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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Forest Department and administration destroy illegally settled settlement in forest land directly under Mahama

जम्मू के महामाया वन क्षेत्र में बड़ा एक्शन: वन विभाग का चला बुलडोजर, 20 से अधिक अवैध ढांचे ध्वस्त; मचा हड़कंप

Tue, 19 May 2026 11:46 AM IST
Nikita Gupta अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू
अमर उजाला नेटवर्क, जम्मू Published by: Nikita Gupta Updated Tue, 19 May 2026 11:46 AM IST
सार

जम्मू के महामाया वन क्षेत्र और रायका बांदी बेल्ट में वन विभाग, पुलिस और अन्य एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई कर करीब 60 कनाल वन भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया।

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Forest Department and administration destroy illegally settled settlement in forest land directly under Mahama
अवैध निर्माण हटाए गए - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

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वन विभाग की भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए सोमवार देर रात करीब तीन बजे से बड़ी कार्रवाई शुरू की गई। रायका बांदी के घने जंगलों में मंगलवार सुबह आठ बजते-बजते 45 अवैध मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। विरोध की आशंका में पूरा इलाका छावनी में तब्दील रहा। इससे अतिक्रमणकारी विरोध नहीं कर सके।

इस कार्रवाई पर वन मंत्री जावेद अहमद राणा भड़क उठे। उन्होंने कहा कि साजिश के तहत कार्रवाई की गई है। इसमें जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करूंगा। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात कर पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद दिलाई जाएगी।

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प्रशासन के अनुसार वन विभाग की जमीन पर पिछले 30 वर्षों से कब्जा किया जा रहा था। वन भूमि पर पक्के घर बना लिए गए थे। बाहर से भी बड़ी आबादी बसाई जा रही थी। इससे जंगल का अस्तित्व संकट में पड़ गया था। अतिक्रमण की आड़ में संदिग्ध लोगों के जमा होने से सुरक्षा व्यवस्था पर भी खतरा मंडरा रहा था। इस कारण कार्रवाई का निर्णय लिया गया। इस दौरान पुलिस और वन विभाग की टीम पर हमले की आशंका में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए। 165 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। डोगरा चौक से लेकर रायका के जंगल की ओर जाने वाले हर रास्ते को बैरिकेड लगाकर रोक दिया गया।

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महिलाओं और बच्चों को बाहर निकाला

बागे बाहू, बाहू फोर्ट, नगरौटा, एसपी साउथ, एसडीपीओ ईस्ट के साथ डीएफओ अर्बन अश्वनी कुमार ने कार्रवाई शुरू कराई। जेसीबी और पोकलैंड मशीनें जैसे चलनी शुरू हुईं तो पुरुषों के साथ महिलाएं और बच्चे विरोध में उतर आए। महिला पुलिसकर्मियों ने महिलाओं और बच्चों को मौके से हटाया। इसके बाद एक-एक करके अवैध रूप से बने घरों को ध्वस्त कर मलबे में तब्दील करा दिया गया।

पूर्व पार्षद को रास्ते में रोका...पूर्व पार्षद शमा अख्तर समर्थकों के साथ सोमवार देर रात तीन बजे ही रायका बांदी के जंगलों की ओर विरोध करने जा रही थीं। पुलिस ने उन्हें निर्माणाधीन पुल के ऊपर ही रोक दिया। बुलडोजर की धमक व पुलिस की सख्ती देख कोई जनप्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा। लोगों के अनुसार 45 मकान ध्वस्त किए गए हैं, जबकि वन विभाग ने 32 मकानों को गिराने की पुष्टि की है।

वन मंत्री जावेद राणा ने पुलिस कार्रवाई पर एफआईआर की मांग
इस अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में वन मंत्री जावेद अहमद राणा ने कार्रवाई की जांच के आदेश दिए हैं और कथित अनियमितताओं को लेकर पुलिस अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

राणा ने प्रभावित लोगों से मुलाकात के बाद कहा कि वह उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से अपील करेंगे कि पुलिस की भूमिका की जांच कराई जाए और जिन अधिकारियों ने अत्यधिक बल प्रयोग किया है उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लोगों को पूजा तक नहीं करने दिया और बल प्रयोग किया गया।

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