जम्मू-कश्मीर: लेफ्टिनेंट जनरल जोशी ने उत्तरी कमान से ली विदाई, लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी संभालेंगे कार्यभार
वाईके जोशी ने एक फरवरी 2020 को उत्तरी कमान प्रमुख का पदभार संभाला था। 31 जनवरी 2022 को उनका इस पद पर अंतिम दिन था। उन्हें 12 जून 1982 को 13जेएके आरआईएफ कमीशन में नियुक्त किया गया था।
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सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने सोमवार को कमान से विदाई ली। सादे समारोह में सैन्य अधिकारियों और जवानों ने लेफ्टिनेंट जनरल जोशी को भावभीनी विदाई दी। इस अवसर पर जोशी ने उधमपुर स्थित ध्रुव युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। वाईके जोशी की जगह अब सेना के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी उत्तरी कमान का कार्यभार संभालेंगे। सैन्य प्रवक्ता के अनुसार द्विवेदी मंगलवार को उत्तरी कमान में यूनिट निरीक्षण के बाद उत्तरी कमान प्रमुख का कार्यभर संभालेंगे।
वाईके जोशी ने एक फरवरी 2020 को उत्तरी कमान प्रमुख का पदभार संभाला था। 31 जनवरी 2022 को उनका इस पद पर अंतिम दिन था। उन्हें 12 जून 1982 को 13जेएके आरआईएफ कमीशन में नियुक्त किया गया था। बाद में उसी यूनिट की कमान संभाली थी। वाईके जोशी राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खडकवासला के पूर्व छात्र और रक्षा सेवा स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन से स्नातकोत्तर हैं। उन्होंने नई दिल्ली में प्रतिष्ठित नेशनल डिफेंस कॉलेज कोर्स में भाग लिया।
कारगिल युद्ध में यूनिट को दिलाई अभूतपूर्व सफलता
लेफ्टिनेंट जनरल ने ऑपरेशन विजय और पराक्रम में 13जेएके आरआईएफ की कमान संभाली थी। उन्होंने कारगिल युद्ध के दौरान अपने उत्कृष्ट नेतृत्व के साथ जो उपनाम से सबका ध्यान आकर्षित किया, और अपनी यूनिट को अभूतपूर्व सफलता दिलाई। ऑपरेशन विजय में उनकी कमान के तहत यूनिट को कुल 37 वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था, जिनमें दो परमवीर चक्र, आठ वीर चक्र और 14 सेना मेडल शामिल थे।
यूनिट को चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ यूनिट प्रशस्ति पत्र और ब्रेवेस्ट ऑफ ब्रेव पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया। 13जेएके आरआईएफ के संचालन में उनको वीर चक्र से सम्मानित किया गया। वाईके जोशी ने तांगसे में इन्फैंट्री ब्रिगेड, करहु में इन्फैंट्री डिवीजन और लेह में कॉर्प्स की कमान संभाली थी। उन्होंने महानिदेशक, इन्फैंट्री के रूप में भी काम किया था, और इन्फैंट्री के आधुनिकीकरण अभियान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
संयुक्त राष्ट्र, अंगोल में सैन्य पर्यवेक्षक के रूप में भी किया काम
जनरल ऑफिसर के पास इन्फैंट्री स्कूल, महू में निर्देशक के रूप में कार्यकाल और विभिन्न स्टाफ एक्सपोजर हैं, जिसमें सैन्य संचालन निदेशालय में स्टाफ की नियुक्ति और बीजिंग (चीन) में डिफेंस अटैच के रूप में नियुक्ति शामिल है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र, अंगोला में सैन्य पर्यवेक्षक के रूप में भी काम किया है। सेना कमांडर के रूप में उत्तरी कमान के शासन को संभालने से पहले वह उत्तरी कमान के चीफ ऑफ स्टाफ थे।