{"_id":"5a15dcec4f1c1b9f678bd0a2","slug":"61511382252-jammu-and-kashmir-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेल लिंक परियोजना बनने से तबाह हो गए जलस्रोत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेल लिंक परियोजना बनने से तबाह हो गए जलस्रोत
Updated Thu, 23 Nov 2017 01:54 AM IST
विज्ञापन
उधमपुर-श्रीनगर बारामुला रेल लिंक पर निर्माण होने के कारण जल स्रोत तबाह हो गए हैं। इससे इलाके में पानी की लगातार कमी होती जा रही है। इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में बड़ी परेशानी होगी।
एसएसपी ताहिर सज्जाद भट्ट के दिशा निर्देश पर ज्योतिपुरम के एसएचओ विनोद कुमार ने तहसील भमाग के गांव बलडडा तथा सेर सुण्डुयां मेें पुलिस पब्लिक बैठक का आयोजन करवाया। इसमें ग्रामीणाें ने रेलवे की तरफ से किए जाने वाले कार्य के दौरान जल स्रोतों पर ध्यान दिए जाने को कहा। इसके अलावा स्थानीय बेरोजगारों को रेलवे की कंपनियों में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए जाने की मांग की। ग्रामीणाें ने कहा कि तहसील घोषित होने के बाद भी भमाग के तहसीलदार का कार्यालय जिला मुख्यालय में बना हुआ है। इससे आम लोगों को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ती है। बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में चलने वाले वाहनों की कोई स्पीड तय नहीं है इस कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
विज्ञापन
एसएसपी ताहिर सज्जाद भट्ट के दिशा निर्देश पर ज्योतिपुरम के एसएचओ विनोद कुमार ने तहसील भमाग के गांव बलडडा तथा सेर सुण्डुयां मेें पुलिस पब्लिक बैठक का आयोजन करवाया। इसमें ग्रामीणाें ने रेलवे की तरफ से किए जाने वाले कार्य के दौरान जल स्रोतों पर ध्यान दिए जाने को कहा। इसके अलावा स्थानीय बेरोजगारों को रेलवे की कंपनियों में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाए जाने की मांग की। ग्रामीणाें ने कहा कि तहसील घोषित होने के बाद भी भमाग के तहसीलदार का कार्यालय जिला मुख्यालय में बना हुआ है। इससे आम लोगों को आने-जाने में परेशानी उठानी पड़ती है। बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में चलने वाले वाहनों की कोई स्पीड तय नहीं है इस कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
विज्ञापन