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कटड़ा में मजदूरों और दुकानदारों ने किया प्रदर्शन
Updated Wed, 15 Nov 2017 11:50 PM IST
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कटड़ा में मजदूरों और दुकानदारों ने किया प्रदर्शन
कटड़ा। कटड़ा-अर्द्धकुंवारी नए मार्ग को जल्द खोले जाने के एनजीटी के आदेश के विरोध में भवन मार्ग पर कार्य करने वाले सैकड़ों मजदूरों और प्राचीन मार्ग के दुकानदारों ने जमकर हंगामा किया। एनजीटी और श्राइन बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विशाल जुलूस निकाला तथा मार्ग खुलने पर सड़कों पर उतरने की चेतावनी भी दी गई।
बुधवार को सैकड़ों मजदूरों की हंगामेदार बैठक यूनियन प्रधान भूपिंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान सिंह ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण का हवाला देकर हजारों मजदूरों को बेरोजगार करने का प्रयास श्राइन बोर्ड ने योजनाबद्ध तरीके से किया है। जबकि नए मार्ग का निर्माण हरियाली लील कर किया गया है। इस पर एनजीटी खामोश रही। प्रदूषण का माध्यम घोड़े-खच्चर नहीं, बल्कि वाहन होते हैं। उन्हीं वाहनों को चलाने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि हजारों मजदूरों का रोजगार खत्म न हो।
वहीं प्राचीन मार्ग के दुकानदारों का नेतृत्व कर रहे सोहन सिंह ने कहा कि श्राइन बोर्ड का गठन धार्मिक स्थलों को विकसित करने के उदेश्य से किया गया था। जबकि नए मार्ग के माध्यम से यात्रा के प्रमुख पड़ावों को समाप्त किया जा रहा है। हजारों की संख्या में दुकानदार इससे बेरोजगारी पर उतर आएंगे। मजदूरों और दुकानदारों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर 24 नवंबर को नया मार्ग खोला जाता है तो वह सड़कों पर उतर आएंगे।
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कटड़ा। कटड़ा-अर्द्धकुंवारी नए मार्ग को जल्द खोले जाने के एनजीटी के आदेश के विरोध में भवन मार्ग पर कार्य करने वाले सैकड़ों मजदूरों और प्राचीन मार्ग के दुकानदारों ने जमकर हंगामा किया। एनजीटी और श्राइन बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विशाल जुलूस निकाला तथा मार्ग खुलने पर सड़कों पर उतरने की चेतावनी भी दी गई।
बुधवार को सैकड़ों मजदूरों की हंगामेदार बैठक यूनियन प्रधान भूपिंद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान सिंह ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण का हवाला देकर हजारों मजदूरों को बेरोजगार करने का प्रयास श्राइन बोर्ड ने योजनाबद्ध तरीके से किया है। जबकि नए मार्ग का निर्माण हरियाली लील कर किया गया है। इस पर एनजीटी खामोश रही। प्रदूषण का माध्यम घोड़े-खच्चर नहीं, बल्कि वाहन होते हैं। उन्हीं वाहनों को चलाने की बात कही जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को मामले में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए ताकि हजारों मजदूरों का रोजगार खत्म न हो।
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वहीं प्राचीन मार्ग के दुकानदारों का नेतृत्व कर रहे सोहन सिंह ने कहा कि श्राइन बोर्ड का गठन धार्मिक स्थलों को विकसित करने के उदेश्य से किया गया था। जबकि नए मार्ग के माध्यम से यात्रा के प्रमुख पड़ावों को समाप्त किया जा रहा है। हजारों की संख्या में दुकानदार इससे बेरोजगारी पर उतर आएंगे। मजदूरों और दुकानदारों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर 24 नवंबर को नया मार्ग खोला जाता है तो वह सड़कों पर उतर आएंगे।
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