घटना बीमा कवर, दिसंबर 2022 तक रहेगा प्रभावी, विकलांगता पर भी मिलेगा लाभ
बीमा पालिसी के अनुसार हादसे में मौत या तीन साल की विकलांगता पर 10 लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाएगा। इसमें पीएसयूएस, स्वायत्त निकाय, स्थानीय निकाय, विश्वविद्यालय, डेली रेटेड कर्मचारी, कंसालिडेटेड, अनुबंध, एडहॉक कर्मचारी, कांटिंजेंट पेड कर्मचारी और एसपीओ शामिल होंगे।
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सरकार ने राजपत्रित (गजटेड) और गैर राजपत्रित सरकारी कर्मचारियों के लिए सामूहिक व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा पॉलिसी को लागू कर दिया है। यह दो दिसंबर 2021 से एक दिसंबर 2022 तक प्रभावी रहेगी।
बीमा पालिसी के अनुसार हादसे में मौत या तीन साल की विकलांगता पर 10 लाख रुपये का बीमा कवर दिया जाएगा। इसमें पीएसयूएस, स्वायत्त निकाय, स्थानीय निकाय, विश्वविद्यालय, डेली रेटेड कर्मचारी, कंसालिडेटेड, अनुबंध, एडहॉक कर्मचारी, कांटिंजेंट पेड कर्मचारी और एसपीओ शामिल होंगे। सभी डीडीओ, एचओडी, प्रबंध निदेशक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को प्रत्येक कर्मचारी के लिए बीमा नीति को अनिवार्य बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने बीमा नीति के लिए एम/एस ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के साथ अनुबंध किया है। नोडल अधिकारी योजना के तहत बीमा भुगतान की प्रक्रिया को देखेंगे। डीडीओ प्रत्येक कर्मचारी के वेतन से योजना के तहत प्रीमियम वसूली करना सुनिश्चित करेंगे। अगर प्रशासनिक और वित्तीय समस्याओं के चलते डीडीओ कर्मचारी का प्रीमियम दिसंबर माह में नहीं ले पाते हैं तो उसे 15 जनवरी 2022 से लेना सुनिश्चित बनाया जाएगा।
ट्रेजरी अधिकारियों को बिना प्रीमियम वसूली के वेतन बिल लेने से मना किया गया है। जो कर्मचारी विभिन्न कारणों से जम्मू-कश्मीर से बाहर हैं वे 15 जनवरी से पहले सरकारी ट्रेजरी में चालान के माध्यम से बीमा प्रीमियम जमा करवाएंगे। इस बीमा योजना में प्रत्येक लाभार्थी कर्मचारी को नामांकन आवेदन भरना होगा, जिसमें उसे अपने नामांकित व्यक्ति का विवरण देना होगा।
बीमा योजना के नियमों के तहत भुगतान प्रक्रिया के लिए एफआईआर/पुलिस फाइनल रिपोर्ट, मृत्यु प्रमाणपत्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विकलांगता प्रमाणपत्र (विकलांग होने की स्थिति में) देने होंगे। बीमा योजना के कार्यान्वयन के लिए वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अटल डुल्लू की ओर से आदेश जारी किया गया है।