हंदवाड़ा विवाद: मजिस्ट्रेट के सामने लड़की बोली, 'सैन्यकर्मी ने नहीं की थी छेड़छाड़'
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हंदवाड़ा विवाद का केंद्र रही 16 साल की लड़की ने कुपवाड़ा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष अपना बयान दर्ज करवाया। मजिस्ट्रेट के सामने बयान में लड़की ने बयान में सैन्यकर्मी पर छेड़छाड़ के आरोप को नकार दिया है।
पुलिस ने बताया कि, लड़की अपने पिता के साथ शनिवार शाम को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश हुई और अपने बयान दर्ज करवाए। लड़की ने अपने बयान में कहा कि 12 मार्च को वह स्कूल की छुट्टी के बाद मैं वहां से गुजरी, वहां पर वह अपनी फ्रैंड को बैग देकर हंदवाड़ा चौक पर स्थित शौचालय चली गई।
वापस आने के बाद जब मैंने अपना बैग लिया, इतने में एक लड़का आया और मुझे थप्पड़ मार दिया। लड़के ने मैरा बैग छीन लिया। लड़का मेरे स्कूल की वर्दी पहना हुआ था। उसके साथ किसी सैन्यकर्मी ने छेड़छाड़ नहीं की है।
कल लड़की मां की ओर से जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट दायर की गई याचिक के पर कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए लड़की को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पेश किया गया था। लड़की की मां की ओर से दायर की गई याचिक में इस घटना के बाद से पुलिस की हिरासत में लड़की, उसके पिता और मौसी की रिहाई की मांग की गई थी।
श्रीनगर में पाबंदी हटाई गयीं
अधिकारियों ने आज जम्मू कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी में प्रतिबंध हटा दिये वहीं कुपवाड़ा में लोगों की आवाजाही पर पाबंदी आज पांचवें दिन भी बनी हुई है जो सुरक्षा बलों की कार्रवाई में पांच लोगों की मौत के बाद मंगलवार से लागू हंै। अधिकारी ने कहा कि कश्मीर में मोबाइल इंटरनेट सेवा पूरी तरह बंद रहेगी ताकि अफवाहों को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि हालात का जायजा लेने के बाद आज बाद में सेवाएं बहाल की जा सकती हैं।
पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं ठप रहीं। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि आज श्रीनगर में कोई पाबंदी नहीं रही। उन्होंने कहा कि शहर के छह थाना क्षेत्रों में बुधवार को लागू की गयी पाबंदियां हटा ली गयी हैं क्योंकि शनिवार को कोई बड़ा प्रदर्शन नहीं हुआ और बंद या विरोध प्रदर्शन का कोई आह्वान नहीं किया गया।
हालांकि अधिकारी के मुताबिक कुपवाड़ा और हंदवाड़ा समेत उत्तर कश्मीर के कुछ इलाकों में कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए पाबंदियां लागू हैं। इस बीच घाटी में आज सामान्य गतिविधियां बहाल हो गयीं और किसी अलगाववादी समूह ने हड़ताल का आह्वान नहीं किया है।
रविवार को जहां सरकारी दफ्तर और शिक्षण संस्थान बंद रहे वहीं चार दिन के बाद शहर में तथा अन्य जिलों में दुकानें, पेट्रोल पंप और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान खुल गये। सार्वजनिक परिवहन के साधन सड़क पर दिखने लगे हैं।