पीडीपी के विश्वासघात से टूटा गठबंधन: अमित शाह
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर में गठबंधन सहयोगी रही पार्टी पीडीपी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि उसके विश्वासघात के कारण गठबंधन टूटा। उन्होंने कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस पर भी तीखा कटाक्ष करते हुए 2019 लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा का रोड मैप सामने रखा। परेड में आयोजित रैली में 36 मिनट के भाषण में शाह ने कहा कि वह जम्मू की जनता को बताने आए हैं कि पीडीपी से भाजपा का गठबंधन टूटने के तीन प्रमुख कारण रहे हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर का संतुलित विकास किया जाना था।
कश्मीर की तरह जम्मू और लद्दाख का विकास होना था, लेकिन यह नहीं हुआ। कश्मीर में शांति बनाए रखने के प्रयास और आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाने के बजाय कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे। सेना के जवान की हत्या कर दी गई। पत्रकार की हत्या हो गई। ऐसे में गठबंधन तोड़कर सरकार से बाहर निकलने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था। भाजपा को वोट जम्मू संभाग से मिले हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू को प्राथमिकता देते हुए रियासत को दिल खोलकर पैसे दिए, लेकिन विश्वासघात हुआ।
तथ्यों के आधार पर भाजपा इसके लिए किसी से भी बहस के लिए तैयार है। पीएम ने 80 हजार करोड़ का पैकेज दिया। 61 हजार करोड़ की राशि 63 प्रोजेक्टों के लिए जारी हुई, लेकिन इसमें भी जम्मू और लद्दाख की अनदेखी हुई। जम्मू में एम्स पर राज्य सरकार काम तक शुरू नहीं करवा पाई, जबकि मोदी सरकार ने धनराशि को मंजूर किया हुआ है। आईआईएम के शैक्षणिक सत्र में देरी की गई। पांच मेडिकल कॉलेजों में जम्मू की उपेक्षा की जाती रही। जम्मू में स्मार्ट सिटी पर काम शुरू तक नहीं हुआ।
1500 करोड़ राज्य सरकार ने तिजोरी में रखी
पीओजेके रिफ्यूजियों के लिए केंद्र की ओर से दिए गए 2000 करोड़ में से केवल 500 करोड़ ही उनमें वितरित हुए। 1500 करोड़ राज्य सरकार ने अपनी तिजोरी में रखे रखा। पश्चिम पाकिस्तान रिफ्यूजियों के परिवारों का पूरा ब्योरा नहीं दिया। सीमांत इलाकों के लोगों की गोलीबारी में मौत पर पांच लाख की अनुदान सहायता देने में देरी हुई। 400 करोड़ जारी करने के बावजूद बंकर नहीं बने।
परिसीमन आयोग जिससे जम्मू संभाग को हक मिलता उस पर पीडीपी ने अड़ंगा लगाया। ऐसे में पीडीपी के साथ रहना मुश्किल हो गया और गठबंधन तोड़ा गया। कहा कि मोदी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति अपनाई है। 400 से ज्यादा आतंकवादियों को मारा जा चुका है और आगे भी यह काम चलता रहेगा। सुरक्षा बल हर चुनौती का सामना करने को तैयार हैं।
नाम लिए बगैर नेकां पर तीखे प्रहार
शाह ने नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी का नाम लिए बिना कहा कि रियासत में दो परिवारों ने इतनी संपत्ति इकट्ठी की हैं जितनी पूरे राज्य लोगों के पास होगी।
आजाद-सोज के बयानों पर माफी मांगें राहुल गांधी
अमित शाह ने कहा गुलाम नबी आजाद ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों को लेकर ऐसी टिप्पणी की कि आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-ताइबा ने भी उसका समर्थन कर दिया। कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज तो कश्मीर की आजादी की बात कर रहे हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को इसके लिए देश को जवाब देना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए, लेकिन वह जानते हैं राहुल ऐसा नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कांग्रेस अपने मूल रंग पर वापस आ चुकी हैं।