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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Fury in Hotels and Lodge Association: J&K administration ignoring tourism sector, hotel industry on ventilator

होटल्स एंड लाज एसोसिएशन में रोष: पर्यटन क्षेत्र को अनदेखा कर रहा जम्मू-कश्मीर प्रशासन, वेंटिलेटर पर है होटल उद्योग

Sat, 12 Jun 2021 11:17 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Sat, 12 Jun 2021 11:17 PM IST
सार

जम्मू में बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। कोविड महामारी से होटल उद्योग शून्य पर चल रहा है।

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Fury in Hotels and Lodge Association: J&K administration ignoring tourism sector, hotel industry on ventilator
जम्मू स्टेशन - फोटो : File Photo

विस्तार

ऑल जम्मू होटल्स एंड लाज एसोसिएशन की बैठक में सरकार दारा होटल उद्योग के लिए कोई राहत पैकेज की घोषणा न करने पर रोष जताया गया है। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार उचित प्रयास नहीं कर रही है, जिससे होटल उद्योग बुरी तरह से प्रभावित है। कोविड महामारी से होटल उद्योग के लिए आर्थिक संकट बढ़ा है।
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एसोसिएशन के चेयरमैन इंद्रजीत खजूरिया और प्रधान पवन गुप्ता ने पदाधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक करते हुए बताया कि उपराज्यपाल को लिखे पत्र में पर्यटन क्षेत्र विशेष रूप से होटल उद्योग की अनदेखी करने पर निराशा व्यक्त की गई है। जम्मू से कटड़ा तक ट्रेन सेवा के विस्तार से पहले ही जम्मू का होटल उद्योग वेंटिलेटर पर है।
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पर्यटन बिरादरी से जुड़े होटल, लाज, ढाबे, ट्रैवल एजेंट, टूर आपरेटर, शाल और हस्तशिल्प कारोबारी, सूखे मेवे, टैक्सी, आटो, ट्रांसपोर्टर आदि प्रभावित हैं। जम्मू में बाहर से आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। कोविड महामारी से होटल उद्योग शून्य पर चल रहा है।
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यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: जम्मू शहर में 30 जून तक लगेंगे बिजली के लंबे कट, जानिए किस समय कहां होगी कटौती

चूंकि कोविड की तीसरी लहर का खतरा मंडरा रहा है, ऐसे में सरकार को वित्तीय राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। देश के कई राज्यों में ऐसी घोषणाएं की गई हैं। बैठक में एमएल शर्मा, अनिल खजूरिया, प्रीतम शर्मा, एचएस मन्हास, बलदेव राज, सुनील सूरी आदि मौजूद रहे।
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