Amarnath Yatra 2023: अमरनाथ यात्रा को लेकर उच्च स्तरीय बैठक, बीआरओ को मार्गों की जल्द मरम्मत करने के निर्देश
वार्षिक पवित्र अमरनाथ यात्रा के इतिहास में पहली अमरनाथ यात्रा के ट्रैक के रखरखाव की जिम्मेदारी बॉर्डर रोड आर्गनाइजेशन (बीआरओ) को दी गई है। पवित्र यात्रा आमतौर पर जून या जुलाई के महीने में गंदरबल जिले के बालटाल से शुरू होती है।
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जम्मू कश्मीर राजभवन में अमरनाथा यात्रा को लेकर उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसमें एलजी मनोज सिन्हा ने सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) तय समायावधि में श्री अमरनाथ यात्रा के दोनों मार्गों की मरम्मत व मार्ग को चौड़ा करने की संभावनाओं को तलाशने को कहा।
उन्होंने श्री अमरनाथ यात्रा के मार्गों की मरम्मत और उन्हें चौड़ा करने का कार्य सीमा सड़क संगठन को सौंपे जाने के बाद अब तक हुई प्रगति की जानकारी हासिल की। उप राज्यपाल को इस अवसर पर बताया गया कि यात्रा मार्गों को चौड़ा करने की संभावनाओं को तलाशने के लिए ड्रोन के माध्यम से सर्वे का काम किया जा रहा है।
इस अवसर पर श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सदस्य केएन राय, लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव शैलेंद्र कुमार, सीमा सड़क संगठन के मुख्य अभियंता ब्रिगेडियर साकेत सिंह, उप राज्यपाल के अतिरिकत सचिव अक्षय लाबरू और बोर्ड के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल सिंह मौजूद रहे।
पहली बार बीआरओ की ओर से यात्रा मार्ग से बर्फ हटाने का काम शुरू
वार्षिक पवित्र अमरनाथ यात्रा के इतिहास में पहली अमरनाथ यात्रा के ट्रैक के रखरखाव की जिम्मेदारी बॉर्डर रोड आर्गनाइजेशन (बीआरओ) को दी गई है। पवित्र यात्रा आमतौर पर जून या जुलाई के महीने में गंदरबल जिले के बालटाल से शुरू होती है। 15 किलोमीटर लंबे दुर्गम मार्ग से चढ़ाई करते हुए यात्री पवित्र गुफा तक पहुंचते हैं।
यह ट्रैक मौसम की स्थिति के आधार पर काफी संकीर्ण और जोखिम भरा है। बीआरओ ने ट्रैक से बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया है और बालटाल आधार शिविर से अमरनाथ गुफा तक के मार्ग पर नवीनतम तकनीक से लैस मशीनरी और कर्मचारियों को तैनात किया है, जो हड्डियां कंपा देने वाली ठंड और भीषण चुनातियों के बीच करीब 15 फुट बर्फ को काटकर रास्ता बना रहे हैं।
आरएंडबी विभाग ने सरकार के निर्देशों के तहत इस ट्रैक पर काम बंद कर दिया है। अब पूरा काम बीआरओ की 122 आरसीसी के नियंत्रण में है। ट्रैक पर बर्फ हटाने का कार्य कर रहे बीकन की 122 आरसीसी की एक कर्मचारी नज़ीर अहमद मीर ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से अमरनाथ यात्रा के ट्रैक पर बर्फ हटाने का काम शुरू किया है।
इस साल संभावना है कि 1 जुलाई से पवित्र यात्रा शुरू होगी। लेकिन उससे पहले सभी कार्यों को पूरा करने की कोशिश करेंगे। फिलहाल बर्फ की कटाई चल रही है और जैसे ही स्नो क्लीयरेंस का कार्य पूरा होगा उसके बाद ट्रैक की मरम्मत और उसे चौड़ा करने का कार्य शुरू किया जाएगा। ट्रैक को यात्रियों, पालकी वालों, घोड़े वालों, आदि की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए चौड़ा किया जाएगा ताकि उनके आने जाने में कोई दिक्कत न आए।
बालटाल से पवित्र गुफा तक हटाई जा रही बर्फ
122 आरसीसी के ऑफिसर कमांडिंग (ओसी) दिनेसन कराई ने बताया कि बालटाल से पवित्र गुफा तक का करीब 15 किलोमीटर का ट्रैक है, जिससे बर्फ हटाई जा रही है। दोमेल से आगे जो ट्रैक पर स्थिति सही होते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
ट्रैक वही रहेगा लेकिन उसी को ठीक करना है। उसको 12 फुट के करीब चौड़ा करना है। इसके लिए सरकार को डीपीआर सौंप दी है। पहली बार हमारे पास इसकी ज़िम्मेदारी आई है। दोमेल से लेकर पवित्र गुफा तक के ट्रैक पर कई जगहों पर चुनौतियां भी हैं।
पहले चरण में बालटाल से दोमेल तक का स्नो क्लीयरेंस करना है और उसके बाद दूसरे चरण में ट्रैक पर काम शुरू किया जाएगा। अब बालटाल से पवित्र गुफा तक की ज़िम्मेदारी बीआरओ के पास है। 2022 में पवित्र गुफा के पास त्रासदी हुई थी, कई जानें गई थीं। तब वहां मशीनें नहीं पहुंच पाई थीं। इसे ध्यान में रखते हुए ऐसा ट्रैक तैयार किया जाएगा ताकि मशीनरी, एम्बुलेंस वहां समय पर किसी आपातकालीन स्थिति में पहुंच सके। - सुनील कुमार, जेई, बीआरओ