NIT विवाद: एमएचआरडी की टीम लौटी, 1200 छात्र घरों को रवाना हुए
- परीक्षाएं मंगलवार को भी हुईं। इसमें कुछ गैर कश्मीरी छात्र भी शामिल हुए
- छात्रों ने बताया उनकी मुख्य तीन मांगें हैं
- लगभग 1200 गैर कश्मीरी छात्र घरों को रवाना हो गए
- 'जम्मू आकर श्रीनगर की दहशत से मिला सकून’
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एनआईटी से लगभग 1200 गैर कश्मीरी छात्र घरों को रवाना हो गए हैं। संस्थान के रजिस्ट्रार फैयाज अहमद मीर ने बताया कि परिसर में हालात सामान्य हैं। परीक्षाएं मंगलवार को भी हुईं। इसमें कुछ गैर कश्मीरी छात्र भी शामिल हुए।
लेकिन हास्टल में रहने वाले छात्रों ने यह कहते हुए परीक्षा नहीं दी कि गतिरोध के चलते वे परीक्षा की तैयारी नहीं कर पाए हैं। उन्होंने बताया कि मानव संसाधन मंत्रालय की टीम दिल्ली लौट गई है जो अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को देगी।
छात्रों ने बताया उनकी मुख्य तीन मांगें हैं। श्रीनगर से एनआईटी को दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाए या गैर कश्मीरी छात्रों को देश के अन्य राज्यों की एनआईटी में शिफ्ट किया जाए। श्रीनगर में जिन पुलिसकर्मियों ने उन पर बर्बरता पूर्ण लाठीचार्ज किया था उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। श्रीनगर एनआईटी के स्टाफ को बदला जाए। उनका आरोप है कि इंस्टीट्यूट के स्टाफ उन्हें फेल करने की धमकी दे रहे हैं।
जम्मू आकर श्रीनगर की दहशत से मिला सकून’
दहशत के साये से रातों रात जम्मू पहुंचे एनआईटी के गैर कश्मीरी छात्रों ने जम्मू पहुंचकर सकून पाया। इस सकून के बीच तिरंगे को लेकर उनका जोश कम नहीं था। कहीं न कहीं उन्हें अपने भविष्य की भी चिंता सता रही थी।इन छात्रों ने कहा कि अगर उन्हें श्रीनगर जाकर दोबारा शिक्षा हासिल करनी होगी तो उनकी जान को खतरा हो सकता है।
अब माहौल एकजुटता का है। समय बीतने के साथ सभी छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित होंगे। कालेज के अंदर हालात सही नहीं है। कुछ शरारती व असामाजिक तत्वों का भी कश्मीरी छात्रों को समर्थन प्राप्त है। कालेज के अंदर भयावह स्थिति है। छात्र सही तरीके से तैयारी नहीं कर पा रहे हैं।
छात्राएं भी खौफजदा हैं। कालेज का स्टाफ भी देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है। इससे पहले मीडिया से बात करने से इन छात्रों ने यह कहते हुए इंकार कर दिया कि अभी तक वह सदमे से उबर नहीं पाए हैं। नई दिल्ली के जतंर-मंतर पहुंचकर ही अपनी मांगों को उजागर करेंगे।