J&K: जम्मू-कश्मीर में जंगलों की आग बेकाबू, उधमपुर, कठुआ, राजोरी, रियासी और पुंछ में करोड़ों की संपदा नष्ट
मां वैष्णो देवी यात्रा के पारंपरिक मार्ग पर अर्धकुंवारी क्षेत्र के लंबी केरी में भी आग भड़क गई। हालांकि, इस पर चार घंटे की मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया। राजोरी के डंगू ब्लॉक में एक स्कूल इसकी चपेट में आ गया। रियासी के ध्यानगढ़ में बने सलाल डैम की ओर जाने वाले सड़क के किनारे के जंगलों में आग लग गई।
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जम्मू-कश्मीर के जंगलों में लगी आग बेकाबू है। आग हर दिन नए इलाकों में फैल रही है। इससे न सिर्फ करोड़ों रुपये की वन संपदा को नुकसान हो रहा है, बल्कि बड़ी संख्या में राष्ट्रीय पक्षी मोर के साथ अन्य वन्य जीव भी चपेट में आ रहे हैं। कुछ इलाकों में आग रिहायशी इलाकों में भी पहुंच गई है।
मां वैष्णो देवी यात्रा के पारंपरिक मार्ग पर अर्धकुंवारी क्षेत्र के लंबी केरी में भी आग भड़क गई। हालांकि, इस पर चार घंटे की मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया। राजोरी के डंगू ब्लॉक में एक स्कूल इसकी चपेट में आ गया। रियासी के ध्यानगढ़ में बने सलाल डैम की ओर जाने वाले सड़क के किनारे के जंगलों में आग लग गई। कठुआ के रामकोट, बिलावर व बसोहली में रुक-रुक कर जंगल सुलग रहे हैं। उधमपुर के घोरडी ब्लॉक के दया धार इलाके में तीन दिन से लगी आग से निपटने के लिए वायुसेना के हेलिकॉप्टरों को तैनात करने की प्रशासन से अपील की गई है। इस बीच रियासी में आग लगाने वाले दो लोगों की शिनाख्त कर ली गई है।
उधमपुर जिले के गंगेरा हिल के जंगलों में रविवार को आग लग गई। उधमपुर के ब्लॉक वन अधिकारी भारम दत्त शर्मा ने बताया, आग सुबह लगी। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे और आग बुझाना शुरू कर दिया। आग पर अब तक काबू नहीं पाया जा सकता है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, आग ने बहुत नुकसान पहुंचाया है। जंगल का एक बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो गया है। लकड़ी और अन्य प्राकृतिक संसाधनों में करोड़ों रुपये का अनुमानित नुकसान हुआ है। जिले के घोरडी ब्लॉक के दया धार के जंगलों में तीन दिनों से एक और बड़ी आग लगी हुई है। यह तेजी से आगे बढ़ रही है।
राजोरी के स्कूल में सामान राख
राजोरी जिले के डूंगी, ग्राती, भंगाई, ततापानी, कालाकोट, धनौर जंगलों में शनिवार रात को आग लग गई। इलाके सारी रात दहकते रहे। फारेस्ट प्रोटेक्शन फोर्स के असिस्टेंट डायरेक्टर मासूद अहमद के अनुसार, सूचना मिलते ही दमकल विभाग, फारेस्ट प्रोटेक्शन फोर्स, वन विभाग के कर्मचारी आग पर काबू पाने की कोशिश में जुट गए और रविवार शाम स्थिति पर काबू पा लिया गया। जंगल की आग डूंगी ब्लॉक के झलास क्षेत्र में स्थित सरकारी हाई स्कूल तक पहुंच गई।
स्कूल के शेड को चपेट में ले लिया। दमकल कर्मचारियों के पहुंचने तक शेड में रखा मध्याह्न भोजन का राशन और कुछ अन्य सामान आग की भेंट चढ़ गया। शिक्षा विभाग की टीम स्कूल में हुए नुकसान का सोमवार को आकलन करेगी।
रियासी में सलाल डैम जाने वाली रोड के किनारे जंगल सुलगे
रियासी जिले के बिडड़ा गांव से सलाल डैम की तरफ जाने वाली मुख्य सड़क मार्ग के पास बने जंगलों में शनिवार शाम आग लगने से बड़े पैमाने पर वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। आग पर रात को काबू पाया जा सका। इस स्थान पर आग लगाने के लिए विभाग ने दो लोगों की पहचान की है। वहीं माड़ी गांव के भी जंगल में भी आग लगने की घटना हुई, जिस पर काबू पा लिया गया।
रविवार को वन विभाग की तरफ से लाउड स्पीकर के जरिये गांव-गांव जाकर लोगों को जंगलों में आग नहीं लगाने की चेतावनी दी गई है। ऐसा न करने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
पुंछ में सीमापार से पहुंची आग
पुंछ जिले के सलोत्री इलाके में नियंत्रण रेखा पर पिछले कई दिनों से जंगल सुलग रहे हैं। इस आग की चपेट में माइनिंग वाला इलाका भी आ चुका है। बारूदी सुरंगों के धमाके रह-रह कर सुनाई दे रहे हैं। यहां आग सीमा पार से इस तरफ आई है।
यात्रा पर कोई असर नहीं
अर्धकुंवारी क्षेत्र के लंबी केरी स्थान पर शनिवार रात करीब 12 बजे संदिग्ध परिस्थितियों में आग भड़क उठी। करीब 200 से 300 मीटर क्षेत्र में वन संपदा को नुकसान पहुंचा है। हालांकि इसका यात्रा पर कोई असर नहीं पड़ा। यात्रा सुचारू रूप से जारी रही।