पाकिस्तान डे पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम के लिए अलगाववादियों को न्यौता
- पाक की ओर से 100 लोगों को मिला न्यौता
- हुर्रियत के सदस्यों के अलावा कई वकील और पत्रकार भी शामिल
- नेकां ने कहा, ऐसे न्यौते आना एक सामान्य प्रक्रिया
- कार्यक्रम में सभी अलगाववादियों नेताओं के जाने की उम्मीद
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पाकिस्तानी उच्चायुक्त अब्दुल बासित द्वारा घाटी के अलगाववादियों को दिल्ली में पाकिस्तान डे के मौके पर 23 मार्च को आयोजित होने वाले कार्यक्रम के लिए न्यौता भेजने पर सियासत में हलचल मच गई है।
मिली जानकारी के अनुसार करीब 100 लोगों को पाकिस्तान-डे पर आमंत्रित किया गया है, जिनमें हुर्रियत (जी) और हुर्रियत (म) के सदस्यों के अलावा कई वकील और पत्रकार भी शामिल हैं। इस कार्यक्रम के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को भी आमंत्रित किया गया है, लेकिन सूत्रों ने बताया कि इसकी संभावना कम है कि सिंह इस कार्यक्रम में शामिल हों।
भाजपा के प्रवक्ता खालिद जहांगीर ने कहा कि यह जो पाकिस्तानी उच्चायुक्त द्वारा कश्मीरी अलगाववादियों को आमंत्रित किया गया है। पाकिस्तान डे के मौके पर यह कोई अहमियत नहीं रखता, क्योंकि जम्मू कश्मीर के लिहाज से अगर देखा जाए तो यह अलगाववादी अप्रसांगिक हैं। यह जो पाकिस्तान इन्हें बुलाता है, उन्हे अपनी राजनीति चलानी है, जिसे ध्यान में रखते हुए वह अलगाववादियों को न्यौता भेजता है।
कार्यक्रम में सभी अलगाववादी नेताओं के जाने की उम्मीद
उन्होंने यह भी कहा कि अलगाववादी आईएसआई के पे-रोल पर हैं इसलिए उन्हें उनके निर्देशों का पालन करना है। खालिद के अनुसार यह अलगाववादी न ही यहां के लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं और न ही उनके राज्य का।
वहीं नेशनल कांफ्रेंस के प्रवक्ता जुनैद अजीम मट्टू ने कहा कि यह जो अलगाववादियों को न्यौता आया है यह एक सामान्य प्रक्रिया है। पहले भी आता रहा है और अभी भी आया है। ऐसे में इस मुद्दे को ज्यादा अहमियत देने की कोई आवश्यकता नहीं है।
मट्टू ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि इस मुद्दे को भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाली वार्ता को बीच में रोकने के लिए एक बहाना नहीं बनाया जाएगा। गौरतलब है कि पाकिस्तान डे के अवसर पर पाकिस्तानी उच्चायुक्त द्वारा कार्यक्रम के बाद रात के बड़े खाने का भी आयोजन किया गया है। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लगभग सभी अलगाववादियों नेताओं के जाने की उम्मीद जताई जा रही है।