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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Facility: Women in Jammu and Kashmir will get door-to-door digital banking facility, Digi Sakhi scheme launched

सुविधा: जम्मू-कश्मीर में महिलाओं को घर-द्वार मिलेगी डिजिटल बैंकिंग सुविधा, डिजी सखी योजना शुरू

Wed, 15 Sep 2021 12:06 AM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Wed, 15 Sep 2021 12:06 AM IST
सार

एक ग्राम पंचायत-एक डिजी पे सखी योजना के पहले चरण में दो हजार गांव चयनित। स्वयं सहायता समूहों की 80 महिलाएं बनीं डिजी सखी। एलजी बोले, महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए उधमपुर में बनेगा पहला महिला औद्योगिक क्षेत्र।

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Facility: Women in Jammu and Kashmir will get door-to-door digital banking facility, Digi Sakhi scheme launched
डिजिटल बैंकिंग - फोटो : pixabay

विस्तार

जम्मू-कश्मीर में महिलाओं को घर-घर तक डिजिटल बैंकिंग और वित्तीय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंगलवार को उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक ग्राम पंचायत-एक डिजी पे सखी योजना का शुभारंभ किया। इसके तहत पहले चरण में दूरदराज के दो हजार गांवों को चयनित किया गया है। साथ ही स्वयं सहायता समूहों की 80 महिलाओं को डिजी सखी के रूप में चयनित किया गया है जो इसके लिए जागरूकता फैलाएंगी। इस अवसर पर उप राज्यपाल ने घोषणा की कि उधमपुर में पहला महिला औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किया जाएगा। यह पहल महिला उद्यमियों को और सशक्त बनाने की दिशा में है।  

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पांपोर के जम्मू-कश्मीर उद्यमिता विकास संस्थान (जेकेईडीआई) में आयोजित कार्यक्रम में उप राज्यपाल ने 80 डिजी सखियों को आधार आधारित भुगतान प्रणाली का वितरण किया। साथ ही कृषि व पशुधन प्रबंधन के लिए कृषि व पशु सखियों के लिए सप्ताह व्यापी प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि किसी भी देश के विकास में नारी शक्ति की सामाजिक व आर्थिक आजादी महत्वपूर्ण है। प्रदेश सरकार ने महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए व्यापक पैमाने पर अभियान चलाया है।
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डिजी, कृषि व पशु सखी के साथ ही सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए हौसला, तेजस्विनी, उम्मीद आदि कार्यक्रम चलाए हैं ताकि वह विकास यात्रा में सहभागी बन सकें। उप राज्यपाल ने कहा कि डिजी सखी के जरिये न केवल पैसे जमा किए जा सकेंगे बल्कि प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना, किसान क्रेडिट कार्ड के लिए पंजीकरण भी कराए जा सकेंगे। कहा कि लोगों को सशक्त बनाने के लिए कमजोर तबके के लोगों को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। पीएम किसान का लाभ दिया जा रहा है। कोरोना काल में मनरेगा की पारिश्रमिक दर भी बढ़ाई गई है।
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महिला सशक्तीकरण में जम्मू-कश्मीर देश में बन रहा उदाहरण
एलजी ने कहा कि परिवार, समाज, क्षेत्र, देश, विश्व और मानवता बिना महिला सशक्तीकरण के अधूरे हैं। प्रदेश सरकार महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार के लिए व्यापक पैमाने पर काम कर रही है। खासकर ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के नए स्त्रोतों से जोड़ा जा रहा है। महिला साक्षरता दर में बढ़ोतरी, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को उद्यमी बनाने और महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए वित्तीय सहायता की बदौलत जम्मू-कश्मीर महिला सशक्तीकरण में देशभर में उदाहरण बन रहा है।

महिला लोकसंगीत देता है प्रेरणा
उप राज्यपाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर की महिला लोकसंगीत लोगों को प्रेरणा प्रदान करता है। यह जम्मू-कश्मीर को विकसित और समृद्ध बनाने में योगदान दे रहा है। आजादी के शताब्दी वर्ष में उम्मीद है कि लिंग आधारित भेदभाव के बिना समाज में महिलाओं को उनका हक मिलेगा। महिलाओं को सामाजिक-आर्थिक आजादी देने का सपना पूरा होगा। मुख्य सचिव डॉ. अरुण कुमार मेहता ने डिजी सखियों से ग्रामीण महिलाओं में जागरूकता उत्पन्न करने का आह्वान किया। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं के आजाद व प्रगतिशील महिला होने का सपना साकार करने पर जोर दिया।

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