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एबीवीपी की मांग: केंद्रीय विवि पुस्तकालय से ली गई किताबों पर माफ हो जुर्माना
Tue, 07 Sep 2021 09:05 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Tue, 07 Sep 2021 09:05 PM IST
सार
एबीवीपी ने यूजी, पीजी और पीएचडी प्रवेश शुल्क भी कम करने की उठाई मांग।
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एबीवीपी
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विस्तार
केंद्रीय विश्वविद्यालय पुस्तकालय से ली गई पुस्तकों पर छात्रों और शोधार्थियों को लगाया गया जुर्माना माफ करे। इसके साथ ही यूजी, पीजी और पीएचडी प्रवेश शुल्क भी कम किया जाए। यह मांग अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) जम्मू इकाई ने सोमवार को डीन स्टूडेंट वेलफेयर को ज्ञापन सौंपकर उठाई। कहा कि कोरोना काल से पहले छात्रों, शोधार्थियों और अध्यापकों ने पुस्तकालय से पुस्तकें मंजूर करवाई थीं, लेकिन महामारी के बाद शिक्षण संस्थान बंद हो गए। इस वजह से पुस्तकें जमा करने में देरी हुई है।
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एबीवीपी अध्यक्ष शुभम रैना ने बताया कि समय पर पुस्तकें जमा न करवाने का पुस्तकालय ने जुर्माना लगा दिया है। कई विद्यार्थी और शोधार्थी जुर्माना भरने में सक्षम नहीं हैं। एबीवीपी के सचिव अनुभव शर्मा और संयुक्त सचिव हैप्पी शर्मा ने बताया कि यूजी, पीजी और पीएचडी के शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए प्रवेश शुरू होने जा रहा है। विवि द्वारा निर्धारित की गई फीस ज्यादा है। इसे भी कम किया जाए।
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अभ्यर्थी सीयूसीटी की परीक्षा पास करते हैं, तो उनको फीस में रियायत देनी चाहिए। उधर, केंद्रीय विवि पुस्तकालय सहायक रोमेश चंद्र ने बताया कि कोरोना से पहले किताबें लेने वालों को ही निर्धारित तारीख तक पुस्तकें जमा न करवाने का नियम अनुसार जुर्माना किया है। जिन्होंने कोरोना काल के बीच पुस्तकें ली हैं, उन्हें कोई जुर्माना नहीं लगाया गया है।
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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का मांगपत्र मिला है। कोरोना काल के मद्देनजर उनकी मांगें न्यायोचित हैं। इन मांगों के संबंध में विश्वविद्यालय के उच्च अधिकारियों से विचार-विमर्श कर समस्या का समाधान करवाया जाएगा। - प्रो. रसाल सिंह, डीन स्टूडेंट वेलफेयर, सीयू जम्मू