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जम्मू कश्मीर: हिमस्खलन में फंसने से 11 की मौत, NDRF के रेस्क्यू ऑपरेशन में शव बरामद
टीम डिजिटल, अमर उजाला, नोएडा
Updated Sat, 06 Jan 2018 09:52 PM IST
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उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले कुपवाड़ा के तंगधार सेक्टर के करीब साधना टॉप पर हिमस्खलन की चपेट में आए 11 लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। रेस्क्यू आपरेशन में दो लोगों को बचाया गया है, जिसमें एक आठ साल का बच्चा है।
कुपवाड़ा को करनाह के साथ जोड़ने वाला 75 किलोमीटर लंबा यह रास्ता बर्फबारी के बाद अधिकतर बंद रहता है लेकिन इस बार दिसंबर में कुछ दिन बंद रहने के बाद इसे क्लीयर कर खोल दिया गया था।
साधना टॉप के करीब खूनी नाला इलाके में शुक्रवार दोपहर दो हिमस्खलन की घटनाएं सामने आई। पहली घटना में बॉर्डर रोड आर्गेनाईजेशन (बीआरओ) के दो अधिकारी हिमस्खलन की चपेट में आ गए।
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इस दौरान एक अधिकारी घायल हो गया जबकि एक सेक्टर कमांडर बर्फ के साथ बह गया, जिसकी शिनाख्त 109 आरसीसी के एमपी सिंह के तौर पर हुई थी। दूसरी घटना में एक पैसेंजर सूमो (जेके09-3249) साधना टॉप के पास खूनी नाले इलाके में हिमस्खलन की चपेट में आ गई।
इस गाड़ी के ड्राईवर जहूर अहमद ने कूदकर जान बचाई। घटना के तुरंत बाद सेना की एवलांच रेस्क्यू टीम, एसडीआरएफ, पुलिस, बॉर्डर रोड आर्गेनाईजेशन के जवानों के साथ-साथ स्थानीय लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
इस दौरान 11 साल के अब्दुल वाहिद पर्रे को जिंदा रेस्क्यू किया गया, जिसे तुरंत श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल रेफर किया गया। रात में अंधेरा और खराब मौसम के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन स्थगित किया गया था, जिसे शनिवार तड़के फिर से शुरू किया गया।
इस दौरान गुलाम नबी भट को जिंदा निकाला गया और उसे श्रीनगर के स्किम्स अस्पताल रेफर किया गया। करीब 24 घंटे तक चले ऑपरेशन में 11 शव भी बरामद हुए।
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कुपवाड़ा को करनाह के साथ जोड़ने वाला 75 किलोमीटर लंबा यह रास्ता बर्फबारी के बाद अधिकतर बंद रहता है लेकिन इस बार दिसंबर में कुछ दिन बंद रहने के बाद इसे क्लीयर कर खोल दिया गया था।
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साधना टॉप के करीब खूनी नाला इलाके में शुक्रवार दोपहर दो हिमस्खलन की घटनाएं सामने आई। पहली घटना में बॉर्डर रोड आर्गेनाईजेशन (बीआरओ) के दो अधिकारी हिमस्खलन की चपेट में आ गए।
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इस दौरान एक अधिकारी घायल हो गया जबकि एक सेक्टर कमांडर बर्फ के साथ बह गया, जिसकी शिनाख्त 109 आरसीसी के एमपी सिंह के तौर पर हुई थी। दूसरी घटना में एक पैसेंजर सूमो (जेके09-3249) साधना टॉप के पास खूनी नाले इलाके में हिमस्खलन की चपेट में आ गई।
इस गाड़ी के ड्राईवर जहूर अहमद ने कूदकर जान बचाई। घटना के तुरंत बाद सेना की एवलांच रेस्क्यू टीम, एसडीआरएफ, पुलिस, बॉर्डर रोड आर्गेनाईजेशन के जवानों के साथ-साथ स्थानीय लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।
इस दौरान 11 साल के अब्दुल वाहिद पर्रे को जिंदा रेस्क्यू किया गया, जिसे तुरंत श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल रेफर किया गया। रात में अंधेरा और खराब मौसम के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन स्थगित किया गया था, जिसे शनिवार तड़के फिर से शुरू किया गया।
इस दौरान गुलाम नबी भट को जिंदा निकाला गया और उसे श्रीनगर के स्किम्स अस्पताल रेफर किया गया। करीब 24 घंटे तक चले ऑपरेशन में 11 शव भी बरामद हुए।
ऑपरेशन हो चुका है खत्म
जिले के डिप्टी कमिश्नर खालिद जहांगीर ने फोन पर बताया कि इन घटनाओं के बाद तुरंत सेना, एसडीआरएफ, बीआरओ, पुलिस आदि की विशेष टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू कर दिया।
पवाड़ा के एसएसपी शमशेर हुसैन ने बताया कि ऑपरेशन ख़त्म हो चुका है। इस दौरान 11 शव बरामद किए गए हैं। दो लोगों को जिंदा बचाया गया है, जो श्रीनगर रेफर किए गए हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर हैं।
इस घटना को लेकर शनिवार को करनाह में स्थानीय लोगों द्वारा जमकर प्रदर्शन किया। लोगों में सरकार के प्रति रोष था। उनका कहना था कि सरकार केवल 10 किलोमीटर का एक टनल का निर्माण नहीं करवा रही जो हमें साल भर घाटी के साथ जोड़े रखेगा।
पवाड़ा के एसएसपी शमशेर हुसैन ने बताया कि ऑपरेशन ख़त्म हो चुका है। इस दौरान 11 शव बरामद किए गए हैं। दो लोगों को जिंदा बचाया गया है, जो श्रीनगर रेफर किए गए हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर हैं।
इस घटना को लेकर शनिवार को करनाह में स्थानीय लोगों द्वारा जमकर प्रदर्शन किया। लोगों में सरकार के प्रति रोष था। उनका कहना था कि सरकार केवल 10 किलोमीटर का एक टनल का निर्माण नहीं करवा रही जो हमें साल भर घाटी के साथ जोड़े रखेगा।