{"_id":"56ece4474f1c1bd3618b4997","slug":"budger-of-the-state-based-on-agriculture","type":"story","status":"publish","title_hn":"केंद्र की तर्ज पर कृषि आधारित होगा राज्य का लेखानुदान : वोहरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केंद्र की तर्ज पर कृषि आधारित होगा राज्य का लेखानुदान : वोहरा
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sat, 19 Mar 2016 11:01 AM IST
विज्ञापन
गवर्नर एनएन वोहरा
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कृषि को अर्थव्यवस्था का आधार बताते हुए राज्यपाल एनएन वोहरा ने केंद्रीय बजट की तर्ज पर राज्य के अगले लेखानुदान को कृषि केंद्रित बनाने का ऐलान किया है। राज्यपाल ने कहा कि पहले तो यह काम प्रस्तावित नई सरकार करेगी और यदि सरकार नहीं बनती है तो राज्यपाल शासन कृषि एवं संबंधित गतिविधियों को प्राथमिकता देने वाला लेखानुदान पेश करेगा। इसके लिए प्राथमिकताएं लगभग तय हो चुकी हैं।
शेरे कश्मीर यूनिवर्सिटी आफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नालाजी में दो दिवसीय किसान मेले के उद्घाटन समारोह में राज्यपाल ने कहा कि सात दशकों से आम बजट सुनते आ रहे हैं। पहली मर्तबा हर क्षेत्र के साथ-साथ किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण योजनाएं बनाई गई हैं।
कृषि सिंचाई योजना और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि खरीफ सीजन की फसलाें के बीमा के लिए किसानों से एक फीसदी अंश, रबी सीजन में 1.5 फीसदी अंश और नकदी फसलों के लिए 5 फीसदी अंश राशि लेने के प्रावधान महत्वपूर्ण हैं।
विज्ञापन
केंद्रीय योजना के लिए राज्यपाल ने कहा कि जागरूकता के लिए राज्य में मुनादी की जाएगी। गांव-गांव में योजनाओं के प्रति किसानों को जागरूक किया जाएगा। राज्य में सत्तर फीसदी आबादी कृषि क्षेत्र से जुड़ी हुई है।
साठ फीसदी क्षेत्र पूरी तरह से बारिश पर निर्भर है। इस चुनौती से निपटने के लिए कृषि संस्थानों को बीज, पौधे सहित नवीनतम तकनीकों को प्रयोगशाला से खेतों तक पहुंचाया जाए। राज्य में 1500 करोड़ रुपये के डेयरी, पोल्ट्री, मछली और दूध उत्पादों आ आयात हो रहा है, जबकि हमें आत्मनिर्भर बनकर इन उत्पादों का निर्यात करने की स्थिति में होना चाहिए।
विज्ञापन
शेरे कश्मीर यूनिवर्सिटी आफ एग्रीकल्चरल साइंसेज एंड टेक्नालाजी में दो दिवसीय किसान मेले के उद्घाटन समारोह में राज्यपाल ने कहा कि सात दशकों से आम बजट सुनते आ रहे हैं। पहली मर्तबा हर क्षेत्र के साथ-साथ किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण योजनाएं बनाई गई हैं।
विज्ञापन
कृषि सिंचाई योजना और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि खरीफ सीजन की फसलाें के बीमा के लिए किसानों से एक फीसदी अंश, रबी सीजन में 1.5 फीसदी अंश और नकदी फसलों के लिए 5 फीसदी अंश राशि लेने के प्रावधान महत्वपूर्ण हैं।
विज्ञापन
केंद्रीय योजना के लिए राज्यपाल ने कहा कि जागरूकता के लिए राज्य में मुनादी की जाएगी। गांव-गांव में योजनाओं के प्रति किसानों को जागरूक किया जाएगा। राज्य में सत्तर फीसदी आबादी कृषि क्षेत्र से जुड़ी हुई है।
साठ फीसदी क्षेत्र पूरी तरह से बारिश पर निर्भर है। इस चुनौती से निपटने के लिए कृषि संस्थानों को बीज, पौधे सहित नवीनतम तकनीकों को प्रयोगशाला से खेतों तक पहुंचाया जाए। राज्य में 1500 करोड़ रुपये के डेयरी, पोल्ट्री, मछली और दूध उत्पादों आ आयात हो रहा है, जबकि हमें आत्मनिर्भर बनकर इन उत्पादों का निर्यात करने की स्थिति में होना चाहिए।